क्रिकेट के दिग्गज स्टार पहले नहीं बनना चाहते थे क्रिकेटर, एक घटना ने बदल दी करियर की दिशा – Sportzwiki
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क्रिकेट के दिग्गज स्टार पहले नहीं बनना चाहते थे क्रिकेटर, एक घटना ने बदल दी करियर की दिशा

  • कई बार इंसान सोचता कुछ है और होता कुछ और है. हमारे कई क्रिकेट खिलाडियों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ जिससे कि उनकी ज़िन्दगी या यूँ कहे कि करियर की दिशा ही बदल गई. आज जो क्रिकेट के दिग्गज स्टार कहे जाते हैं वह शायद क्रिकेट के स्टार न होकर किसी दूसरे खेल में अपना नाम – पहचान बनाये हुए होते अगर उनके जीवन में एक मोड़ न आता.

    आइये जानते हैं ऐसे ही टॉप क्रिकेटर खिलाडियों के बारे जो पहले अन्य खेल खेला करते थे.

    राहुल द्रविड़
    भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाडी कहे जाने वाले द्रविड़ बचपन में हॉकी खेला करते थे. राहुल ने हॉकी के खेल हो ही गंभीरता से लिया था. हाल ही में राहुल द्रविड़ ने बेंगलुरु में आयोजित एक हॉकी इवेंट के दौरान अपने बचपन का एक किस्सा साँझा किया था. उन्होंने बताया कि वह स्कूल के दिनों में हॉकी खेला करते थे और इसी में भविष्य बनाना चाहते थे. द्रविड़ ने कहा ” स्कूली दिनों में मेरे कोच चाहते थे कि मैं सेंटर हाफ पोजिशन पर खेलूं और गेम पर नियंत्रण करूं. मैंने अपने से एक साल सीनियर संदीप के साथ हॉकी खेली है. कोच मुझे कहते थे कि टीम मुझ पर आश्रित है. लेकिन मेरे सीनियर क्लास में आते ही खेल में ट्विस्ट आ गया. मेरी जगह संदीप ने ले ली. और मुझे वहां से हटा दिया गया. तब मैंने महसूस किया कि मैं हॉकी के लिए नहीं हूँ.” संदीप भारतीय हॉकी टीम के स्टार खिलाडी रहे हैं. इस तरह द्रविड़ की ज़िन्दगी में मोड़ आया और उनका करियर क्रिकेट की ओर बढ़ा.

    सचिन तेंदुलकर
    सचिन को बचपन से ही टेनिस से बड़ा लगाव था व् वे टेनिस खिलाडी बनने की ख्वाइश रखते थे. सीधे साधे से दिखने वाले सचिन बचपन में काफी शैतान थे. सचिन का ध्यान किसी और चीज में लगाने के लिए इनके बड़े भाई ने 1984 में उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया और कोच रमाकांत आचरेकर से इनकी मुलाकात करवाई. और सचिन ने गुस्से में ही क्रिकेट खेलने का फैसला कर लिए और धीरे धीरे इस और इनका बेहद झुकाव होगया जिसकी बदौलत आज हमारे बीच क्रिकेट के देवता कहे जाने वाले महान क्रिकेटर मौजूद हैं.

     

     

     

    महेंद्र सिंह धोनी
    अपने स्कूली दिनों में धोनी क्रिकेट से ज्यादा फुटबॉल खेला करते थे. लेकिन एक बार इनके फुटबॉल कोच ने इन्हे क्रिकेट टीम में खिलाड़ी कम होने पर लोकल क्लब में फॉर्मेल्टी के तौर पर क्रिकेट मैच खेलने के लिए भेजा वहां इन्होने कीपिंग की और ऐसी कीपिंग की कि फिर इन्होने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. वहीँ से इन्हे क्रिकेट अंडर-16 चैम्पियनशिप के लिए चुन लिया गया था.

    सौरव गांगुली
    सौरव फुटबॉल बहुत खेला करते थे लेकिन गांगुली की माँ उनके स्पोर्ट्स में जाने के खिलाफ थीं. बड़ा भाई बंगाल क्रिकेट टीम के लिए खेलता था और मां की डांट से बचाने के लिए वो गांगुली को अपने साथ ले जाते थे. इसके बाद सौरव ने खेल खेल में ही क्रिकेट खेलना शुरू किया,बाद में बड़े भाई ही गांगुली को क्रिकेट में लेकर आए. जिसके बाद इन्होने क्रिकेट को ही अपना सब कुछ बना लिया.

    जोंटी रोड्स
    हॉकी के एक शानदार खिलाडी रहे जोंटी का बदकिस्मती से 1992 ओलिंपिक में टीम में सेलेक्शन नहीं हो सका. इसके बाद 1996 में फिर तैयारी की लेकिन चोट के कारण टीम से हटना पड़ा शायद किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था. बाद में इन्होने क्रिकेट का रुख किया और इसी खेल में अपनी पहचान बनाई.

    एबी डिविलियर्स
    क्रिकेट के अलावा एबी डिविलियर्स हॉकी, गोल्फ, रग्बी, बैडमिंटन, स्विमिंग, टेनिस भी खेलते थे. बैडमिंटन में अंडर-17 नेशनल टीम के लिए खेल चुके हैं वहीँ हॉकी में नेशनल टीम के लिए खेल चुके हैं. लेकिन दूसरे खेलों की सीनियर टीम में न चुने जाने पर गुस्से में क्रिकेट की ओर रुख किया और अपना करियर बनाया.

    क्रिस क्रेन्स
    क्रिकेट के साथ साथ क्रिस रग्बी भी खेला करते थे. 1980 के करीब रग्बी में न्यूजीलैंड की अंडर-17 टीम में शामिल भी हुए लेकिन पिता क्रिकेटर थे तो उन्होंने क्रिस को भी क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर किया. इसी वजह से इन्हे मजबूरन क्रिकेट को अपना करियर बनाना पड़ा.

     

    sw
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