कभी-कभी क्रिकेट में एक पारी एक शतक से भी अधिक मूल्यवान होती है. लोग हमेशा रिकार्ड्स की तरफ देखते हैं कि किसने शतक लगाया ,कितने रन बनाये कितने चौके छक्के जड़े लेकिन आज यहाँ हम बात करेंगे भारतीय बल्लेबाजों द्वारा खेली गयी एक शतक से भी ज्यादा कीमती टॉप पारियों की….

5. युवराज सिंह ने बनाये 84 ( 80) बनाम ऑस्ट्रेलिया (आईसीसी नॉकआउट ट्राफी , नैरोबी, 2000)
युवराज सिंह की यह पारी बहुत दबाव के तहत खेली गयी सबसे असाधारण पारियों में से एक है. सचिन और द्रविड़ आउट हो चुके थे और भारत 25 ओवर में 130/4 पर संघर्ष कर रहा था. और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहली पारी के लिए युवराज सिंह मैदान में आये. युवराज बहुत बढ़िया खेल रहे थे. जेसन गिलेस्पी और ब्रेट ली की बाउंसर पर वह जिस तरह से बल्लेबाज़ी कर रहे थे वह युवी की क्षमता का एक स्पष्ट उदाहरण था. उन्होंने 84 की अपनी पारी में 12 चौके लगाए और भारत का कुल स्कोर 265 तक पहुँचाया. ऑस्ट्रेलिया अंततः 20 रन से मैच हार गया.

4. अजित अगरकर 67 * (25) बनाम जिम्बाब्वे (जिम्बाब्वे का भारत दौरा, 2001)
वनडे क्रिकेट में अजित भारत के सबसे अच्छे गेंदबाजों में से एक रहे हैं. अपने 191 वनडे में उन्होंने 5.07 की अर्थव्यवस्था के साथ 288 विकेट लिए हैं. हालांकि, 2000 में जिम्बाब्वे के भारत दौरे के दौरान इन्होने अपनी एक ठोस छाप छोड़ी. सिर्फ 21 गेंदों में वनडे में सबसे तेज 50 स्कोर करने वाले वह पहले भारतीय खिलाडी बने. भारत 44 वे ओवर में 216/6 पर संघर्ष कर रहा था और फिर और आगरकर ने 7 चौके और 4 छक्कों की मदद से 25 गेंद में 67 रन बनाए. जिसने कि जिम्बाब्वे के खिलाफ श्रृंखला जीत सुरक्षित की.

3. राहुल द्रविड़ 92 * (63) बनाम इंग्लैंड (भारत के इंग्लैंड दौरे के दौरान, नेटवेस्ट सीरीज , 2007)
तेंदुलकर और गांगुली से एक अच्छी शुरुआत से भारत 31 ओवर में 180/2 पर पहुंच गया था. द्रविड़ 4 नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आये और धोनी के साथ 6 ओवर में 69 की उनकी भागीदारी ने भारत के स्कोर को 300 तक पहुंचा दिया. अपनी पारी में उन्होंने 11 चौके और 1 छक्का जड़ा. इससे पहले द्रविड़ को 146.03 की स्ट्राइक रेट से रन बनाते कभी नहीं देखा गया था.

2. गौतम गंभीर 97 ( 122) बनाम श्रीलंका(आईसीसी विश्व कप , एशिया, 2011)
एक उच्च दबाव की स्थिति में विश्व कप फाइनल में ऐसा खेलना काफी मुश्किल है. गौतम गंभीर ने पूरी पारी के दौरान अपना मानसिक संतुलन बनाये रखा. इस दौरान धोनी ने भी 91 * रन बनाये लेकिन देखा जाये तो वह गभीर ही है जिसने विश्व कप जीतने के लिए भारत की नीव रखी.

1. सचिन तेंदुलकर 98 ( 75) बनाम पाकिस्तान (आईसीसी विश्व कप , दक्षिण अफ्रीका, 2003)
274 का लक्ष्य निर्धारित करने के बाद पाकिस्तान अपनी तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण से भारतीय बल्लेबाज़ों पर हमला करने को तैयार था. सचिन तेंदुलकर ने अत्यंत पूर्णता के साथ पाकिस्तान के तेज आक्रमण का सामना किया. सचिन ने 75 गेंदों पर 98 रन बनाये और टीम में अपना बढ़िया योगदान दिया लेकिन बस दो रन से अपना शतक जड़ने में चूक गए.

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