महान क्रिकेटरों के बेटे , जो रहे क्रिकेट में विफल! - Sportzwiki
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महान क्रिकेटरों के बेटे , जो रहे क्रिकेट में विफल!

  • क्रिकेट के खेल ने विश्वभर में कई सितारों को जन्म दिया. और इस खेल ने उन्हें नाम ,शौहरत व् पैसा सब कुछ दिया.  लेकिन कुछ क्रिकेटर्स ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलकर वही मुकाम हासिल करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे.

    माली रिचर्ड , सर विवियन रिचर्ड के बेटे
    विवियन रिचर्ड कॅरीबीयन द्वीपों से बहार उभरने वाले महान क्रिकेटरों में से एक थे. लेकिन उनका बेटा माली क्रिकेट जगत में सफल न हो स्का. 1983 में टांटन, सोमेरेस्ट में जन्मे माली इंग्लैंड में यूनिवर्सिटी स्तर पर खेल और अंग्रेजी काउंटी में मिड्लसेक्स का प्रतिनिधित्व भी किया लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कभी वेस्ट इंडीज का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाये . बाएं हाथ के इस खिलाडी ने अलग अलग टीमों की ओर से 11 मैच खेले लेकिन मात्र अर्धशतक बनाने में भी कामयाब न हुए.  
    हालाँकि उन्होंने 2003 में अमेरिका वर्जिन द्वीप समूह के खिलाफ एक गैर प्रथम श्रेणी के खेल में अण्टीगुआ और बारबुडा के लिए 319 स्कोर किया था.

    रोहन गावस्कर, सुनील गावस्कर के बेटे
    सुनील गावस्कर टेस्ट क्रिकेट में दस हजार रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ थे और जब 2004 में उनके बेटे का भारतीय टीम में चयन हुआ तो उनसे भी काफी उम्मीदे थी. शुरुवात में रोहन ने अच्छा प्रदर्शन किया और ज़िंबाबवे के खिलाफ एडिलेड में हुए मैच में अर्धशतक लगाया. पर वह लगातार बढ़िया प्रदर्शन करने में सफल नही हो पाये. आखिरी बार भारत के लिए वे 2004 में चैंपियंस ट्रॉफी में खेले थे. उसके बाद आई सी एल में और फिर 2010 में आईपीएल में कोल्कता के लिए खेले.

    रिचर्ड हटन, सर लेन हटन के बेटे
    सर लेन हटन इंग्लैंड के एक महान खिलाडी थे. 1938 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 364 रन बनाकर रिकॉर्ड बनाया जो कि बीस साल बाद टूटा. इनके बेटे रिचर्ड ने 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ अपने करियर की शुरुवात की. रिचर्ड की गेंदबाज़ी बढ़िया थी और अपनी शुरुवात में ही इस खिलाडी ने कई विकेट लिए . हालाँकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिचर्ड आगे नहीं बढ़ पाये.

    क्रिस काउड्रे, कोलिन काउड्रे के बेटे
    क्रिस 1984 में इंग्लैंड के क्रिकेट दस्ते में शामिल हुए. क्रिस ने बॉम्बे में अपने टेस्ट खेल की शुरुवात की और अपने पहले ओवर में ही पहली विकेट लेने में सफल रहे. क्रिस ने कपिल देव की विकेट ली थी. वह 1988 में दोबारा चयनित किये गए इस दौरान उन्होंने 6 टेस्ट  और 3 ओडीआई खेले लेकिन अपना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाये.

    sw
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