अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक से अधिक देश का प्रतिनिधित्व करने वाले क्रिकेटरों के कई उदाहरण हैं ,आइये जानते हैं ऐसे ही 5 खिलाडियों के नाम जो अपने करियर में कभी न कभी दो देशो के लिए खेले-

5. एड जॉयस :

डबलिन में जन्मे, एड जॉयस दो अलग-अलग देशों के लिए खेले हैं इंग्लैंड और आयरलैंड. जॉइस कैरेबियन में 2007 के विश्व कप में इंग्लैंड के लिए खेले लेकिन पूर्व मिडिलसेक्स बल्लेबाज अपने शुरुआती वादे पर खरा उतरने में विफल रहे और 2011 में उपमहाद्वीप में आयोजित टूर्नामेंट के अगले संस्करण में आयरलैंड की टीम में शामिल हो गए. लेकिन इन्हे दो देशों के बीच स्विच करने के लिए आवश्यक चार साल की योग्यता हासिल नहीं थी लेकिन आईसीसी ने उन्हें अपने देश के लिए खेलने के लिए विशेष छूट दे दी.
इंग्लैंड के लिए जॉइस ने 17 मैचों में 27.70 की औसत से 471 रन बनाए जिनमे तीन अर्द्धशतक और एक शतक शामिल था. इस बीच, आयरलैंड के लिए 17 मैचों में उन्होंने 40.80 की एक बेहतर औसत के साथ 612 रन बनाए थे.

4. इयोन मोर्गन :

डबलिन में 10 सितम्बर 1986 को जन्मे इयोन मोर्गन एक आयरिश क्रिकेटर हैं जो वर्तमान में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के लिए खेलते हैं. मोर्गन ने इंग्लैंड के लिए खेलने से पहले आयरलैंड के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू किया. इतिहास में केवल उन दो खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने दोनों देशों के लिए एक वनडे शतक जड़ा है.
आयरलैंड के लिए मोर्गन ने 23 मैच खेले और 35.42 की औसत से 744 रन बनाए. वहीँ इंग्लैंड के लिए119 मैचों में उन्होंने 3551 रन बनाए हैं.

3. डर्क नानेस :

डर्क नानेस डच में जन्मे एक ऑस्ट्रेलियाई बाएं हाथ के तेज गेंदबाज है. हालांकि इनका नाम 2008 में सुर्खियों में आया जब वह इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेल रहे थे. नीदरलैंड के लिए इन्होने इंग्लैंड के खिलाफ टी -20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी शुरआत की. फिर इस खिलाड़ी ने 2010 आईसीसी विश्व ट्वेंटी -20 में ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रतिनिधित्व किया.

2. इफ्तिखार अली खान पटौदी :

पूर्व भारतीय कप्तान मंसूर अली खान पटौदी के पिता इफ्तिखार अली खान पटौदी ने भारत और इंग्लैंड दोनों का प्रतिनिधित्व किया है. इफ्तिखार 1932 और 1934 में इंग्लैंड टीम के लिए खेले थे.

1. केपलर वेसेल्स :

दक्षिण अफ़्रीकी में पैदा हुए केपलर वेसेल्स दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशो के लिए एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने थे. वेसेल्स ने 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ नवंबर 1982 में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलकर अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी. दक्षिण अफ्रीका को छोड़ने के लिए वेसेल्स जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए एक मुख्य कारण रंगभेदी शासन था. इसके बाद 1992 में पुनः दक्षिण अफ्रीका टीम में आने के बाद इन्होने दक्षिण अफ्रीकी टीम के पहले विश्व कप प्रतियोगिता में टीम की कप्तानी की.

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