एक समय में क्रिकेट के हीरो रहे खिलाडी वर्तमान में क्या कर रहे हैं!...जानिए यहाँ - Sportzwiki
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एक समय में क्रिकेट के हीरो रहे खिलाडी वर्तमान में क्या कर रहे हैं!…जानिए यहाँ

  • कुछ समय के लिए भारतीय टीम को अपना बेहतर योगदान देकर सुर्ख़ियों में रहे कुछ क्रिकेट खिलाडी आज गुमनाम की ज़िन्दगी जी रहे हैं.  कुछ का राष्ट्रिय क्रिकेट करियर खत्म हो चुका लेकिन एक वक़्त था जब उनके प्रदर्शन से लगता था कि वे कल के उभरते सितारे हैं. पर नहीं उनका करियर घरेलु मैचों या फिर अन्य क्षेत्र में ही सिमट कर रह गया. आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ खिलाडियों के नाम…

     5) जय प्रकाश यादव

    इस खिलाडी को कम ही लोग जानते हैं .रेलवे के लिए घरेलू प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने इस खिलाडी को भारत , वेस्ट इंडीज और न्यूजीलैंड के बीच त्रिकोणीय श्रृंखला में आजमाने का फैसला किया था. दूसरे वनडे में ये खिलाडी अन्य खिलाडियों के मुकाबले 92 गेंदों पर सर्वाधिक 69 रन बनाने वाला एक मजबूत खिलाडी रहा. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण भारत मैच हार गया. और अगले सत्रों में यादव कुछ ख़ास प्रदर्शन नहीं कर सका.

    रेलवे के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने में वह एक विश्वसनीय खिलाडी था लेकिन फिर यादव में कैंसर ट्यूमर पाया गया. वहीँ खिलाड़ी हाल ही में एक पब के प्रबंधक के साथ अपने दुर्व्यवहार के लिए सुर्खियों में रहा .

    4) वेणुगोपाल राव

    2002 में अंडर -19 विश्व कप जीतने वाली टीम के इस खिलाडी को वर्ष 2005 में इंडियन आयल कप के दौरान भारतीय टीम में अपना पहला अवसर मिला.श्रृंखला के पहले ही मैच में राव ने पारी की दूसरे नंबर पर सर्वाधिक 38 रन बनाए, उनकी अगली महत्वपूर्ण पारी पाकिस्तान के खिलाफ रही जिसमे राव ने 61 उच्चतम रन बनाए .लेकिन उनकी सबसे आश्चर्यजनक पारी एक फार्म में चल रहे इंग्लैंड -ए टीम के खिलाफ साउथ जोन के लिए नाबाद 228 रन की थी. जिसने टीम को जीतने में मदद की.

    वह बाद में आईपीएल टीम हैदराबाद की डेक्कन चार्जर्स के लिए खेला. खिलाड़ी वर्तमान में गुजरात के लिए घरेलू क्रिकेट खेलता है.

    3) दिनेश मोंगिया


    इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ष 2001 में भारतीय टीम में अपनी शुरुआत की . बाद में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ हुए मैच में मोंगिया ने नाबाद 159 रन बनाये थे.अगली श्रृंखला में भारत और वेस्ट इंडीज के बीच1 मैच में 74 रन बनाये. भारत के लिए नियमित रूप से खेलने के बाद वह 2003 में आईसीसी विश्व कप के अंतिम एकादश में चुना गया .विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत नीदरलैंड्स के खिलाफ 42 रन रहे. मोंगिया ने अंतिम एकदिवसीय वर्ष 2007 में बांग्लादेश के खिलाफ खेला.

    अब खिलाडी ने बॉलीवुड में दस्तक दी है और जल्द ही रूपहले पर्दे में देखा जाएगा.

    2) मोहम्मद कैफ


    कभी ‘ भारतीय क्रिकेट के जोंटी रोड्स ‘ कहे जाने वाले कैफ ने 20 वर्ष की उम्र में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में खेल की शुरुवात की. 2002 नेटवेस्ट सीरीज में कैफ ने 87 * रन बनाकर भारत को 326 का लक्षय पूरा करने में मदद की और ट्रॉफी टीम के नाम हुई. लेकिन बल्लेबाज़ी से ज्यादा अपनी फील्डिंग के कारण वे भारतीय टीम के प्रमुख खिलाडी थे. लेकिन वह प्रतिभा टीम में अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नहीं थी और 2006 में वे टीम से बाहर हो गए.
    इसके बाद वह राजस्थान रॉयल्स , किंग्स इलेवन पंजाब और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के लिए आईपीएल के कुछ मैच खेले. कैफ फिर 2014 तक आंध्र के लिए खेला. और फिर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए राजनीति में आए और लोकसभा चुनावों में चुनाव लड़ा .

    1) रुद्र प्रताप सिंह

    आरपी सिंह उन कुछ लोगों में से है जिसे अपने कैरियर की शुरुआत मैच में मैन ऑफ़ द मैच पुरस्कार मिला. इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने वर्ष 2005 में राष्ट्रीय टीम में अपनी शुरुआत की.और 2007 में आईसीसी विश्व कप टीम के लिए चुना गया. इस दौरान 7 मैचों में 12 विकेट लेने के साथ वह दूसरा सर्वाधिक विकेट लेने वाला गेंदबाज बन गया. वह 2011 तक देश के लिए खेला.
    राष्ट्रीय टीम में कैरियर खत्म होने के बाद खिलाड़ी ने रणजी ट्राफियां में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया और 2013 तक आईपीएल में खेला.

    इन खिलाड़ियों को फिर कभी भी खुद को साबित करने का मौका नहीं मिला और अवसर के अभाव में ये कुछ आशाजनक खिलाडी कुछ वक़्त के हीरो बनकर गुमनामी में खो गए.

    sw
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