क्रिकेट में 5 सबसे आश्चर्यजनक रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी - Sportzwiki
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क्रिकेट में 5 सबसे आश्चर्यजनक रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी

  • क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहाँ संख्या एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. हर श्रृंखला में जब भी मैच खेला जाता है तो या तो नया रिकॉर्ड स्थापित होता हैं या मौजूदा वाले रिकॉर्ड टूटते हैं और यह सब ही दर्शकों में दिलचस्पी बढ़ाते हैं. आइये देखते हैं क्रिकेट में 5 सबसे अप्रत्याशित रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी-

    # 1 मिस्बाह -उल -हक – टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज शतक ( 56 गेंदों में )
    पाकिस्तान के खिलाडी मिस्बाह उल हक़ ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे तेज टेस्ट शतक का रिकॉर्ड बनाया. इस टेस्ट की पारियों में उनका स्ट्राइक रेट 177.19 था. पाकिस्तान के लिए बढ़िया प्रदर्शन करते हुए मिस्बाह ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के गेंदबाजों को दो टूक जवाब दिया. अपने इस शानदार शतक में उन्होंने 11 चौके और 5 छक्के जमाए.

    # 2 जेम्स एंडरसन: टेस्ट क्रिकेट में सबसे महंगा ओवर (28 रन)
    जेम्स एंडरसन 29.72 की औसत से 380 विकेट लेने वाले आधुनिक युग के गेंदबाजी के महान खिलाड़ियों में से एक है. लेकिन ‘एशेज’ जैसी हाई प्रोफाइल प्रतियोगिता में जेम्स ने एक ओवर में प्रतिद्वंदी को 28 रन दे डाले. विरोधी टीम के बल्लेबाज़ बेली ने जेम्स की गेंदों पर जमकर शॉट्स खेले. पहली गेंद पर चौका, दूसरी गेंद पर छक्का, इसके बाद लेग साइड से कुछ रन बटोरे और फिर अंतिम दो गेंदों पर शानदार छक्के जड़े.

    # 3 वसीम अकरम : एक टेस्ट पारी में सर्वाधिक छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज़
    यह आश्चर्य की बात है कि क्रिकेट के महान व् दिग्गज खिलाडियों जैसे कि सर विवियन रिचर्ड्स , वीरेंद्र सहवाग, क्रिस गेल, शाहिद अफरीदी और भी कई क्रिकेटर्स को छोड़ एक टेस्ट पारी में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड एक निचले क्रम के बल्लेबाज वसीम अकरम को जाता है. यह विशेष पारी वसीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली. सकलैन मुश्ताक के साथ एक रिकॉर्ड 313 रन की साझेदारी में शामिल रहे. पाकिस्तान ने कुल 553 रन बनाये और वसीम 363 गेंदों पर 257 रन के साथ नाबाद रहे, अपनी इस लुभावनी पारी में इन्होने 22 चौके और 12 छक्के लगाये थे.

     

    # 4 ऑस्ट्रेलिया : जब जीतते जीतते हार गयी ऑस्ट्रेलिया
    ये एक वह टीम है जिसने टेस्ट मैचों की सबसे अधिक संख्या( 360) जीती है और जिसका टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक जीत का प्रतिशत ( 46.81 %) है. खेलने की अपनी शैली के साथ ऑस्ट्रेलिया विरोधियों को भयभीत करने के लिए जाना जाता है. लेकिन ये एक चौकाने वाली बात है कि सभी 3 मौकों पर यह टीम बड़ी आसानी से कैसे हार मान गयी.  सिडनी ग्रेगरी का दोहरा शतक और जॉर्ज गिफ़्फ़ेन्स के 161 रन की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने 586 का एक बड़ा कुल खड़ा किया. जवाब में विरोधी टीम 325 पर ही सिमट गयी. और ऑस्ट्रेलिया को 261 रन की बढ़त मिली. ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान जैक ब्लैकहॉम ने इंग्लैंड को फॉलो/ जारी रखने के लिए कहा. अल्बर्ट वार्ड के सौ रन और अन्य बल्लेबाज इंग्लैंड के लिए खेलते हुए 437 रन पर आउट हुए. जिससे कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए 177 का लक्ष्य खड़ा हुआ. लेकिन ऑस्ट्रेलिया सिर्फ 10 रन से हार गया.
    दूसरा नुकसान 1981 के प्रसिद्ध बॉथम की एशेज में सामने आया.इस दौरान भी ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड से 18 रन से हार का मुह देखना पड़ा.
    और तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया को यह नुकसान 2001 बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में भारत के खिलाफ उठाना पड़ा. ऑस्ट्रेलिया , अपनी पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 445 का कुल स्कोर बनाया जवाब में भारत 171 रन पर ही आउट हो गया. 274 की बढ़त के साथ ऑस्ट्रेलिया ने भारत को जारी रखने को कहा. भारत 232/4 पर मुसीबत में था लेकिन फिर द्रविड़ ने हालात संभाले. गांगुली ने 657/7 पर भारतीय पारी घोषित कर दी और ऑस्ट्रेलिया के लिए 384 रन का मुश्किल लक्ष्य निर्धारित किया. लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ 212 रन पर ही आउट हो गए और भारत 171 रन से मैच जीत गया.

    # 5 राहुल द्रविड़ : बल्लेबाज़ जो सर्वाधिक बार हुए बोल्ड आउट (55)
    द्रविड़ का क्रिकेट करियर 1996-2012 तक यानि 16 साल तक चला. इनके करियर को दो हिस्सा में कर दिया जाये तो 1996-2004 तक पहला भाग और 2005-2012 तक दूसरा भाग. अपने करियर के पहले भाग के दौरान वह 26 बार बोल्ड हुए जबकि दूसरे भाग के प्रारंभिक दौर में वह एक ठोस खिलाडी रहे लेकिन बाद में वे कई बार बोल्ड आउट हुए. और इस रिकॉर्ड का आंकड़ा 55 तक जा पहुंचा.

    sw
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