धोनी ने वनडे के नए नियमों पर निकाली अपनी भड़ास – Sportzwiki
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धोनी ने वनडे के नए नियमों पर निकाली अपनी भड़ास

  • विश्व वर्ल्ड कप में अपने हार से निराश धोनी ने अपने निराशा का कुछ और ही कारण बताया,विश्व कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के बाद भारतीयक्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे क्रिकेट के नए नियमों पर नाराजगीव्यक्त की है। धोनी इन नए नियमों से खुश नहीं हैं और उन्हें ये भी लगता है की इन्हेंबदला जाना चाहिए। धोनी का मानना है कि वनडे में ज्यादा चौकों-छक्कों सेखेल का असल मजा कहीं खो सा गया है। इस बार वो बात नहीं थी जो हर बार होती है

    और उन्होंने इस बात की पुष्टि की उन्होंने वाकई में कुछ चीजों की कमी की वजह से बहूत मुसीबत का सामना मैदान में किया जैसे तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की गैर मौजूदगी में गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफसेमीफाइनल में हार के दौरान धोनी को मैदान में संघर्ष करते देखा गया उनकी निराशा उस वक़्त और बढ़ गयी जब उनके पांचवेंगेंदबाज बायें हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा रनों पर अंकुश लगाने में नाकामरहे। धोनी बार-बार इस बात को सबके सामने रखते आए हैं कि 30 गज के दायरे के बाहर चार सेअधिक क्षेत्ररक्षकों को खड़ा नहीं करने के नियम से भारतीय गेंदबाजीपर बहूत बुरा असर पड़ा है और ये भी साथ में हमारे हराने का कारण बना । भारतीय कप्तान धोनी ने कहा, ‘ये मेरा निजी और खुद का सोचा हुआ नजरिया है, मैं साफ़ साफ़ कहता हु की ऐसा किसी ने मुझे नहीं कहा और साथ ही में मैंचाहता हूं कि इसमें बदलाव हो। क्रिकेट के इतिहास में हमने वनडे मैचों मेंदोहरा शतक कभी नहीं देखा और अब वाकई में हैरानी के साथ कहता हु की तीन साल में तीन दोहरे शतक (असल में छह) बन गएहैं।’

    भारत की तरफ से भारतीय टीम ने अब तक चार दोहरे शतक बने हैं, जिसमें भारतीय खिलाडी रोहित शर्मा ने दो जबकिसबसे अच्छे खिलाडी सचिन तेंदुलकर और भारतीय खिलाडी वीरेंद्र सहवाग ने एक-एक बनाया है। भारत के अलावावेस्टइंडीज के खिलाडी क्रिस गेल और न्यूजीलैंड के खिलाडी मार्टिन गुप्टिल ने भी एक-एकदोहरा शतक जड़ा, और दोनों इसी विश्व कप में जड़े गए। धोनी ने आइसीसी के इसनियम पर पूरी तरह से इल्जाम और निशाना साधते हुए कहा, ‘कई लोग कह सकते हैं कि अतिरिक्तक्षेत्ररक्षक के अंदर आने से अधिक खाली गेंदें को उछाला जा रहा है। लोग साथ में ये भी कहते है की अगर ऐसा हैतो क्षेत्ररक्षकों को बाहर रखने के विकल्प की जगह आप सभी 11 को घेरे केअंदर रख सकते हो जिससे कि और अधिक खाली गेंद हों। हमें देखना होगा। और इसलिए मुझे लगता है की 50 ओवरके मैच को टी20 की तरह नहीं बनाइए और परेशानी तब कड़ी होजाती है जब बहुत सारे छक्के और चौके भी इसेकाफी उबाऊ बना देंगे।’ उन्होंने कहा कि वनडे क्रिकेट का मुख्य बात और आकर्षण केंद्र यह हैकि ये आप पर निर्भर करता है की 15वें ओवर से लगभग 35वें ओवर तक कैसे खेलते हो क्योंकि कुछ समानताएं जैसे की पहले दस औरअंत के दस टी-20 की तरह ही हैं। और इसलिए कुछ अलग में ये भी है की वनडे क्रिकेट की असली परीक्षा यह है कि आपबीच के ओवरों में कैसे बल्लेबाजी करते हो।

    sw
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