rps-vs-gl-five-leading-causes-of-rps-defeat
करेंट इवेंट

RPS vs GL: आरपीएस के हारने के पांच प्रमुख कारण

  • क्रिकेट डेस्क। ड्वेन स्मिथ (63) और अन्य बल्लेबाजों की बेहतरीन पारियों की बदौलत गुजरात लायंस ने आईपीएल-9 के बेहद रोमांचक मैच में शुक्रवार को आरपीएस को तीन विकेट से हरा दिया। गुजरात की सात मैचों में यह छठीं जीत रही जबकि राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स की इतने मैचों में पांचवी हार।

    आइए उन कारणों पर नजर डालते हैं जिनकी वजह से आरपीएस को हार का सामना करना पड़ा।

    कमजोर गेंदबाजी
    अगर कोई टीम 196 रन के विशाल लक्ष्य रखती है और उसके बाद भी उसे बचाने में कामयाब नहीं होती तो आप उस टीम के द्वारा की गई गेंदबाजी का अंदाजा लगा सकते हैं। मॉर्केल बुरी तरह से फ्लॉप रहे और उन्होंने 2 ओवर में 30 रन दे डाले। डिंडा भी आज प्रभावित नहीं कर सके। उन्होंने 2 विकेट जरूर लिए लेकिन 4 ओवर में 10 की औसत से रन लुटाए। एम अश्विन ने थोड़ा प्रभावित किया लेकिन पहले दो ओवर उनके भी अच्छे नहीं रहे।

    अश्विन एक बार फिर फेल
    अश्विन की पहचान एक ऐसे गेंदबाज के रूप में है जो मैच का रुख बदल सकता है, लेकिन इस आईपीएल में उनका फ्लॉप शो आज भी जारी रहा। अश्विन ने 4 ओवर में 37 रन लुटाए और उन्हें कोई भी सफलता हासिल नहीं हुई। सबसे भरोसेमंद गेंदबाज का इस तरह से परफॉर्म न करना आरपीएस के लिए समस्या बन गया है।

    मैकुलम का कैच छोड़ना
    मैकुलम का कैच छोड़ना आरपीएस को काफी भर पड़ गया, इसका परिणाम यह हुआ, कि ब्रेंडन मैकुलम (46) और ड्वेन स्मिथ (63) ने तूफानी शुरुआत दिलाई। दोनों ने केवल 49 गेंदों में 93 रन जोड़े। इन्हीं की पारियों की बदौलत टीम को एक ठोस शुरुआत मिल गई और वह इतने बड़े लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब रही।

    टॉस हारना पड़ा भारी
    गुजरात ने टॉस जीतकर राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स (आरपीएस) को बल्लेबाजी का न्योता दिया। स्टीव स्मिथ (101) के शतक की बदौलत आरपीएस ने 20 ओवर में तीन‍ विकेट खोकर 195 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। लेकिन एक बार फिर साबित हो गया कि टी-20 में स्कोर का पीछा करना एक बड़ा स्कोर बनाने से ज्यादा आसान है।

    बड़े स्कोर के बाद भी खराब रणनीति
    आरपीएस 196 रन को भी नहीं बचा सकी इसके पीछे फील्ड में गुजराज के खिलाफ अपनाई गई रणनीति भी एक बहुत बड़ा कारण है। फील्डिंग की जमावट को लेकर आज कप्तान धोनी भी असमंजस में नजर आ रहे थे। खिलाडि़यों को बार-बार तीस यार्ड के घेरे के अंदर बुलाना फिर वापस भेज देना। ये ऐसी बातें थी जो धोनी की कप्तानी और रणनीति में कम ही दिखाई देती हैं।

    sw
    Top