एक लोकतांत्रिक देश में विरोध करना जायज माना जाता है। लेकिन क्रिकेट में ऐसा नहीं है। क्रिकेट में अंपायर का विरोध करना कई बार भारी भी पड़ जाता है। कई बार क्रिकेट खिलाडि़यों ने अंपायर के फैसले के बाद मैदान में उतरने से साफ इंकार कर दिया। यहां जाने ऐसे ही पांच मामले:

1983 में जब जहीर अब्‍बास ने मैदान में टीम उतारने से कर दिया था इंकार

1983 में पाकिस्‍तान भारत के दौरे पर आई थी। इसी सीरीज के पहले टेस्‍ट मैच में खेल ड्रा की ओर जा रहा था। तभी जहीर अब्‍बास ने ओवर फेंकने से मना कर दिया। वे अपनी टीम के साथ मैदान के बाहर चले गए, इसके बाद भी गावस्‍कर अड़े रहे। हालांकि अंपायर के जहीर अब्‍बास को काफी समझाने के बाद पूरी पाक टीम मैदान पर लौट कर आई लेकिन किसी ने फील्डिंग नहीं की। इसके बाद सुनील गावस्‍कर ने शतक भी पूरा किया। हालांकि जब मैच की पांच गेंदें शेष थी तो पाक टीम मैदान के बाहर चली गई।

सुनील गावस्‍कर को करना पड़ा खराब अंपायरिंग का सामना

सन 1981 में ऑस्‍ट्रेलिया के मेलबर्न में खेले गए टेस्‍ट मैच में ऐसी घटना घटी जो सुनील गावस्‍कार को नागवार गुजरी। ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ इस टेस्‍ट मैच में सुनील गावस्‍कर ने खराब अंपायरिंग का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा कि, सात फैसले भारत के खिलाफ गए। एक गेंद पर सुनील गावस्‍कर को एलबीडब्‍लयू आउट दे दिया गया, जो कि वह नॉट आउट थे। इसके विरोध में सुनील गावस्‍कर ने नॉन स्‍ट्राइकर एंड पर खड़े चेतन चौहान को भी मैदान से बाहर चलने को कह दिया। काफी देर तक चले इस ड्रामे के बाद चेतन चौहान दिलीप वेंगसरकर के साथ मैदान पर बल्‍लेबाजी करने उतरे तब कहीं जाकर मैच शुरु हो सका।

अर्जुन रणतुंगा अपनी टीम को ले गए मैदान के बाहर

सन् 1999 में इंग्‍लैंड के खिलाफ मैच में मुरलीधरन की गेंदबाजी एक्‍शन को लेकर विवाद हो गया। अंपायर ने उनकी गेंद को नो बॉल करार दिया। इसके बाद तत्‍कालीन वक्‍त में श्रीलंकाई टीम के कप्‍तान रहे अर्जुन रणतुंगा काफी गुस्‍सा हो गए। वे अपनी टीम के साथ बाउंड्री लाइन पर चले गए और खेल काफी देर तक रुका रहा। बोर्ड के अधिकारियों द्वारा समझाए जाने के बाद मैच फिर से शुरु हो सका।

 

पाकिस्‍तान के इंजामाम उल हक ने जताया विरोध

साल 2006 में इंग्‍लैंड और पाक के बीच खेले गए टेस्‍ट मैच में बॉल टैम्‍परिंग विवाद हो गया। चौथे दिन अंपायर ने इंग्‍लैंड टीम को पांच रन पैनल्‍टी के तौर पर दे दिए और बॉल को भी बदल दिया। पाक टीम के कप्‍तान इंजमाम उल हक ने इसके बाद फील्डिंग करने से मना कर दिया। अंपायर ने कुछ देर इंतेजार करने के बाद इंग्‍लैंड टीम को जीत दे दी थी।

अंपायर के गलत फैसले के बाद वेस्‍टइंडीज टीम ने मैदान में आने से किया इंकार

1980 में क्राइस्‍टचर्च में वेस्‍टइंडीज बनाम न्‍यूजीलैंड मैच खेला गया। इस मैच में अंपायर ने जॉन पारकर के आउट होने के बाद भी नॉट आउट दिया। इसके बाद होल्डिंग ने स्‍टंप्‍स पर पैर मारकर उन्‍हें गिरा दिया। चाय में मैदान के बाहर जाने के बाद वेस्‍टइंडीज टीम ने दुबारा मैदान पर उतरने से साफ मना कर दिया। हालांकि 15 मिनटों की देरी के बाद टीम फिरसे मैदान में उतर गई।

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