इस खिलाड़ी के आगे, गेल, ड‍िविलियर्स और विराट कुछ नहीं - Sportzwiki
एडिटर च्वाइस

इस खिलाड़ी के आगे, गेल, ड‍िविलियर्स और विराट कुछ नहीं

  • क्रिकेट डेस्‍क। क्रिकेट एक बहुत ही जुनूनी खेल है और यही कारण है विश्‍व के कोने-कोने में इसके चाहने वाले और इसे खेलने वाले लोग रहे है। आज हम जिस खिलाड़ी की बात करने जा रहे है हो सकता है उसका नाम भी आपने ना सुना हो लेकिन जब उसके बारे में जानेंगे तो एक ही ख्‍याल दिल में आएगा कि यह तो बहुत ही खतरनाक खिलाड़ी है।

    आक्रामकता इस खेल का हिस्‍सा बन गई है और अब उन खिलाडि़यों को ज्‍यादा महत्‍व दिया जाता है जो बेहद आक्रामक खेल दिखाते है, चाहे वह क्रिस गेल हो, डीविलियर्स हों या विराट कोहली। पर हम आज जिस खिलाड़ी की बात कर रहे है उनका नाम है फ्रैंक वूली। आप सोचेंगे कि इनमें ऐसा क्‍या खास है तो इसके लिए हम आपको स्कॉटलैंड के क्रिकेटर और लेखक आर सी रॉबर्ट्सन की उस लाइन के बारे में बताते है जो उन्‍होंने वूली के लिए लिखी थी।
    उनका कहना था कि, “ग्लासगो वूली जिस अंदाज में बल्‍लेबाजी करते हैं लगता है कोई बटर के टुकड़े पर रेजर-ब्लेड चला रहा हो।” इतना ही नहीं उन्‍होंने यहां तक लिखा कि,” वूली की बल्लेबाजी  करते देखना सपना देखने जैसा है।”

    वूली आखिर कैसे बल्‍लेबाज थे इसकी जानकारी सिर्फ लेखकों की कलमों से नहीं बल्कि उनक रिकॉर्ड से भी लगाई जा सकती है। उनका जन्‍म 27 मई 1887 को टोनब्रिज, केंट में हुआ था। लेकिन अगर बल्‍लेबाजी की दुनिया की बात की जाए इसमें उनका जन्‍म बतौर क्रिकेटर 1906 में केंट हुआ। इसके बाद उन्‍होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और बहुत तेजी से उनकी ख्‍याति दूर-दूर तक फैलने लगी। वूली अकसर मैच में शतक लगाने के साथ ही 10 विकेटें भी झटक लिया करते थे। ये अपने आप में उनकी प्रतिभा को दर्शाता है। इसके साथ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका औसत 40.75 का रहा। वूली और ग्रेस के नाम एक सत्र में सबसे अधिक एक हजार रन बनाने का रिकॉर्ड आज भी दर्ज है।

    इसके साथ ही कई रिकॉर्ड ऐसा भी है जो आज भी उनकी याद दिलाते हैं। वह है सबसे तेज तिहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड। वूली ने एमसीसी बनाम तस्‍मानिया के मैच में 3 घंटे 25 मिनट बल्‍लेबाजी करके तिहरा शतक लगा दिया था। हालांकि इस रिकॉर्ड को डेनिस क्रॉम्पटन नामक बल्‍लेबाज ने तोड़ दिया था लेकिन वूली दूसरे पायदान पर आज भी विराजमान हैं। इतना ही नहीं 1909 से 1934 के बीच उन्‍होंने इंग्लैंड के लिए 64 टेस्ट खेले। उनके नाम सबसे ज्‍यादा कप्‍तानों के साथ खेलने का रिकॉर्ड भी है, वो अपने करियर में 14 कप्‍तानों के साथ खेले। कई रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराने वाले वूली ने 2,000 से अधिक विकेट भी हासिल किए। वह एक शानदार फील्‍डर भी थे और इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विकेटकीपिंग के बगैर ही उन्‍होंने 1000 से ज्‍यादा कैच लिए। दुर्भाग्‍य की बात यह है कि अब यह खिलाड़ी हमारे बीच नहीं है, 2009 में आईसीसी की हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गए इस खिलाड़ी ने 18 अक्टूबर 1978 को अंतिम सांस ली।

    sw

    Most Popular

    Top