युवराज सिंह की टॉप10 ख़ास पारियां - Sportzwiki
क्रिकेट

युवराज सिंह की टॉप10 ख़ास पारियां

  • स्टाइलिश बाएं हाथ के खिलाडी युवराज सिंह का 2011 के विश्व कप के बाद घातक कैंसर बीमारी से उभरने के बाद अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेना बाकी है. वनडे क्रिकेट में वह अब उतने अच्छे नहीं रहे, कैंसर को मात देने के बाद युवी ने 19 मैच खेले हैं इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतक बनाए थे और आखिरी बार दिसंबर 11, 2013 में भारत के लिए खेले थे. बहरहाल युवराज को 2015 विश्व कप के लिए नहीं चुना गया था. इस 33 वर्षीय खिलाडी ने अपने 13 वर्षीय क्रिकेट करियर के दौरान भारतीय क्रिकेट में एक बहुत बड़ा योगदान दिया और प्रशंसकों के दिलो में जगह बनाई.

    आइये देखते हैं युवराज सिंह की टॉप10 ख़ास पारियां –

    1. 84 बनाम ऑस्ट्रेलिया , पहली वनडे पारी
    युवराज सिंह ने 3 अक्टूबर, 2000 को केन्या के खिलाफ 2000 चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी शुरुआत की थी. हालाँकि इस दौरान युवी को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला क्योंकि भारत आठ विकेट से केन्या से जीत गया था. अगले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ युवराज ने अपनी बल्लेबाजी करियर की शुरुआत करते हुए 80 गेंदों में 84 रन बना डाले जोकि मैच में उच्चतम स्कोर था. भारत ने 20 रन से ऑस्ट्रेलिया को हराया जिसमे युवी का ख़ास योगदान रहा.

    2. 69 लॉर्ड्स, नेटवेस्ट वनडे फाइनल में
    भारत बनाम इंग्लैंड के बीच फाइनल ने वनडे इतिहास की दिशा बदल दी. इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 325 रन बनाए. जवाब में सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग ने भारतीय पारी की शुरुआत की. इन दोनों बल्लेबाज़ों की 15 ओवर में 106 की साझेदारी रही. गांगुली 60 रन बनाकर आउट हो गये. इसके बाद सहवाग, दिनेश मोंगिया , सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जल्द ही पविलियन लौट गए. भारत की उमीदों पर पानी फिरता दिख रहा था. लेकिन, 34 मैच पुराने युवराज सिंह अच्छी फार्म में थे और युवा बल्लेबाज मोहम्मद कैफ के साथ मिलकर इन्होने बढ़िया प्रदर्शन करना शुरू किया. युवराज ने मैच जीतने के लिए नौ चौके और एक छक्के की मदद से अपने 69 रनों का योगदान दिया. और कैफ के साथ एक शानदार 146 रन की साझेदारी की. जबकि मोहम्मद कैफ ने नाबाद 87 रन बनाए थे. भारत ने दो विकेट से मैच जीता था.

    3. पहला वनडे शतक
    बांग्लादेश के साथ भारत के मुकाबले में भारत ने 200 रन से बांग्लादेश को हरा दिया था. इस दौरान अस्थिर बांग्लादेश गेंदबाजी के खिलाफ युवी ने अपना पहला वनडे शतक जमाया.

    4. दूसरा वनडे शतक
    वर्ष 2003/2004 में सौरव गांगुली भारत का एक त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए नेतृत्व कर रहे थे. भारत उन्ही मैचों में से एक में सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेल रहा था. भारत 2 विकेट से मैच हार गया था लेकिन युवराज सिंह के 143 गेंदों पर 139 रनों ने सबका ध्यान खींचा. युवराज सिंह ने वीवीएस लक्ष्मण के साथ बढ़िया 211 रनों की साझेदारी निभाई थी. भारत बेशक मैच हार गया लेकिन युवी ने अपनी क़ाबलियत का बखूबी प्रदर्शन किया.

    5. टी 20 विश्व कप 2007 में स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंदों पर छह छक्के
    दक्षिण अफ्रीका में विश्व टी -20 2007 के उद्घाटन मैच में भारत डरबन में इंग्लैंड के खिलाफ ग्रुप ‘ई’ मैच खेल रहा था. इस दौरान युवी ने क्रिकेट के किसी भी प्रारूप के इतिहास में स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंदों पर छह छक्के लगाकर सबसे तेजी से पचास रन पुरे किये थे. भारत 218 पर पहुंच गया था और फिर केवल 18 रन से मैच में जीत हासिल की.

     

    6. 2007 विश्व टी -20 का सेमीफाइनल
    डरबन में अगले टी -20 मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने पहले बल्लेबाजी करने आये गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग से एक अच्छी शुरुआत की लेकिन दोनों जल्द ही आउट हो गये. रॉबिन उथप्पा और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 15 ओवर में 125 के लिए भारत का नेतृत्व किया. उथप्पा के आउट होने के बाद युवराज बल्लेबाज़ी करने आये. युवी ने पांच छक्के और पांच चौके मार कर 38 गेंदों पर ही 70 रन बटोर लिए. भारत ने कुल 188 रन का स्कोर खड़ा किया. ऑस्ट्रेलिया 15 रनों से चूक गया और भारत ने टी 20 विश्व कप की पहली टीम के रूप में फाइनल में जगह बनाई.

    7. इंग्लैंड के खिलाफ दो वनडे शतक
    वर्ष 2008 में इंग्लैंड भारत के दौरे पर था. इस दौरान युवराज सिंह इंग्लैंड के गेंदबाज़ो पर भारी पड़े. राजकोट में श्रृंखला के पहले एकदिवसीय मैच में युवी ने अपनी नाबाद 138 रनों की पारी खेली थी जिसमे भारत ने विशाल 387 रन बनाए और 158 रन से मैच जीत लिया था. इंदौर में दूसरे मैच में भी युवराज ने 118 बनाकर अपना दूसरा शतक जड़ा. भारत ने 54 रन से मैच जीत लिया था.

    8. लाहौर में 129 गेंदों पर 112 रन
    यह एक ऐतिहासिक श्रृंखला थी क्योंकि भारत 14 साल के बाद पाकिस्तान का दौरा कर रहा था. भारत ने 3-2 और 2-1 से क्रमशः दोनों वनडे और टेस्ट सीरीज में जीत हासिल कर थी. भारत वनडे सीरीज जीतने के बाद तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला में खेल रहा था. दूसरे मैच में पाकिस्तान मजबूत लग रहा था. भारत ने पहले बल्लेबाज़ी की. यह युवी के करियर का चौथा टेस्ट था. जब राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग जैसे बल्लेबाज उमर गुल का सामना करने में विफल रहे तब युवराज सिंह ने अपना पहला टेस्ट शतक जमाया लेकिन शतक व्यर्थ में चला गया क्योंकि पाकिस्तान ने 9 विकेट से भारत को हरा दिया था.

    9. बंगलौर में पाकिस्तान के खिलाफ 169
    2007 में भारत पाकिस्तान के बीच मुकाबले में युवराज की एक और शानदार पारी देखने को मिली. यह श्रृंखला का तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच था. भारत पहले बल्लेबाज़ी कर रहा था. युवराज सिंह और सौरव गांगुली के बीच 300 रन की साझेदारी ने मैच की दिशा बदल दी. इस दौरान गांगुली ने टेस्ट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर 239 रन बनाए और युवी ने टेस्ट में अपने सर्वश्रेष्ठ 169 रन बनाये. लेकिन यह मैच ड्रा रहा.

    10 .2011 के विश्व कप में मैन ऑफ़ द सीरीज अवार्ड
    युवराज ने पहले ही एक बल्लेबाज के रूप में अपनी छवि ऐसी बना ली थी जोकि अकेले अपने दम पर ही मैच जीत सकता था. 2011 के विश्व कप में इन्होने भारत के लिए अद्भुत प्रदर्शन किया. इस ऐतिहासिक विश्व कप में जो कि भारत ने 28 साल बाद जीता था इसमें युवी ने चार अर्धशतक और एक शतक लगाया था. जबकि गेंदबाज़ी में भी अपना कमाल दिखाते हुए इन्होने 16 विकेट झटके थे. उन्हें इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें मैन ऑफ़ द सीरीज अवार्ड दिया गया.

    sw
    Click to comment

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Most Popular

    Top