क्रिकेट जगत में कई ऐसे खिलाडी रहे हैं जिनमे पर्याप्त प्रतिभा है, मैदान पर उन्होंने अत्यंत समर्पण दिखाया है और खेल के लिए काफी योगदान दिया है लेकिन अभी भी खुद की एक छाप छोड़ने में सफल नहीं हुए. इस तरह के खिलाडी आम तौर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए पर्याप्त अवसर न मिलने के कारण युही गायब हो जाते हैं. देखिये ऐसे ही 5 खिलाडी कौन हैं-

# 5 सुब्रमण्यम बद्रीनाथ
तमिलनाडु का यह बल्लेबाज खेल के प्रति अपने शांत दृष्टिकोण और बढ़िया तकनीक के लिए जाना जाता है जो उसे तंग स्थितियों में प्रदर्शन में मदद करते हैं. रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व करते हुए बद्रीनाथ ने 31 शतकों की मदद से 58.69 की औसत से घरेलू सर्किट में लगभग 10,000 प्रथम श्रेणी रन बनाए हैं. वहीँ इनका आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए टी -20 में भी एक शानदार कार्यकाल रहा है. लेकिन दुर्भाग्य से वह निश्चित रूप से एक गलत युग में पैदा हुए जब भारतीय क्रिकेट में तेंदुलकर, द्रविड़, गांगुली और लक्ष्मण का दबदबा था. और बद्रीनाथ जैसे प्रतिभावान खिलाडी को दरकिनार करना पड़ा. इन्होने भारत के लिए केवल दो टेस्ट और सात एकदिवसीय मैच खेले हैं.

# 4 ब्रैड हॉज
ब्रैड हॉज खेल के तीनों प्रारूपों में सफल रहने वाले कुछ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों में से एक है. लेकिन वह अभी भी ऑस्ट्रेलिया के सबसे बदकिस्मत खिलाडी हैं जिन्हे अपने करियर को चमकाने का मौका नहीं मिला. इन्हे पोंटिंग, मार्टिन और हेडन जैसे खिलाडियों से पहले से ही स्थापित बल्लेबाजी लाइनअप से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा. हॉज के ऊपर माइकल क्लार्क को ऑस्ट्रेलियाई टीम में खेलने का मौका दिया गया था जिसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने के लिए हॉज की संभावना कम हो गई. ऑस्ट्रेलिया के लिए वह केवल 6 टेस्ट और 25 वनडे मैच ही खेले हैं.

 

# 3 ग्राहम ओनियंस
एक समर्पित, प्रतिबद्ध और पेशेवर क्रिकेटर ग्राहम ओनियंस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे. इन्होने काउंटी क्रिकेट के 2009 के सत्र में 19.95 की एक चौंकाने वाली औसत से 69 विकेट लिए थे. काउंटी सर्किट में लगभग 400 विकेट के साथ ओनियंस डरहम के लिए एक सुसंगत निरन्तर खिलाडी बने रहे. इंग्लैंड के लिए इन्होने सिर्फ 9 टेस्ट और चार एकदिवसीय मैच खेले हैं. इन्हे अन्य अंग्रेजी तेज गेंदबाजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा. चयनकर्ता को ग्राहम ओनियंस और एंडरसन के बीच में किसी एक क चुनना था और आखिर में उन्होंने एंडरसन को चुना.

# 2 स्टुअर्ट मैकगिल
स्टुअर्ट मैकगिल ऑस्ट्रेलिया से एक दाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर है. मैकगिल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए खेले गए अपने 44 टेस्ट मैचों में 208 विकेट चटकाए हैं,मैकगिल और शेन वार्न दोनों अपने काम में कुशल थे लेकिन वार्न कप्तान व् चयनकर्ताओं की पहली पसंद बने. मैकगिल का शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद उसे खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिला.

# 1 मुरली कार्तिक
मुरली कार्तिक एक भारतीय स्पिनर हैं. एक प्रतिभाशाली और मेहनती क्रिकेटर कार्तिक की बदलाव के साथ गेंदबाजी करने की क्षमता उनकी प्रमुख ताकत थी. उनका एक शानदार घरेलू रिकॉर्ड रहा है ,26.70 की औसत से 644 विकेट के साथ वह जहाँ भी खेले बल्लेबाज के लिए एक खतरा थे. लेकिन दुर्भाग्य से भारत के लिए वह केवल 8 टेस्ट और 37 वनडे मैच ही खेल सके .

  • SHARE

    sportzwiki हिंदी सभी प्रकार के स्पोर्ट्स की सभी खबरे सबसे पहले पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है. हमारी कोशिस यही रहती है, कि हम लोगो को सभी प्रकार की खबरे सबसे पहले प्रदान करे.

    Related Articles

    सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तुलना पर भड़के अख्तर ने बताया विराट कोहली...

    विश्व क्रिकेट में जब सबसे तेज गेंद डालने वाले गेंदबाज की बात आती है तो पाकिस्तान के तूफानी गेंदबाज रहे शोएब अख्तर का नाम...

    राहुल द्रविड़ की सलाह पर इस भारतीय खिलाड़ी ने बदला अपना गेंदबाजी एक्शन और...

    भारत के स्टार तेज़ गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार शादी की वजह से श्रीलंका की खिलाफ होने वाले दुसरे टेस्ट मैच में नही खेल पाएंगे. उनके...

    IPL UPDATE: आईपीएल मालिको की बैठक में आपस में ही भिड़े मुंबई इंडियंस के...

    आईपीएल का सत्र हर वर्ष रोचक होता है, लेकिन इस वर्ष आईपीएल के लिए होने वाली खिलाड़ियों की नीलामी प्रक्रिया उससे भी अधिक रोचक...

    राज्यवर्धन सिंह राठौर के हस्तक्षेप के बाद अब भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज का...

    भारत और पाकिस्तान के बीच अक्सर राजनीतिक तनाव चलते रहते हैं,जिसकी वजह से दोनों पड़ोसी देशों के बीच किसी भी तरह के द्विपक्षीय संबध...

    एक बार फिर क्रिकेट के मैदान पर उतरेंगे सचिन तेंदुलकर, डेट की हुई घोषणा

    भारत के मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने पूरे विश्व क्रिकेट पर 24 साल तक अपनी धाक जमाएं रखी। सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में विरोधी...