भारतीय क्रिकेट टीम के दोनों कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली के विचारों में क्या है अंतर - Sportzwiki
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भारतीय क्रिकेट टीम के दोनों कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली के विचारों में क्या है अंतर

  • भारतीय क्रिकेट टीम के ये दो कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली, दोनों के सोच में काफी अंतर है| एक कप्तान कूल तो दुसरा गर्म मिज़ाज, भारतीय टीम सात साल बाद दो अलग-अलग शख्सियतों की कप्तानी में खेल रही है। दोनों कप्तानों की सोच और रणनीति में बहुत फ़र्क है|

    धोनी: टीम में 4 गेंदबाज
    कोहली: टीम में 5 गेंदबाज

    जब कोहली के कप्तानी में बंगलादेश के खिलाफ भारतीय टीम उतारी तो उसमे एक अतरिक्त गेंदबाज शामिल था| धोनी के कप्तानी में 4 गेंदबाज होते थे लेकिन विराट के कप्तानी में 5 गेंदबाजों को उतारा| इन दोनों के सोच में काफी अंतर है| कोहली का मानना है कि टेस्ट में आर अश्विन का औसत 40 है। हरभजन सिंह भी बल्लेबाज़ी कर लेते हैं। लिहाज़ा एक अतिरिक्त गेंदबाज़ को खेलाने में ज़्यादा जोख़िम नहीं है।

    विराट कोहली ने कहा, कि मैं पांच गेंदबाज़ों के साथ खेलना पसंद करता हूं। मैं हमेशा अश्विन जैसे खिलाड़ियों को पसंद करुंगा जिसकी बल्लेबाज़ी औसत 40 की है| उसने कहा हरभजन सिंह भी अच्छी बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन गेंदबाजों को भी थोड़ी बल्लेबाजी आनी चाहिए|

    धोनी: जोखिम हो तो ड्रा की कोशिश करते हैं|
    कोहली: जीत या हार के लिए तैयार, ड्रा उनका आखिरी लक्ष्य

    पिछले साल वेलिंग्टन टेस्ट में 130 रन पर न्यूज़ीलैंड के 5 विकेट गिर चुके थे। लेकिन धोनी ने दबाव बढ़ाने की कोशिश नहीं की। ईशांत शर्मा बिना स्लिप के गेंदबाज़ी करते रहे। जबकि ऑस्ट्रेलिया में एडिलेड में सीरीज़ के पहले टेस्ट में धोनी घायल थे। विराट ने कप्तानी की। चौथी पारी में 364 रन का लक्ष्य मिला। यहां कोहली ने जीत के लिए खेलना शुरू किया और 141 रन बनाए। पहली पारी में भी शतक लगाया था। हालांकि उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी के बाद भी टीम जीत नहीं सकी। लेकिन दोनों कप्तानों की रणनीति में अंतर देखा जा सकता है।  

    धोनी: डीआरएस के खिलाफ
    कोहली: डीआरएस पर विचार

    विराट कोहली कप्तानी की कमान संभालते ही धोनी के उलट DRS को लेकर भी सकारात्मक रवैया दिखाया है। कोहली कहते हैं कि वो Decision review system को लेकर अपनी टीम से बातचीत करने को तैयार हैं। उनके मुताबिक़ ऐसे सिस्टम को लेकर टीम के गेंदबाज़ों और बल्लेबाज़ों की राय जानना ज़रूरी है। वो खिलाड़ियों की सोच के मुताबिक़ ही आगे बढ़ना चाहते हैं।  बीसीसीआई अब तक मैचों में DRS के इस्तेमाल के ख़िलाफ़ रही है, लेकिन कोहली ने बयान दिया, “आपको गेदबाज़ों से पूछना होगा कि वो इसके बारे में क्या सोचते हैं। बल्लेबाज़ों से पूछना होगा। हमारे पास टेस्ट के पहले समय नहीं था। अब अगले टेस्ट के पहले काफ़ी समय है। हम इस पर विचार करेंगे”|

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