बेंगलुरु, 4 जुलाई (आईएएनएस)| भारतीय टेस्ट टीम के वेस्टइंडीज जाने से पहले, टीम के मुख्य कोच अनिल कुंबले ने सोमवार को टीम के कप्तान विराट कोहली के मैदान पर आक्रामक रवैये की प्रशंसा की है, लेकिन साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को उस ‘बारीक लकीर’ (आक्रामकता को हद से बढ़ने नहीं देना) के बारे में भी याद दिलाया जिसका सम्मान किया जाना चाहिए।

दौरे पर रवाना होने से पहले कुंबले ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं उनके (कोहली) आक्रामक रवैये को पसंद करता हूं। मैं उनसे अलग नहीं था, मैं भी काफी आक्रामक था पर, हम मैदान पर एक दूसरे से काफी अलग हैं। लेकिन, आप किसी के आक्रामक रवैये को खत्म नहीं कर सकते। मैं किसी की स्वाभाविक प्रवृति को बदलने वाला आखिरी व्यक्ति बनना चाहूंगा।”

लेकिन, पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर ने कहा कि खिलाड़ी ‘भारत के दूत हैं’ और उन्हें सीमा नहीं पार करनी चाहिए।

संवाददाता सम्मेलन में कोहली के साथ बैठे कुंबले ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि भारत का प्रतिनिधि होना और भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा होना कितना महत्वपूर्ण है। यह हर कोई जानता है। हम इस बात को सुनिश्चित करेंगे की खिलाड़ी इन दोनों के बीच की बारीक रेखा को याद रखें। निश्चित ही मैं किसी के प्राकृतिक गुण को बदलना नहीं चाहता।”

कोच के तौर पर अपनी पहली परीक्षा पर जा रहे कुंबले ने कहा कि टीम को अपने विपक्ष की कमजोरी और मजबूत पक्षों पर ध्यान न देकर आने वाले अभ्यास मैचों में अपनी कमजोरियों में सुधार करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमें कुछ अभ्यास मैच खेलने हैं जहां हर खिलाड़ी को खेलने का मौका मिलेगा। उसके बाद हम फैसले लेंगे कि पहले टेस्ट मैच में क्या टीम उतारनी है।”

उन्होंने कहा, “सिर्फ कुछ खिलाड़ियों ने ही वहां टेस्ट मैच खेला है। बाकी खिलाड़ियों ने छोटे प्रारूप के मैच खेले हैं। इसलिए अपने विपक्षी को देखने के बजाए हमें अपने आप को देखना होगा और सुधार करना होगा।”

भारत के लिए सर्वाधिक विकेट लेने वाले कुंबले चाहते हैं टीम निरंतरता और खेल के लंबे प्रारूप पर ध्यान दे।

उन्होंने कहा, “एक कोच के तौर पर आप टीम को जीतते हुए देखना चाहते हैं और वह अपनी क्षमता का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर सके, इसके लिए उन्हें तैयार करते हैं। आप यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर क्षेत्र में टीम काम करे, चाहे वह कौशल विकास हो या रणनीति, ताकि वह किसी भी परिस्थिति को भांप सके और समाधान ढूंढ सके।”

कुंबले ने कहा, “अच्छी बात है कि हम काफी टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं और हम अपनी कमियों को देख पा रहे हैं और उन्हें दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें इस सत्र में 17 टेस्ट मैच खेलने हैं जिसकी शुरुआत वेस्टइंडीज से होनी है। इसके बाद न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के खिलाफ घर में खेलना है।”

कोच ने कहा, “हमारा लक्ष्य निरंतर अच्छा प्रदर्शन करना और ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना है। आप मैच में इस सोच के साथ नहीं जा सकते कि आप मैच नहीं जीत पाएंगे।”

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