टॉप 5 बल्लेबाज जिन्होंने अकेले अपने दम पर टीम को संभाला - Sportzwiki
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टॉप 5 बल्लेबाज जिन्होंने अकेले अपने दम पर टीम को संभाला

  • क्रिकेट के खेल में ऐसे कई मौके व् उदहारण देखने को मिलते हैं जिनमे टीम के सभी खिलाड़ी ताश के पत्तों  की तरह ढेर हो जाते हैं| और फिर कोई एक खिलाडी किसी फ़िल्मी हीरो की तरह अकेले अपने दम पर अपनी टीम को बुरे हालातों से बाहर निकालता है.

    यहाँ हम बात कर रहे हैं ऐसे ही टॉप-5 बल्लेबाज़ों की जिन्होंने अकेले अपने बलबूते पर अपनी टीम को संभाला:

    # 1 शाकिब अल हसन

    बांग्लादेश टीम का यह एक प्रतिभाशाली व् बेहतरीन खिलाडी है. जिस तरह श्रीलंका के लिए अर्जुन रणतुंगा ने योगदान दिया उसी तरह शाकिब अल हसन ने बांग्लादेश के लिए किया. 28 की उम्र में और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के महज नौ साल के साथ शाकिब 6 शतक और 30 अर्धशतक के साथ बांग्लादेश के इतिहास में दूसरे सर्वाधिक रन स्कोरर हैं. खेल के इतिहास में इन्होने सबसे तेज़ी से 200 विकेट और दोहरे 4000 रन पुरे किये. इसके अलावा वह वनडे में अपने देश के लिए प्रमुख विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने से केवल 6 विकेट दूर है. वहीँ टेस्ट मैचों में 147 विकेट के साथ वह चार्ट पर टॉप पर हैं. उनके आंकड़ों से पता चलता है की उन्होंने अपने इस अवधि के करियर में अपनी टीम के लिए क्या योगदान दिया.

    # 2 शिवनारायण चंद्रपाल

    वेस्ट इंडीज के यह बेहतरीन बल्लेबाज़ 51.37 की औसत के साथ सर्वाधिक टेस्ट रन स्कोर करने वाले ब्रायन लारा के बाद दूसरे वेस्ट इंडीज खिलाडी हैं. वनडे में रामनरेश सरवन को छोड़कर चंद्रपाल की अपने बाकि साथियों से बढ़िया औसत रही है. टेस्ट क्रिकेट में दुनिया के पूर्व नंबर 1 खिलाडी अपनी दृढ़ता और उत्सुकता के लिए जाना जाता है. 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी लाइन अप में चंद्रपाल की भूमिका का बखान करने के लिए शायद सही होगी. इस दौरान इस पराक्रमी बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 5 पारी में 346 रन बनाये थे, जबकि टीम के बाकी खिलाड़ी कंगाल लौटे व् अन्य सर्वोच्च कुल 186 रहा.

     

    # 3 केविन पीटरसन

    दक्षिण अफ्रीका में जन्में केविन पीटरसन का 2005 और 2008 के बीच चार साल की अवधि के दौरान अकेले ही अंग्रेजी बल्लेबाजी लाइन-अप पर बोलबाला रहा. कई बार ऐसा हुआ जब इंग्लैंड टीम अपने इस खिलाड़ी पर निर्भर रही. 2005 में इन्होने अपनी टीम के लिए काफी रन बटोरे और 65.33 की औसत से तीन शतक के साथ इन्होने वर्ष की समाप्ति की. कैरेबियन में 2007 के विश्व कप में वह दो शतक और तीन अर्द्धशतक के साथ इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक स्कोरर के रूप में उभरे.

    # 4 मिस्बाह-उल-हक

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शुरआत करने के बाद किसी को उम्मीद नहीं थी कि इन्हे इतनी जल्दी टीम की कप्तानी सौंप दी जाएगी. मिस्बाह ने 2011 आईसीसी विश्व कप में पाकिस्तान के लिए एक श्रृंखला में 8 मैचों में 248 रन बनाए और उमर अकमल के साथ अपनी टीम के लिए एक स्थिर योगदान दिया. विश्वकप के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला में उन्होंने 92.00 की औसत से 184 रन बनाए. दायें हाथ के बल्लेबाज ने 2012-13 वनडे सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता. वह 7 पारियों में 75.10 के करीब औसत के साथ 2015 विश्व कप में पाकिस्तान के लिए अग्रणी रन स्कोरर थे. इन्होने अपने बढ़िया खेल प्रदर्शन से पाकिस्तानी टीम को मजबूती प्रदान की.

    # 5 सचिन तेंदुलकर

    भारतीय टीम के दिग्गज व् महान खिलाडी रहे सचिन तेंदुलकर के नाम कई रिकॉर्ड हैं. इन्होने कई मौको पर टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है. जनवरी 1990 और दिसंबर 1999 के बीच भारत ने जो वनडे मैच जीते उनमे सचिन की औसत( 61.77) दूसरे स्थान पर सौरव गांगुली से दोगुना रही. देश से दूर मैचों में सचिन की औसत 52.00 थी और टीम काफी हद तक उन पर निर्भर थी. यहां तक ​​कि घर से दूर टेस्ट में भी वह उच्चतम रन स्कोरर की सूची में सबसे ऊपर हैं.

    sw
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