टेस्ट मैच में भारत के लिए ' दसवीं विकेट की उच्चतम साझेदारी' - Sportzwiki
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टेस्ट मैच में भारत के लिए ‘ दसवीं विकेट की उच्चतम साझेदारी’


  • किसी भी टीम के सफल स्कोर में एक खिलाड़ी के व्यक्तिगत स्कोर के अलावा साझेदारी भी अहम भूमिका निभाती है. कई बार टीम के बुरे हालातों एक बढ़िया साझेदारी कारगार साबित होती है. आइये जानते हैं टेस्ट मैचों में भारत के लिए दसवीं विकेट की उच्चतम साझेदारी किन खिलाडियों की रही –

    133- सचिन तेंदुलकर और जहीर खान बनाम बांग्लादेश , ढाका
    इस मैच को सचिन तेंदुलकर के सर्वोच्च टेस्ट स्कोर 248 * के लिए याद किया जाता है. भारत ने 393 के स्कोर पर 9 वां विकेट खो दिया था और फिर सचिन और जहीर खान क्रीज पर एक साथ बल्लेबाजी के लिए उतरे, उन दोनों ने तीस से अधिक ओवर के लिए बांग्लादेशी गेंदबाजों को निराश किया. इस जोड़ी ने 181 गेंदों में 133 रनों की साझेदारी निभाई थी. वहीँ इस विशेष पारी में ज़ाहिर ने अपना सर्वोच्च टेस्ट स्कोर 75 बनाया था.

    111- शमी अहमद और भुवनेश्वर कुमार बनाम इंग्लैंड
    भुवनेश्वर कुमार और शमी अहमद ने 38.1 ओवर में 111 की साझेदारी निभाई. 9 नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए भुवनेश्वर ने टेस्ट मैचों में अपना पहला पचास रन स्कोर किया. इस दौरान शमी नाबाद 51 पर बने रहे और भुवनेश्वर ने कुल 58 रन बटोरे.

    111- हेमू अधिकारी और गुलाम अहमद बनाम पाकिस्तान , नई दिल्ली
    पाकिस्तान के खिलाफ 1952 श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच में भारत का स्कोर 9 विकेट के नुकसान पर 263 था. गुलाम अहमद और हेमू अधिकारी क्रीज पर एक साथ आये. आखिरी विकेट के लिए दोनों ने 111 रन की साझेदारी निभाई और भारत का कुल स्कोर 372 पर लेगये. भारत अंततः एक पारी और 70 रन से मैच जीत गया था.

    105- हरभजन सिंह और एस श्रीसंत बनाम न्यूजीलैंड , हैदराबाद
    भारत हैदराबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में परेशानी की स्थिति में था. भारत न्यूजीलैंड के पहली पारी में 350 के जवाब में 367-9 पर था. इन दोनों खिलाडियों ने सिर्फ 26 ओवर में 105 के साथ एक बढ़िया साझेदारी दी लेकिन मैच ड्रा रहा.

    95 -सुनील गावस्कर और शिवलाल यादव बनाम ऑस्ट्रेलिया , एडिलेड
    1985-86 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे के दौरान भारत श्रृंखला के सभी तीन मैचों को ड्रा करने में कामयाब रहा. पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 381 स्कोर किया जोकि भारत के लिए एक बड़ा खतरा बन गया था. जब स्कोर 97-1 पर था तब सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर चोटिल हो गए थे और पांचवें विकेट के पतन के बाद वापस बल्लेबाजी के लिए आये. शिवलाल यादव क्रीज पर गावस्कर के साथ शामिल हुए. इस जोड़ी ने एक महत्वपूर्ण 95 रन की साझेदारी निभाई और भारत की 100 से अधिक बढ़त बनाई. गावस्कर बने रहे और 166 रन बनाकर नाबाद रहे.

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