भारतीय मुख्य कोच की जॉब क्रिकेट में सबसे ज्यादा दबाव वाली जॉब हैं. महान भारतीय गेंदबाज़ अनिल कुंबले को हाल ही में भारतीय टीम का कोच नियुक्त किया गया है, जाहिर है कि अनिल कुंबले पर अच्छा प्रदर्शन का बेहद अधिक दबाव होगा.

बीसीसीआई ने पूर्व गेंदबाज़ अनिल कुंबले को एक वर्ष  के लिए भारतीय टीम का कोच नियुक्त किया है, इसका मतलब यह है कि भारतीय टीम के साथ कुंबले 1 सीजन तक जुड़े रहेगे जोकि अगले वर्ष मार्च का चलेगा. 45 वर्ष के अनिल कुंबले में जज्बा है कि वह कड़ी मेहनत से अपने आप को एक अच्छा कोच साबित कर सकते हैं.

भारत को आने वाले सीजन में 17 टेस्ट मैच खेलने हैं, कुंबले के एक वर्ष के कॉन्ट्रैक्ट में भारतीय टीम विराट कोहली की कप्तानी में ज्यादातर टेस्ट मैच ही खेलेगी. कुंबले के सामने प्राथमिक चुनौती होगी, कि भारतीय टीम में बाकि टीम के अपेक्षा बेहद कम अनुभव हैं, जोकि एक बड़ी समस्या हैं. 1990 के बाद पहली बार भारतीय टीम सबसे ज्यादा युवा खिलाड़ियों के साथ खेलेगी.

भारतीय टीम युवा है, और टीम के कप्तान कोहली भी बेहद आक्रामक हैं. भारतीय टीम में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं लेकिन उन खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का अनुभव नहीं है. कुंबले के कोच बनते ही उनके सामने वेस्ट-इंडीज की कड़ी चुनौती हैं. वर्ष 2002 के बाद वेस्ट-इंडीज में भारतीय टीम कोई भी सीरीज नहीं जीत सकी है, ऐसे में अच्छा प्रदर्शन करने का दवाब भी कुंबले और भारतीय टीम पर होगा.

विश्वकप टी-20 तक भारतीय टीम के साथ डायरेक्टर के रूप में जुड़े रहे रवि शास्त्री को नज़रंदाज़ करके अनिल कुंबले को कोच नियुक्त किया गया, जबकि शास्त्री के अंतर्गत भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया था, ऐसे में अनिल कुंबले के सामने ये एक और दवाब की वजह होगी.

भारतीय टीम का कोच अनिल कुंबले को बनाएं जाने बाद रवि शास्त्री बेहद खफा दिखे और उन्होंने यह सवाल उठाए थे, कि उनके इंटरव्यू के दौरान सौरव गांगुली मौजूद नहीं थे, और रवि शास्त्री को अस्वीकार करके कुंबले को कोच चुना गया. टेस्ट क्रिकेट में 619 विकेट वाले अनुभवी अनिल कुंबले पर बीसीसीआई ने शास्त्री से अधिक भरोसा जताया हैं.

भारतीय कोच अनिल कुंबले के सामने एक सबसे बड़ी समस्या यह होगी कि इस सीजन में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड भारत दौरे पर आने वाली है, जोकि स्पिन गेंदबाजी को अच्छे तरीके से खेलती है, ऐसे में अनिल कुंबले को इन दोनों टीमों के विरुद्ध कुछ अलग ही रणनीति बनानी होगी.

इंग्लैंड ने वर्ष 2012 में इतिहास रचते हुए भारत को टेस्ट सीरीज में हराया था. पिछली सीरीज में भारतीय स्पिनर इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान करने में नाकाम रहे थे. भारतीय टीम इस बार अनिल कुंबले के स्पिन मैजिक के सहारे टेस्ट सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही होगी.

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