खेल डेस्क, भारत में सभी को मालूम है कि क्रिकेट को लेकर प्रशंसकों में कितना अधिक उत्साह होता है. क्रिकेटर की हर पर्सनल खबर से लेकर मैदान पर घट रही ख़बरों के बारे में प्रशंसक जाने को उत्सुक रहते हैं. इसी वजह से इस खेल में खिलाडियों के बीच कॉम्पटीशन भी जमकर होता है. बहुत सारे खिलाडी एक ही वक़्त पर बेहतरीन खेल दिखा रहे होते हैं इसलिए चयनकर्ताओं को किस खिलाडी को चुनना चाहिए और किसको नहीं इसको लेकर पशोपेश में पड जाते हैं. ऐसे में कई बार चयनकर्ता ऐसे खिलाडियों को नज़रअंदाज कर देते हैं. आइये जानते हैं ऐसे ही पांच रणजी क्रिकेटर जो कर दिए गए चयनकर्ताओं की ओर से नज़रअंदाज-

वसीम जाफर

मुंबई से सम्बन्ध रखने वाले वसीम जाफर ऐसे रणजी खिलाडी रहे जो हमेशा ही गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा करते रहे थे. ये एक बेहतरीन पहले बल्लेबाज थे जिन्होंने रणजी में दस हज़ार रन पूरे किये थे. हालाँकि इनको टीम इंडिया से खेलने के कई मौका मिले थे लेकिन ज्यादा सफल बल्लेबाज नहीं बन सके. अंततः हाल ही में जाफर ने संन्यास ले लिया है.

सुब्रमण्यम बद्रीनाथ

सुब्रमण्यम बद्रीनाथ को तमिलनाडु का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज माना जाता था. बद्रीनाथ अपनी तकनीक के बल पर अच्छे अच्छे गेंदबाजों को पानी पिला दिया. रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडु की तरफ से खेलते हुए बद्रीनाथ ने दस हज़ार से अधिक रन बनाये हैं. इसमें उनके 31 शतक भी शामिल हैं. हालाँकि बद्रीनाथ को कुछेक मौके भारतीय टीम से खेलने को जरुर मिले लेकिन ज्यादा समय तक वो भारतीय टीम में जगह न बना सके. बदरीनाथ आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स की तरफ से खेल चुके हैं.

मिथुन मन्हास

मिथुन मन्हास का जन्म अक्टूबर 1979 में हुआ था. मिथुन के बारे में कहा जाता था कि एक दिन ये सचिन, सौरव और द्रविड़ के साथ टीम इंडिया का अहम् हिस्सा होंगे. हालाँकि ऐसा कभी सच न हो सका और मिथुन एक रणजी के सितारे बनकर ही रह गए.

 

बीबी निम्बालकर

बीबी निम्बालकर के बारे में ज्यादा लोगों को मालूम नहीं होगा. लेकिन यह तो तय है कि आप निम्बालकर के बारे में जानकार दंग रह जायेंगे. बीबी निम्बालकर रणजी के इतिहास में चौथी पारी में सबसे अधिक रन बनाने वाले क्रिकेटर हैं. ये पचास की दशक में सबसे बेहतरीन खिलाडियों में से एक थे.

मनोज तिवारी

कहा जाता है कि वेस्ट बंगाल में क्रिकेट खेल में सौरव गांगुली के बाद जिस बल्लेबाज को अपने खेल की वजह से इतनी इज्ज़त मिली वह मनोज तिवारी ही हैं. मनोज तिवारी ने जब वनडे टीम में पदार्पण किया था तो ब्रेट ली ने उन्हें योर्कर गेंद पर शून्य रन पर आउट किया था. इसके बाद मनोज तिवारी टीम इंडिया में ज्यादा समय के लिए जगह नहीं बना सके और एक रणजी प्लेयर बनकर रह गए.

रणदेब बोस

रणदेब बोस उस वक़्त चर्चा में आये थे जब पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने उन्हें ट्रेनिंग के लिए बुलाया था. रणदेब एक तेज़ गेंदबाज थे जिन्होंने 2006-07 के बीच 57 रणजी विकेट लेकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया था. रणदेब के पास एक और अद्भुत रिकॉर्ड दर्ज है. रणदेब ने फर्स्ट क्लास मैचों में अभी तक दस हज़ार से ऊपर गेंदे फेंकी हैं.

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