युवराज की धीमी पारी पर ये क्या बोल गये भारतीय कप्तान धोनी - Sportzwiki
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युवराज की धीमी पारी पर ये क्या बोल गये भारतीय कप्तान धोनी

  • भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले दिन खेले गये मुकाबले में भारत की शानदार गेंदबाजी की वजह से पाकिस्तान टीम 83 पर आल आउट हो गयी और भारत को 84 रनों का लक्ष्य दिया गया. जबाब में भारतीय टीम बल्लेबाजी के लिए आई,लेकिन भारतीय टीम को पाकिस्तान ने 8 के मामूली स्कोर पर 3 बड़े झटके दे डाले, ओपनर रोहित शर्मा और अंजिक्य रहाने बिना खाता खोले पवेलियन लौटे, तो सुरेश रैना सिर्फ 1 रन ही बना सके.

    इसके बाद  आये  हुए  नये  बल्लेबाज कोहली और युवराज सिंह ने भारतीय पारी को सम्भाला और जीत तक पहुंचाया, कोहली 49 के निजी स्कोर पर अम्पायर के गलत फैसले का शिकार बने, लेकिन तब तक भारत जीत के काफी करीब पहुंच चूका था, और भारत के पास धोनी जैसा फिनीशर होने की वजह से चिंता की कोई जरूरत नहीं थी, भारतीय कप्तान ने चौका जड़ के मैच खत्म किया, इस बीच कप्तान ने 7 रन बना डाले, लेकिन इस पुरे पारी के दौरान युवराज सिंह सिर्फ एक ऐसे बल्लेबाज रहे, जिन्होंने गेंद तो खेली, लेकिन उनका बल्ला रन नहीं उगल सका, पुरे मैच के दौरान यह भारतीय खिलाड़ी सहमा सा नजर आया.

    युवराज ने 14 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, लेकिन इस पारी के दौरान उन्होंने काफी संघर्ष किया, और लम्बे शॉट नहीं लगा सके, इन 1 रनों के लिए युवराज ने काफी गेंदे खेली, जबकि उनके साथ ही बल्लेबाजी के लिए आये, कोहली ने 49 रनों की पारी खेल डाली.

    युवराज की इस धीमी पारी पर भारतीय कप्तान धोनी युवराज के साथ खड़े नजर आये, और उन्होंने युवराज का बचाव करते हुये इस एक शानदार पारी करार दिया. भारतीय कप्तान युवराज का बचाव करते हुए कहे, “रन से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि उन्होंने कितनी गेंद का सामना किया, कप्तान ने कहा कि हालात मुश्किल थे. आपको इसे हमेशा ध्यान में रखना होता है, निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए विकेट गंवाने का दबाव होता है, आप जितना निचले क्रम में जाओगे दबाव बढ़ता जाएगा.”

    धोनी ने आगे युवराज का पक्ष लेते हुए कहा:” युवराज ने कितने रन बनाए इससे अधिक महत्वपूर्ण था कि उसने कितनी गेंद का सामना किया. वह कुछ मौकों पर चूक रहा था लेकिन उसने शॉट खेलने की कोशिश की। इससे उसे काफी आत्मविश्वास मिलेगा. उम्मीद करता हूं कि वह बेहतर हालात में अच्छे शॉट खेल पाएगा.”

    हालाँकि भारतीय कप्तान ने यह भी माना की इस पीच पर 84 रन काफी ज्यादा थे, इस लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था, भारतीय कप्तान ने इस पीच की आलोचना करते हुए कहा: “आईसीसी विश्व टी-20 को ध्यान में रखते हुए बल्लेबाजों के बड़े शॉट खेलने का अभ्यास करने के लिए शेर ए बांग्ला स्टेडियम की पिच आदर्श नहीं है.”

    sw
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