भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ लक्ष्मीपति बालाजी ने बुधवार को प्रथम श्रेणी क्रिकेट से सन्यास की घोषणा की.

सन्यास लेते हुए तामिलनाडु के कोच और कप्तान बालाजी ने कहा कि, अब उनके पास एक परिवार है और उन्हें उनके बारे में भी सोचना है. बालाजी ने कहा कि उन्होंने अपने 16 साल के प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर में बतौर खिलाड़ी अपना सब कुछ दिया, लेकिन अब मुझे आगे बढना होगा.

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बालाजी ने भारतीय क्रिकेट में अपनी छाप पाकिस्तान के दौरे पर शानदार प्रदर्शन करने के बाद छोड़ी थी. जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि इतना चोटिल होने के बाद भी वह किस प्रकार खेल में वापसी करते रहे तो इस पर बालाजी ने कहा कि, मैं हमेशा यही सोचता था कि अनिल कुंबले ऐसा कैसे कर लेते थे.

बालाजी ने भारत के लिए केवल आठ टेस्ट मैच खेले है, लेकिन 2004 के पाकिस्तान दौरे पर वह भारत के सबसे पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक थे. उनका प्रदर्शन उस दौरे पर भारत की जीत का एक अहम कारण था.

पड़ोसी देश पाकिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान में अपने पहले टेस्ट में बालाजी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात विकेट लिए थे जिसमे पाकिस्तानी कप्तान इंज़माम उल हक का भी विकेट शामिल था.

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बालाजी ने उस श्रृंखला को याद करते हुए कहा कि

“मैं पाकिस्तान का दौरा कभी नहीं भूल सकता ना सिर्फ हमने वहा टेस्ट मैच जीता बल्कि पहली बार टेस्ट श्रृंखला भी जीती थी. यह मेरे करियर का सबसे पल रहेगा.”

बालाजी के लिए क्रिकेट में उनकी प्रेरणा हमेशा से अनिल कुंबले रहे, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ज़हीर खान हमेशा अपने विचार मुझसे साझा करते थे और वह हमेशा मेरा प्रोत्साहन करते थे. ज़हीर एक बहुत अच्छे इंसान है.

बालाजी ने पूर्व भारतीय कोच जॉन राईट की भी तारीफ करते हुए कहा, जब मैं केवल 20 साल का था मुझे भारतीय टीम में खेलने का मौका मिला और उस समय के कोच जॉन राईट ने मुझ पर विश्वास जताया और मुझे भी खुद पर भरोसा दिलाया कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं.

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द हिन्दू अख़बार से बातचीत करते हुए बालाजी ने कहा कि

“मैं TNCA और मेरे सभी साथी खिलाड़ी और कोच का धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मेरा साथ दिया.”

बालाजी ने भारत के लिए 8 टेस्ट में 27 विकेट लिए है जिसमे उनका औसत 37 का रहा और उनका सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन रहा 76/5. एकदिवसीय क्रिकेट की बात करे तो बालाजी ने भारत के लिए 30 मैचों में 34 विकेट लिए है जिसमे उनका औसत करीब 40 प्रतिशत का रहा. टी ट्वेंटी क्रिकेट में उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला केवल 5 मैच में बालाजी ने 10 विकेट हासिल किए.

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    सभी खेलों में दिलचस्पी है लेकिन सबसे पसंदीदा खेल क्रिकेट, पसंदीदा खिलाड़ी विराट कोहली और नोवाक जोकोविच.

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