20 सितंबर, रविवार शाम जगमोहन डालमिया की मौत के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी राजनीती खेली. महान क्रिकेट प्रशासक अपने जाने के बाद एक विरासत छोड़ गए हैं, डालमिया के निधन के बाद भारत के सबसे शीर्ष क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल और क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पद खाली हैं. बीसीसीआई के अध्यक्ष पद के लिए सौदेबाजी मंगलवार से ही शुरू हो गयी थी जब शरद पवार , एन श्रीनिवासन , राजीव शुक्ला , अनुराग ठाकुर – डालमिया को अंतिम विदाई देने के लिए कोलकाता पहुंचे थे.

कई लोग हैं ख़ास कर सौरव ‘दादा’ के प्रशंसक जोकि ये मानते हैं कि कैब के संयुक्त सचिव सौरभ गांगुली डालमिया की विरासत को सँभालने के लिए सही उम्मीदवार है. यकीनन कभी सबसे अच्छे भारतीय कप्तान रहे गांगुली क्रिकेट प्रशासन के क्षेत्र में नए है. सीएबी के प्रशासन प्रणाली में डालमिया खुद इन्हे लाए थे और उन्हें सुबीर गांगुली के साथ संयुक्त सचिव बनाया था. क्या डालमिया को सौरव गांगुली की प्रशासनिक प्रतिभा की उम्मीद थी?..शायद.

भारत की टीम के साथ उनकी कप्तानी कार्यकाल के दौरान गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष डालमिया की निगरानी में थे. फिर भी, गांगुली की विशेषज्ञता ने बंगाल रणजी टीम की मदद की थी जिसकी वजह से डालमिया प्रशासनिक व्यवस्था में गांगुली को लाने के लिए सहज थे.

 

लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सौरव गांगुली में इतनी दिलचस्पी क्यों दिखा रही हैं?!! असल में विधानसभा चुनाव के नज़दीक होने के कारण ममता बनर्जी नहीं चाहती कि उनका कोई मंत्री कैब के मामलों में शामिल हो. इसलिए उन्होंने जगमोहन डालमिया के उत्तराधिकारी के रूप में सौरव की घोषणा करके सुरक्षित राजनीती खेली. ख़ैर इसमें कोई शक नहीं कि सौरव सबसे पसंदीदा उम्मीदवार हैं. इसके पीछे ममता बनर्जी का उद्देश्य समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है क्योंकि वह ऐसा करके 2016 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए गांगुली के प्रशंसकों को लुभाना चाहती हैं.

जब सौरव ने डालमिया के बेटे अभिषेक के साथ नाबन्ना,पश्चिम बंगाल के प्रशासनिक मुख्यालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात की तब उनके सीएबी के अध्यक्ष बनने को लेकर अटकलें तेज़ हो गयी. लेकिन, जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने ये कहा कि इस बारे में बात करने के लिए ये सही समय नहीं है. और फिर 24 सितंबर को बनर्जी ने कैब के संयुक्त सचिव सुबीर गांगुली, कोषाध्यक्ष बिस्वरूप डे और डालमिया के बेटे अभिषेक के साथ-साथ गांगुली से मुलाकात की. इस दौरान ममता बनर्जी ने कैब अध्यक्ष के रूप में गांगुली का नाम और संयुक्त सचिव के रूप में अभिषेक के नाम की घोषणा की.

और अब दादा के प्रशंसक आईपीएल 2016 में धमाके से पहले एक और चीज़ देखना चाहेंगे. शाहरुख खान को ईडन गार्डन में खेल की अनुमति के लिए सौरव गांगुली से अनुरोध करना होगा. खान को कैब अध्यक्ष के केबिन में जाना होगा दरवाजा खटकटाना होगा और फिर अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स के घरेलू मैदान के रूप में ईडन को लेने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं का पालन करना होगा.

गौरतलब है कि काफी समय पहले शारुख खान ने गांगुली को अपनी टीम के लिए अयोग्य और उम्रदराज कहकर नीलामी में बेच दिया था. जिससे दादा के प्रशंसकों को काफी ठेस पहुंची थी. नतीजतन, गांगुली को पुणे वारियर्स के लिए खेलने के लिए कोलकाता छोड़ना पड़ा था. और अब किंग खान से बदला लेने का दादा के पास मौका अच्छा है…

यह लेख मनोरंजन के लिए परिकल्पना पर आधारित है.

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