अक्सर यह कहा जाता है कि टेस्ट क्रिकेट सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट है. दिग्गज सुनील गावस्कर ने 60 वें ओवर में लंबे समय के लिए बल्लेबाजी करने के बाद केवल 36 रन बनाने के द्वारा अन्य छोटे प्रारूपों के खिलाफ अपना विरोध जताया था. इससे पता चलता है कि कैसे क्रिकेटर टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व के पक्ष में खड़े हुए हैं.

टेस्ट क्रिकेट को सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट के रूप में क्यों माना जाता है जानिए 5 कारण-

1 .खिलाडी को विकसित करने में कारगार
5 दिनों की अवधि के लिए एक ज़ोरदार संघर्ष करना कोई मजाक की बात नहीं है. इस लम्बी अवधि के खेल में ही खिलाडी की असली परख होती है और उसका निर्माण भी. इस प्रारूप में खिलाडी एक जीत के लिए कई दिन तक संघर्ष व् मेहनत करते हैं. इस लम्बी अवधि के खेल में खिलाडी में बेहद धैर्य ,हिम्मत व् लग्न होनी जरुरी होती है और इस दौरान खिलाडी काफी कुछ सीखा सकता है इसी तरह धीरे धीरे खिलाडियों में इन गुणों का निर्माण होना शुरू होता है.

2) टेस्ट क्रिकेट है असली क्रिकेट
आज कल बेशक लोगो को क्रिकेट के छोटे प्रारूपों को देखने में मज़ा आता हो और खिलाडियों को खेलने में क्योंकि छोटी अवधि के खेल जल्द ही समाप्त हो जाते हैं और जल्द ही नतीजा सामने आ जाता है. छोटे प्रारूपों में आज कल क्रिकेट से ज्यादा मनोरंजन व् ग्लैमर का तड़का ज्यादा लगाया जाता है. वह क्रिकेट नहीं केवल एंटरटेनमेंट बनकर रह जाता है. जबकि टेस्ट क्रिकेट के रूप में क्रिकेट की शुद्धता को अच्छी तरह से बनाए रखा जाता है.

3) सत्रों का एक खेल
टेस्ट क्रिकेट एक ऐसा प्रारूप है जिसे सत्रों में खेला जाता है और दोनों टीमों को मुकाबले के लिए एक दूसरा मौका मिलता है. दोनों टीमों को अपनी कमियों को सुधारने का दूसरा मौका मिलता है. और ये कहा जाता है कि कि एक नया दिन नई शुरुवात लता है जो किसी भी टीम के अच्छी तरह से खेलने के लिए इस मामले में सच में जरुरी है.

4) अद्वितीय प्रकृति 
कई लोगो की यह धारणा है कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल है. लेकिन क्रिकेट महज एक खेल ही नहीं है इसकी अपनी खुद की एक दुनिया है. क्रिकेट सिर्फ गली नुकड़ के मैदानों में खेले जाने वाला खेल नहीं है, बल्कि यह विश्व स्तरीय खेल है जिसकी पहचान व् अस्तित्व दुनिया भर में मौजूद है. इसे लेकर लोगो की दीवानगी किसी अन्य खेल से कम नहीं, चाहे फुटबॉल हो या कुछ और.

5) टेस्ट क्रिकेट में कुछ ख़ास नियमो का होना
विशेष रूप से टेस्ट क्रिकेट के खेल के लिए कुछ ख़ास चीज़े अनिवार्य हैं. पिच की भूमिका और लाल गेंद ख़ास हैं. 5 दिन की लंबी अवधि के कारण पिच की टूट-फूट को समझना बेहद जरुरी है. पहले दिन में थोड़ी ज्यादा घास में अधिक कुशलता से गेंदबाजी करने के लिए तेज गेंदबाजों को सुविधा होती है जबकि आगामी दूसरे और तीसरे दिन में बल्लेबाज़ों के हित में हो जाती है. अंत में 5 वे दिन में दरारें स्पिन गेंदबाजों के लिए सहायक हो जाती हैं. इसके अलावा, लाल गेंद के अपने फायदे हैं दोनों तरफ स्विंग और स्पिन की अपनी विविधता के कारण कई बार यह बल्लेबाज़ों को उलझन में डाल देती हैं.

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