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किंग्‍स इलेवन पंजाब ने बीच सत्र में रिलीज किए 3 खिलाड़ी

  • क्रिकेट डेस्‍क। आईपीएल अपरिचित खिलाडि़यों के लिए आर्शीवाद है जो विश्‍व के सामने उन्‍हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मुहैया कराता है। संजू सैमसन, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह सिर्फ घर-घर में पहचाने जाने वाले खिलाड़ी नहीं जिन्‍हें सिर्फ आईपीएल के कारण पहचान मिली हो बल्कि इन्‍हें राष्‍ट्रीय टीम से भी खेलने का मौका मिला। मगर हर सिक्‍के के दो पहलु होते हैं क्‍योंकि कुछ खिलाडि़यों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका नहीं मिलता और उनका आईपीएल सत्र बेंच पर बैठकर बीत जाता है। वह अपने मौके का इंतजार ही करते रह जाते हैं।

    शार्दुल ठाकुर, अरमान जाफर और प्रदीप साहू का भाग्‍य आईपीएल में ज्‍यादा नहीं चमका क्‍योंकि किंग्‍स इलेवन पंजाब ने इन्‍हें बीच सत्र में ही रिलीज कर दिया है। और तो और इस बात का फैसला भी चार दिन के बाद किया जाएगा कि ये खिलाड़ी मैच सत्र में टीम के साथ रहेंगे भी या नहीं। रणजी ट्रॉफी में 38 विकेट लेकर शानदार फॉर्म में चल रहे मुंबई के तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ने बेंच पर बैठने की निराशा को ट्विटर पर जाहिर कर दिया। मौजूदा आईपीएल सत्र में तेज गेंदबाज को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है।

    उन्‍होंने एक पोस्‍ट किया, जिसमें लिखा है- “कल अपने क्‍लब परेड एससी के लिए टी-20 का सेमीफाइनल खेलूंगा। दो महीने के बाद कोई मैच खेलूंगा। आईपीएल ने जरूर चमत्‍कार कर दिया।”

    तेज गेंदबाज को किंग्‍स इलेवन पंजाब ने 2014 सत्र में खरीदा था और उन्‍हें 2015 में जाकर सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला था। 2016 में खरीदे जाने के बावजूद शार्दुल को खेलने का मौका नहीं मिला।

    आईपीएल में खिलाडि़यों को मध्‍य सत्र से रिलीज करना नया नहीं है। आमतौर पर किसी टीम को जब यह अंदाजा हो जाता है कि वह खिलाड़ी अंतिम एकादश में जगह नहीं बना पाएगा तो फ्रेंचाइजी उसे रिलीज कर देती है। भारत के लिए 31 वन-डे खेलने वाले रमेश पोवार को पांच मैच के बाद आईपीएल सत्र से बाहर कर दिया गया था। पूर्व ऑफ स्पिनर ने टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा था, कि इससे उन्‍हें काफी धक्‍का लगा था और खिलाडि़यों के लिए यह समय काफी मुश्किल में बीतता है।

    पोवार ने कहा- “उस समय मैं 31-32 वर्ष का था और भारत के लिए खेल चुका था। मगर मुझे जब घर जाने के लिए कहा तब बहुत बड़ा धक्‍का लगा। ठाकुर जैसे युवा खिलाड़ी के लिए इससे डील करना आसान नहीं होगा। वह भारत के लिए खेल सकता है। वह भारत ए के लिए खेल चुका है। इस तरह के संकेत देकर आप उसे बता रहे हैं कि आपकी टीम की योजनाओं का वह हिस्‍सा नहीं है।”

    उन्‍होंने साथ ही कहा, कि “किसी भी खिलाड़ी के आत्‍मसम्‍मान को ठेस पहुंचना स्‍वाभाविक है। लोग जानना चाहते हैं कि आप घर में क्‍यों हो जबकि आईपीएल की टीम का हिस्‍सा हो। आप सोचने लगते हैं कि उन्‍होंने मुझे क्‍यों खरीदा। क्‍या वह मुझे पहले स्‍थान पर नहीं रखना चाहते? इससे दुख पहुंचता है। मेरे ख्‍याल से बोर्ड को इसे रोकना चाहिए। गर्वनिंग काउंसिल को नियम लाना चाहिए कि पूरे आईपीएल में खिलाडि़यों को अपने साथ रखे।”

    यह सवाल पूछने पर किंग्‍स इलेवन पंजाब के कोच संजय बांगर ने रक्षात्‍मक रवैये में कहा, कि “आईपीएल की सभी टीमें ऐसा करती हैं।”

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