क्रिकेट डेस्क। क्रिस मॉरिस की तूफानी बल्लेबाजी (82 नाबाद, 32 गेंद) के बावजूद दिल्ली डेयरडेविल्स को बुधवार को आईपीएल-9 के बेहद रोमांचक मुकाबले में गुजरात लॉंयंस से 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। ब्रैंडन मैकुलम (60) और ड्‍वेन स्मिथ (53) के अर्द्धशतकों की मदद से गुजरात ने 6 विकेट खोकर 172 रन बनाए। जवाब में डेयरडेविल्स 5 विकेट पर 171 रन ही बना पाया।

आइए नजर डालते हैं उन कारणों पर जिन्होंने जीत के करीब पहुंची दिल्ली को हार का मुंह दिखा दिया

प्रमुख गेंदबाजों का न चलना
गुजरात ने 10 ओवरों में बिना कोई विकेट खोए 110 रन बनाए। इससे साफ है कि दिल्ली का कोई भी गेंदबाज मैकुलम और स्मिथ के लिए परेशानी पैदा नहीं कर सका। टीम के प्रमुख गेंदबाज जहीर खान और एस नदीम ने शुरुआत में काफी रन लुटाए। जहीर ने अपने चार ओवरों में 48 रन दिए वहीं नदीम ने 32 रन दे डाले।

खराब फील्डिंग भी एक बड़ा कारण
ब्रैंडन मैकुलम (60) और ड्‍वेन स्मिथ (53) के अर्द्धशतकों की वजह से गुजरात एक अच्छे स्कोर तक पहुंच सका। लेकिन मैकुलम की इस पारी के पीछे दिल्ली के फील्डरों का भी हाथ है। मैकुलम जैसे बल्लेबाज का कैच छोड़ना उन्हें भारी पड़ गया और वो एक ऐसी पारी खेल गए जिसने अपनी टीम की जीत में एक अहम भूमिका निभाई।

दिल्ली की शुरुआती बल्लेबाजी
लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली को ठोस शुरुआत चाहिए थी, लेकिन हुआ इसके उलटा। धवल कुलकर्णी ने दिल्ली को शुरुआती झटके दिए। उन्होंने संजू सैमसन (1) को जेम्स फॉकनर के कैंच आउट करवा दिया। इसके बाद क्विंटन डी कॉक (5) और करूण नायर (9) उनके शिकार बने। इस कारण से दिल्ली दबाव में आ गई और उसकी रनगति बिगड़ गई जिसका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ा।

डुमिनी का आउट होना
मॉरिस ने डुमिनी के साथ पांचवें विकेट के लिए 6.3 ओवरों में 87 रन जोड़े। डुमिनी 48 रन बनाकर ब्रावो के शिकार बने। मॉरिस ने मात्र 17 गेंदों में अर्द्धशतक बनाया, जो इस सत्र का सबसे तेज अर्द्धशतक है। लेकिन डुमिनी का विकेट ऐसे समय गिरा जब लग रहा था कि दिल्‍ली जीत के करीब पहुंच गई है। डुमिनी का विकेट गिरना इस मैच का टर्निंग प्वाइंट बन गया।

टॉस जीतकर लिया गलत निर्णय
इससे पहले दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया, जिसे स्मिथ और मैकुलम ने गलत साबित किया। दोनों ने मात्र 3.5 ओवरों में 50 रन जोड़ दिए। मैकुलम ने 27 और स्मिथ ने 26 गेंदों में अर्द्धशतक पूरे किए। इस दोनों बल्लेबाजों ने बहुत घातक शॉट खेले और शुरुआती दस ओवर में टीम को एक अच्छे स्कोर तक पहुंचा दिया। इसका फायदा टीम को मिला और वह 172 रन बनाने में कामयाब रही।

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