काफी लम्बे समय से बिना कोच के खेल रही भारतीय टीम को नया कोच मिल गया, भारतीय टीम ने नये कोच के लिए 1 साल इंतजार किया तो पिछले 16 सालो में पहली बार भारतीय टीम को कोई भारतीय कोच मिला. अब जब भारत को एक नया कोच मिल गया है, तो कुछ खिलाड़ियों को नई  आश जगी है, कि एक बार फिर वो भारतीय टीम में अपनी जगह बना सकते है.

इन में सबसे पहला नाम भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह का है, अनिल कुंबले जब भारतीय टीम में थे, उस समय हरभजन सिंह उनके साथ स्पिन गेंदबाजी का भार सम्भालते थे, और दोनों के बीच काफी अच्छी अंडरस्टैंडिंग थी दोनों ने मिलकर कई बार बल्लेबाजों को काफी परेशान किया. लेकिन इंग्लैंड दौरे पर जाने से बहाना बनाने की वजह से चयनकर्ताओ ने हरभजन सिंह को अहमियत देना बंद कर दिया.

इंग्लैंड के इस दौरे पर उस समय के कम अनुभवी खिलाड़ी रविचन्द्र अश्विन को टीम में जगह दी गयी थी, और उस दौरे की वजह से चयनकर्ताओ ने हमेशा हरभजन से ज्यादा अश्विन को महत्व दिया, जब काफी लम्बे समय बाद हरभजन सिंह ने टीम में वापसी की, तो भारतीय कप्तान के मन में भी कही न कही इंग्लैंड दौरे वाली बात थी और उन्होंने हरभजन के अपेक्षा अश्विन को ही ज्यादा मौका अंतिम एकादश में दिया.

अब जब भारतीय टीम में एक बार फिर अनिल कुंबले की एक कोच के रूप में वापसी हुई है, ऐसे में हरभजन सिंह को उम्मीद होगी कि एक बार फिर वो भारतीय टीम में वापसी करेंगे. क्यूंकि ये वही अनिल कुंबले है जो अपने बाद हरभजन सिंह को अपना उत्तराधिकारी मानते थे, वर्तमान समय में कुछ महीनों से अश्विन भी अपनी फॉर्म में नहीं है ऐसे में हरभजन सिंह की टीम इंडिया में वापसी के पुरे आसार है, लेकिन इसमें सबसे बड़ी बात होगी, कि हरभजन सिंह को अब मिलने वाले हर मौके का फायदा उठाना होगा, क्यूंकि अनिल कुंबले सिर्फ 1 साल के लिए ही भारतीय कोच बने है, और अगर कुंबले को आगे भारतीय टीम का कोच बने रहना है, तो उनकी निगरानी में भारतीय टीम का अच्छा प्रदर्शन काफी मायने रखेगा, और इसमें हरभजन सिंह अहम भूमिका निभा सकते है, क्यूंकि हरभजन सिंह के पास टेक्निक के साथ-साथ अनुभव भी है, और अनिल कुंबले के मार्गदर्शन में वो भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर सकते है.

हरभजन सिंह के साथ ही काफी लम्बे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे गौतम गंभीर को भी आशा होगा, कि एक बार कुंबले के साथ फिर से उन्हें खेलने का मौका मिले, क्यूंकि 2011 विश्वकप के बाद टीम से उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था, और गांगुली-शास्त्री विवाद में शास्त्री के खिलाफ बयान देकर उन्होंने अनिल कुंबले के कोच बनाये जाने का समर्थन किया था, ऐसे में उनकी यही कोशिस होगी कि कुंबले की निगरानी में उन्हें कम से कम एक मौका मिले जिसे वो भुना कर एक बार फिर भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर सके.

कुंबले को भी गौतम गंभीर को भारतीय टीम में वापसी कराने में ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी, क्यूंकि घरेलू टूर्नामेंट के साथ-साथ आईपीएल में भी गौतम गंभीर अपने आप को हमेशा साबित करते रहे है, और कुंबले की वजह से उन्हें अगर टीम में मौका मिलता है, तो वो भारतीय टीम में एक नियमित बल्लेबाज के रूप में धवन की जगह ले सकते है, क्यूंकि पिछले कुछ समय से धवन काफी खराब फ़ार्म से गुजर रहे है.

 

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    मै हमेशा से अपने करियर कों एक स्पोर्ट्स लेखक के रूप में लोगों के सामने पेश करना चाहता था, और यह सपना मेरा sportzwiki में सफल हुआ, मै क्रिकेट का बहुत बड़ा प्रसंशक हूँ, सिर्फ भारत ही नहीं मै सभी देशो की सभी लीग देखता हूँ और उससे मिली जानकारी sportzwiki के द्वारा आप लोगों तक पहुँचाने की कोशिस करता हूँ.

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