during game four of the One Day International series between Australia and South Africa at Melbourne Cricket Ground on November 21, 2014 in Melbourne, Australia.

दक्षिण अफ्रीका के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार डेल स्टेन जिनके तेज़ गेंदबाज़ी से बल्लेबाज़ अपने पैर पीछे खिंच लेता है. तीनो फॉर्मेट मिला के 240 से ज्यादा मैच में 600 से ज्यादा विकेट लेने वाले स्टेन का कहर बल्लेबाजों पर बहुत ज्यादा है. हालाँकि अभी वर्तमान समय में स्टेन काफी बुरे फॉर्म से गुजर रहे है, और यही कारण है कि आईपीएल में गुजरात लायंस ने भी इस स्टार खिलाड़ी कों सिर्फ 2 मैचों में ही टीम का हिस्सा बनाया.

स्टेन गये थे भलाई करने के लिए लेकिन हुआ मौत से सामना, बाल-बाल बचे

स्टेन ने अपने प्रशंसको बताया कि आगामी दो टेस्ट मैच के सीरीज में न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध दर्शकों कों नए स्टाइल का डेल स्टेन देखने को मिलेगा. अपने चोंटो के वजह से परेशान रहने वाले इस तेज़ गेंदबाज़ ने अब इससे इजात पा ली है और अब वो तैयार हैं. पिछले साल भारतीय दौरे पर वो चोट के वजह से नही खेल पाए थे और इससे उभरते ही उनके शोल्डर्स पे चोट लग गया. इस 33 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ ने कहा कि वो एक दिन में 18 ओवर गेंदबाज़ी करना चाहते हैं और यह तभी संभव है जब वो अपनी स्पीड को कम करेंगे.

विडियो: देखे कैसे डेल स्टेन ने इस छोटे से भारतीय प्रसंशक का दिन बना दिया स्पेशल

डर्बन में 16 अगस्त को दिए गये बयान  में इस तेज गेंदबाज ने कहा कि,”अगर आप 145 किमी/घंटे के स्पीड से गेंदबाज़ी करते है, तो पुरे दिन गेंदबाज़ी करना बहुत ही कठिन काम है. अपनी गति को 140 किमी/घंटे करके हम पुरे दिन में 18 ओवर की गेंदबाज़ी कर सकते हैं.”

इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि,”मै जैसे ही एक चोट से उभरता मुझे दूसरी चोट लग जाती, इसका बस एक ही कारण था, कि मै 0 से 100 तक बड़ी तेज़ी से पहुंचना चाहता था. आप बड़ी गाड़ियों का उदाहरण ले लो फेरारी सेकंड्स में स्पीड ले लेती है ,लेकिन नार्मल गाड़ियाँ टाइम लेती हैं. इसी तरह मै नार्मल होकर 200 किमी/घंटे की स्पीड चाहता था जिसके वजह से कंधा चोटिल हो जाता था. ये एक दिन होगा लेकिन अभी मुझे खेल पर फोकस करते हुए 140-150 किमी/घंटे की गति से गेंदबाज़ी करना होगा. मेरी टीम फिर से अपनी किस्मत बदलेगी.”

सहवाग को गेंदबाजी करने से डरता था यह दिग्गज गेंदबाज

डेल स्टेन हरदम अपनी गेंदबाज़ी को निखारते रहते हैं. रही बात न्यूजीलैंड की तो आत्मविश्वास से लबरेज़ स्टेन कों लगता है, कि वो इस बार कुछ ज्यादा ही कमाल करने वाले हैं. स्टेन काफी दिनों से चोट के वजह से टीम से बाहर थे जिसमे टीम भारत से हारी और कैरीबियन त्रिकोणीय सीरीज में भी उसे हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद स्टेन ने बताया कि,“हम अपनी टीम की रैंकिंग पाने में दुबारा कामयाब होंगे साथी खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन से. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ AB डिविलियर्स और डूप्लेसिस की कमी खलेगी. अब मैं आ गया हूँ और टीम को ऊपर ले जाने के लिए जो भी करना पड़ेगा वो मैं करूँगा.”

स्टेन ने अपनी बातो को खत्म करते हुए कहा कि,”अभी हम आशा करते हैं, कि हमारी रैंकिंग तीसरे पायदान से फिर पहले स्थान पर आये. हमारे अन्दर काफी क्षमता  है और यह काफी कठिन है, लेकिन हम प्रयाश करते रहेंगे. इसके लिए हमें 2-3 साल तक लगातार सीरीज जितनी होगी.”

तो क्या स्टेन को ले लेना चाहिये सन्यास??????

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    मै क्रिकेट का बहुत बड़ा प्रसंशक हूँ, क्रिकेट के अलावा WWE और कबड्डी में भी मै लोगों का इन्ट्रेस्ट बढ़ाने के लिए लेखक के रूप में अपना करियर बनाने का फैसला किया.

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