क्रिकेट के खेल में कोचिंग का बडा महत्व होता है. कोचिंग में सबसे बडी बात ये होती है की, हर खिलाडी के दिमाग को पढना, और हर तरह से उस खिलाडी को बेहतर बनाना. कोचिंग का महत्व 21वी सदी में सबसे ज्यादा है, क्योंकि अब नयी नयी तकनीक का इस्तेमाल होने लगा है. कोचिंग की जिम्मेदारी अब काफी बडी हो गयी है.

क्रिकेट में हमने काफी शानदार कोच देखे है, जिनके अंदर काफी टीमों का प्रदर्शन कमाल का रहा है. कोच कैसा काम करता है ये जरूरी है, ना की उसने टीम को कितने मैचों में जिताया है. जैसे की जॉन बुकानन और बॉब वुलमर. बॉब को अफ्रिका और पाकिस्तान के साथ शानदार सफलता मिली, लेकिन रहस्यमय तरीके से पाकिस्तान टीम के साथ एक दौरे में उनकी मौत हो गयी थी. और अगर रिकॉर्ड देखा जाए तो बुकानन से बडा कोच क्रिकेट में कोई नहीं होगा. लेकिन उनके पास टीम ही इतनी अच्छी थी की कोई भी कोच उस अॉस्ट्रेलियन टीम के साथ जीत ही जाता. इसलिए इस लिस्ट में हमने उनका नाम नहीं लिया है.

ये देखे क्रिकेट के पांच सबसे शानदार कोच:

5. माईक हेसन (न्यूजीलैंड):

हेसन ने कप्तान मैकुलम के साथ मिलकर न्यूजीलैंड क्रिकेट की तस्वीर ही बदल डाली. न्यूजीलैंड कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर रहा था, लेकिन हेसन के कोच बनते ही, उन्होंने मैकुलम को कप्तान बना दिया. दों आक्रमक चेहरों के साथ न्यूजीलैंड को बडी कामयाबी मिली. और इसी कारण न्यूजीलैंड इस साल के विश्वकप के फाइनल तक पहुंचा.

4. डेव व्हाटमोर (श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, जिंबाब्वे)

डेव चार टीम के कोच रह चुके है, और एक कोच के कार्यो का उनको भरपूर अनुभव है. डेव एक शांत कोच है, और टीम में जोश भरते है. श्रीलंका के कोच बनने के बाद उन्होंने 1996 का विश्वकप श्रीलंका को जीताकर, श्रीलंका क्रिकेट की तस्वीर ही बदल डाली. बांग्लादेश के कोच बनने के बाद, बांग्लादेश को भी एक नयी दिशा दी.

3. एंडी फ्लॉवर (इंग्लैंड)

जितने सफल वे एक खिलाडी के तौर पर रहे, उतने ही सफल वे बतौर कोच रहे. 2009 में उनको इंग्लैंड का कोच बना दिया, और पुरी जिम्मेदारी उनको दि गयी. सबसे पहले उन्होंने इंग्लैंड को एशेज में जीत दिलाई. फिर इंग्लैंड ने पहली बार आईसीसी ट्रॉफी जीती, जब इंग्लैंड ने 2010 का विश्वकप जीता. फिर अॉस्ट्रेलिया को उनके घर में हराया, और भारत को हराकर इंग्लैंड नंबर एक टेस्ट टीम बनी थी.

2. जॉन राईट (भारत और न्यूजीलैंड)

जॉन राईट भारत के पहले विदेशी कोच बने, और गांगुली के साथ 2000 से लेकर 2005 तक उनकी जोडी कमाल की हिट रहीं. राईट के जमाने में भारत को, सहवाग, हरभजन, युवराज, जहीर जैसे खिलाडी मिले. राईट के अंदर भारत 2003 के विश्वकप के फाइनल में पहुंचा, और काफी जगह टेस्ट भी जीते. न्यूजीलैंड को भी उन्होंने 2011 के विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचाया था.

1. गैरी क्रिस्टन (भारत और अफ्रिका)

गैरी क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कोच रहे है. गैरी के अंदर भारत नंबर एक टेस्ट टीम बनी. उनके समय में सचिन, सहवाग, जहीर अपने पुरे शबाब पर थे. लेकिन उनकी सबसे बडी सफलता भारत को 2011 का विश्व विजेता बनी थी वो थी. गैरी को हर खिलाडी काफी सन्मान देते थे. औरअब जब वो अफ्रिका के कोच बने है, तो उन्होंने अफ्रिका को भी नंबर एक टेस्ट टीम बनाया हुआ है.

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