भारतीय कोच चयन में धोखाधड़ी कोच अनिल कुंबले की फर्म में लक्ष्मण है हिस्सेदार - Sportzwiki
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भारतीय कोच चयन में धोखाधड़ी कोच अनिल कुंबले की फर्म में लक्ष्मण है हिस्सेदार

  • भारतीय क्रिकेट को लम्बे समय बाद 23 जून को अनिल कुंबले के रूप में एक मुख्य कोच मिल गया. बीसीसीआई ने क्रिकेट सलाहकार समिति को भारतीय कोच के चयन की जिम्मेदारी सौपी थी. सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली वीवीएस लक्ष्मण और संजय जगदाले की सिफारिश के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने अनिल कुंबले के नाम पर अंतिम मोहर लगायी.

    कोच चयन की प्रकिर्या के बाद यह बात सामने आयी कि क्रिकेट सलाहकार समिति का कोई एक सदस्य अनिल कुंबले की फर्म में दूसरा सबसे बड़ा हिस्सेदार है, वह सदस्य कोई और नहीं वीवीएस लक्ष्मण हैं.

    डीएनए वेबसाइट के अनुसार अनिल कुंबले की कंपनी टेंविस स्पोर्ट्स एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड में वीवीएस लक्ष्मण दुसरे सबसे बड़े हिस्सेदार हैं. अनिल कुंबले की कंपनी में वीवीएस लक्ष्मण की 33.332 फीसदी हिस्सेदारी हैं. साथ लक्ष्मण को बोनस, इंसेंटिव जैसे बाकि कई फायदे भी अनिक कुंबले की कंपनी से मिलते हैं.

    बेंगलुरु की कंपनी टेंविस स्पोर्ट्स की स्थापना 2011 में की गयी और कंपनी वेबसाइट के अनुसार कंपनी मार्केटिंग और ट्रेनिग में भागीदार हैं. कंपनी की पहली बैठक सितम्बर 2012 में हुई.
    बैठक के कुछ महीने पहले ही वीवीएस लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध एडिलेड में अपना अंतिम अन्तर्राष्ट्रीय मैच खेला था. वर्ष 2012 में अनिल कुंबले की फर्म में लक्ष्मण की हिस्सेदारी 16.666 फीसदी थी.

    अगले ही वर्ष, वीवीएस लक्ष्मण की हिस्सेदारी दोगनी 33.332 फीसदी हो गयी. लक्ष्मण ने नाममात्र कुछ हज़ार रूपए देकर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी दोगनी कर ली.

    कुंबले की कंपनी से पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण, और टेबल टेनिस खिलाड़ी शराथ कमल भी जुड़े हुए हैं, और दोनों की कंपनी में हिस्सेदारी भी है.

    कंपनी के वितीय विवरण में यह खुलासा हुआ, कि वर्ष 2012-2014 के दौरान कंपनी ने 7 करोड़ रूपए विभन्न खर्चो के रूप खर्च किये. लगभग 3 करोड़ इस दौरान बोनस और इंसेंटिव में खर्च किये गए जबकि 3.2 करोड़ कर्मचारी बेनिफिट के लिए खर्च किये गए. बची हुई राशी परामर्श और व्यवसाय संबंधी चार्ज में खर्च की गयी.

    इसका जवाब कुंबले और लक्ष्मण से माँगा गया फिलहाल जिसका कोई जवाब नहीं मिल पाया हैं. डीएनए वेबसाइट ने यह सवाल सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को भी भेजा, लेकिन अब-तक किसी का कोई जवाब नहीं आया हैं.

    क्रिकेट सलाहकार समिति के एकमत के बाद बीसीसीआई ने अनिल कुंबले को कोच नियुक्त किया गया, लेकीन अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण की बिज़नेस साझेदारी एक शक जरुर पैदा करती हैं, कि बाकि कोच की उम्मीदवारों को कही जानबूझकर तो अस्वीकार नहीं किया गया.

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