क्या अभी भी बीसीसीआई कर रही है राजस्थान और चेन्नई का बचाव??? - Sportzwiki
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क्या अभी भी बीसीसीआई कर रही है राजस्थान और चेन्नई का बचाव???

  • कल हुई आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद बीसीसीआई में आईपीएल की दोनों निलंबित टीमों को लेकर अब दोफाड़ हो गई है। श्रीनिवासन के समर्थक हर कीमत पर चेन्नई सुपर किंग्स को बचाना चाहतें हैं वहीं कुछ लोग चाहते हैं कि जिसने गलती की उसे सजा मिले।

    दरअसल लोढ़ा कमेटी के फैसले के बाद हरकत में आए बीसीसीआई के अधिकारी जब रविवार को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पहुंचे तो कयास इस बात के लगाये जा रहे थे कि बीसीसीआई आईपीएल से निलंबित टीमों चेन्नई और राजस्थान के करार को पूरी तरह से रद्द कर सकती है और इसे लेकर जोरदार बहस भी हुई। वहीं लंदन से स्काइप के जरिए जुड़े गवर्निंग काउंसिल के दो सदस्यों में इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आ गए।

    इस दौरान एक तरफ अजय शिर्के लोढ़ा कमेटी के फैसले के तहत दोनों टीमों को निलंबित रखने पर अड़े थे और बोर्ड के सचिव अनुराग ठाकुर ने इस मुद्दे पर शिर्के का समर्थन कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ रवि शास्त्री ने आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला का समर्थन करते हुए बीच का रास्ता निकालने की वकालत की।

    जबकि राजीव शुक्ला और रवि शास्त्री की दलील है कि चेन्नई और राजस्थान के खिलाड़ियों के साथ ये नाइंसाफी होगी और सीजन-9 में अगर चेन्नई की टीम नहीं होगी तो आईपीएल ब्रांड को बड़ा झटका लगेगा। शास्त्री का कहना था कि चेन्नई और राजस्थान की टीमों का आईपीएल को सफल बनाने में बड़ा योगदान है, इसलिए टीम के मालिकों की गलती की सजा खिलाड़ी और स्पोर्ट स्टाफ क्यों भुगते?

    वहीं आईपीएल चेयरमैन शुक्ला तो इस बैठक से पहले ही कह चुके थे कि चाहे जो भी हो टीमें कम नहीं होंगी। उन्होंने तो कहा था कि आईपीएल -9 अच्छा होगा, आईपीएल-8 से बेहतर होगा। शास्त्री को हमेशा से श्रीनिवासन का करीबी माना जाता है और इसलिए उन्होंने पिछले साल अचानक ही टीम डायरेक्टर का अहम पद भी मिला। बताया जाता है कि शास्त्री को बीसीसीआई से कामेंट्री से लिए मोटी रकम भी मिलती है।

    इतना ही नहीं टीम इंडिया क्रिकेट के लिए जिंबाब्वे दौरे पर गई है लेकिन डायरेक्टर छुट्टी लेकर एशेज सीरीज में कामेंट्री के जरिए पैसे कमा रहे हैं। शु‌क्ला पर भी हितों के टकराव को लेकर पूर्व कमिशनर ललित मोदी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

    बहरहाल, शास्त्री और शुक्ला की दलील के ठीक उलट बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर और बोर्ड के पूर्व कोषाधय्क्ष अजय शिरके का कहना है कि दोनों टीमों के सस्पेंड रहने से बीसीसीआई की छवि सुधरेगी। साथ ही खेल प्रेमियों का विश्वास आईपीएल पर बना रहेगा और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरा सम्मान भी होगा।

    sw
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