क्या 'बेन स्टोक्स' इंग्लिश क्रिकेट में अगले 'एंड्रू फ़्लिंटॉफ़' साबित होंगे! - Sportzwiki
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क्या ‘बेन स्टोक्स’ इंग्लिश क्रिकेट में अगले ‘एंड्रू फ़्लिंटॉफ़’ साबित होंगे!

  • क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में लगातार अगर टीम का अच्छा प्रदर्शन चाहिए तो एक के बाद एक बढ़िया खिलाडी व् दिग्गज खिलाडियों के जाने के बाद उनकी जगह सही व् योग्य प्रतिस्थापन की जरुरत होती है. लेकिन कई बार प्रतिस्थापन के बाद टीम में वह दम नहीं रहता तो कभी टीम की जान लौट आती है.

     इंग्लिश क्रिकेट में भी यही हालात बने हुए थे , चयनकर्ता को अभी तक तेज़तर्रार “एंड्रू फ़्लिंटॉफ़” के लिए कोई उपयुक्त प्रतिस्थापन नहीं मिला था. चयनकर्ता इसे लेकर संघर्ष कर ही रहे थे कि उनका ध्यान खींचा “बेन स्टोक्स” ने . स्टोक्स ने 18 महीनो के अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के दौरान ये साबित कर दिया था कि वह कितना काबिल है. उसकी बल्लेबाज़ी का कोई जवाब नहीं .एशेज 2013 -14 में अपनी सीरीज करियर की शुरुवात करते हुए स्टोक्स ने शतक लगाया था व् बल्लेबाज़ी के साथ साथ गेंदबाज़ी का भी हुनर दिखाया. फ्लिंटॉफ की तरह स्टोक्स भी गेंदबाज़ी में सटीक है.

    23 वर्षीय बेन की प्रतिभा व् कौशल खेल में एंड्रू फ्लिंटॉफ की याद दिलाता है. स्टोक्स भी खेल में आक्रामक रवैया रखता है. हालाँकि स्टोक्स को 2014 के मधय में गंभीर कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा.  पहला तो ये कि कॅरीबीयन में स्टोक्स ने हताश होकर लॉकर पर मुक्का दे मारा  था जिसके की उसके हाथ की हड्डी टूट गयी थी और उसे 2014 टी 20 विश्व कप से बहार होना पड़ा था व् काफी आलोचना भी सहनी पड़ी.

    दूसरी घटना ये थी कि भारत के खिलाफ पहले 2 टेस्टो में स्टोक्स का तीन बार ‘0 ‘ स्कोर रहा. जिसके बाद स्टोक्स को बहार का रास्ता दिखा दिया गया और क्रिस वोएक्स को लाया गया .

    लेकिन स्टोक्स ने अपना लक्षय कभी नहीं छोड़ा और इस खिलाडी ने डरहम में अपना बढ़िया प्रदर्शन किया. जिसके बाद उसे वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेलने के लिए वापिस बुला लिया गया. और तब से अब तक उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

    सिर्फ स्टोक्स के टीम सहयोगी ही नहीं बल्कि कई बड़े खिलाडी भी उसकी प्रशंसा करते हैं . पॉल कोलिंगवुड सहित वेस्ट इंडीज के हेड कोच फिल सिमंस ने भी स्टोक्स की काबिलियत को सराहा है.

    एंड्रू फ्लिंटॉफ को खासकर उनके एशेज 2005 के प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है फ्लिंटॉफ ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी इतिहास बनाया और अब जब कि कुछ ही महीनो में एशेज होने वाले हैं तो एक बार फिर फ्लिंटॉफ की तरह वो ही जादू चलने की जिम्मेदारी स्टोक्स पर पड़ती दिख रही है.

    sw
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