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KKR vs MI: कोलकाता की हार के पांच प्रमुख कारण

  • क्रिकेट डेस्क। रोहित शर्मा (नाबाद 68 रन) और किरोन पोलार्ड (नाबाद 51 रन) की आतिशि पारियों की बदौलत मुंबई इंडियंस ने आईपीएल-9 के 24वें मैच में गुरुवार को कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) को छह विकेट से हरा दिया। मुंबई की आठ मैचों में यह चौथी जीत है जबकि केकेआर की छह मैचों में दूसरी हार।

    मध्यक्रम का न चलना
    रॉबिन उथप्पा (36) और गंभीर ने ठोस शुरुआत दिलाई। दोनों ने 69 रन की साझेदारी की लेकिन कोलकाता सही मायनों में इसका फायदा नहीं उठा सकी। उथप्‍पा के आउट होने के बाद शाकिब, यादव और रसेल ने अपना विकेट जल्दी गवां दिया। इस कारण से कोलकाता एक बड़ा स्कोर बनाने से रह। 20-25 रन का कम बनना ही इस मैच का प्रमुख कारण बन गया और कोलकाता मैच गवां बैठी।

    गेंदबाज रन रोकने में नाकाम
    कोलकाता के गेंदबाजों को विकेट तो मिलते रहे लेकिन वो इसका दबाव नहीं बना सके। 8 रन पर पटेल का विकेट गिर गया लेकिन वो इसका फायदा नहीं उठा सके। रोहित और रायडु ने खुलकर शॉट खेले। इसके साथ ही कुछ गेंदबाज ऐसे थे जिन्होंने हद से ज्यादा रन देकर इस मैच का रुख मुंबई की ओर मोड़ दिया। उनाडकट ने 3 ओवर में 16.33 की औसत से 49 रन लुटाए तो आर सतीश ने 2 ओवर में 30 रन दे डाले।

    पोलार्ड को नहीं समझ सके
    पोलार्ड ने 17 गेंद में 51 रन की पारी खेल डाली कोई भी गेंदबाज उन्‍हें रोकने में कामयाब नहीं हो रहा था। चार विकेट हासिल करने के बाद एक बार लग रहा था कि हो सकता है कोलकाता इस मैच को अपने नाम कर ले लेकिन ऐसा नहीं हुआ और गेंदबाज जबतक ये समझते कि पोलार्ड को कहां गेंद की जाए वो अपना काम कर चुके थे।

    टॉस हारना पड़ गया भारी
    मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर केकेआर को बल्लेबाजी का न्योता दिया। केकेआर ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 174 रन बनाए लेकिन मुंबई के लिए यह काफी साबित नहीं हुए। टॉस जीतने का जो सबसे बड़ा फायदा होता है कि आपको पता होता है कि आपको इतनी गेंदों में कितना लक्ष्य हासिल करना है। वहीं हुआ मुंबई ने औसत को बनाए रखा और बाद में पोलार्ड की घातक बल्लेबाजी ने इसे अंजाम तक पहुंचा दिया।

    गंभीर के गलत निर्णय पड़े भारी
    बतौर कप्तान गंभीर आईपीएल में काफी सफल है लेकिन आज उनका दिन नहीं था। उन्होंने रनगति को रोकने के चक्कर में अपने ऐसे गेंदबाज से सारे ओवर करा दिए जो मुसीबत में काम आ सकते थे। अंत में वही हुआ पोलार्ड ने जब खेलना चालू किया तो कोलकाता के पास गेंदबाज के रूप में ऐसा कोई विकल्प नहीं बचा था जो उन्हें रोक सके।

    sw
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