22 साल बाद श्रीलंका में सीरीज जीतने के लिए भारत की टीम में अहम योगदान निभाने वाले चेतेश्वर पुजारा को श्रृंखला के कई मैचों से बाहर रखा गया था लेकिन फिर इन्हे तीसरे टेस्ट में खेलने का मौका मिला जिसका इन्होने भरपूर फायदा उठाया.

सौराष्ट्र के बल्लेबाज अब अपने कप्तान विराट कोहली की सलाह का पालन करने और नंबर 3 पर आक्रामक भूमिका संभालने के लिए तैयार है.इस  बल्लेबाज ने बुधवार को टाइम्स ऑफ इंडिया से एक ख़ास बातचीत की.

पेश है उसके कुछ अंश-

श्रीलंका के खिलाफ 145 नाबाद रन अपने तब बनाये जब इसकी बहुत ज्यादा जरुरत थी. अपनी इस पारी के बारे में बताएँ.

मैं अपनी शीर्ष तीन पारियों में इसे रखूँगा क्योंकि स्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण थी. पहले दो टेस्ट मैच हमने वहां खेले जहाँ बहुत कम घास थी लेकिन इसके बाद एसएससी पिच पर बहुत घास थी. थोड़ी दबाव की स्थिति थी लेकिन मुझे पता था की मुझे इस अवसर का उपयोग करना है.

पारी की शुरुआत करना, क्या इसने आप पर अधिक दबाव बनाया?

काफी समय हो गया था जब मैंने पारी की शुरुआत की हो. लेकिन जैसा की मैंने कहा कि मुझे अवसर का फायदा उठाना था. इसके अलावा नंबर 3 पर बल्लेबाजी ने नई गेंद का सामना करने के लिए मुझे अच्छी तरह से तैयार किया.

राहुल द्रविड़ ने कहा था कि आपकी तकनीक के साथ कुछ भी गलत नहीं है. आप को केवल आत्मविश्वास हासिल करने के लिए बीच में समय बिताने की जरूरत है. आपकी बल्लेबाज़ी में क्या आत्मविश्वास वापस आगया है?

मैं खराब बल्लेबाजी नहीं कर रहा था, मैं घरेलू और काउंटी क्रिकेट में रन बना रहा था. जब मैं भारत ए शिविर के लिए गया था तो वहां द्रविड़ के साथ कुछ सत्रों में शामिल हुआ. तब उन्होंने मुझे बताया था कि मेरी तकनीक के साथ कुछ भी गलत नहीं है. उनकी इस बात ने अपनी बल्लेबाजी के बारे में मुझे आश्वासन दिया था. तब से बस मैं मौके की फ़िराक में था.

 

क्या आप नंबर 3 पर अपनी पसंदीदा स्थिति में बल्लेबाजी करने के लिए वापस जाना चाहते हैं ?

मुझे ख़ुशी होगी अगर मई आगामी सीरीज में मुझे दोबारा तीन नम्बर पर बल्लेबाज़ी करने का मौका मिला तो. सभी पदों में रन स्कोर करने और फार्म में वापसी के बाद मैं किसी भी स्थान पर बल्लेबाज़ी के लिए तैयार हूँ.

विराट कोहली ने कहा था कि वह नंबर तीन पर किसी मजबूत बल्लेबाज़ को लाना चाहते हैं जो टीम को बल प्रदान कर सके. क्या आप इससे थोड़ा असहज होते हैं क्योंकि आप सेटल होने के लिए समय लेते हैं.?

सकारात्मक ,आक्रामक और एक इन्फोर्सेर के रूप में बल्लेबाज़ी करने में अंतर है. मुझे लगता है कि विराट चाहता है कि नंबर 3 के बल्लेबाज को सकारात्मक खेलने की जरूरत है. मैं पूरी तरह से अवगत हूँ कि विराट क्या चाहता है और हम दोनों के बीच कोई संवादहीनता नहीं है.

लेकिन ऐसा मानना है कि खेल के छोटे प्रारूप में बल्लेबाजी करने के लिए आप फिट नहीं होंगे…क्या आप टेस्ट बल्लेबाज़ के रूप में ही नज़र आएंगे ?

मैं इस धारणा के बारे में जनता हु लेकिन यह तो केवल एक धारणा ही है. अगर आप टेस्ट में मेरे स्ट्राइक रेट पर नजर डालें तो यह 50 के आसपास है.भले ही अगर यह वीरेंद्र सहवाग या क्रिस गेल की श्रेणी में नहीं है तो यह अन्य बल्लेबाजों के बराबर है.

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