भारतीय महिला टीम के कोच ने दिया भारत को विश्वकप जीतने का मन्त्र - Sportzwiki
हॉकी

भारतीय महिला टीम के कोच ने दिया भारत को विश्वकप जीतने का मन्त्र

  • मेजबान टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शनिवार को हॉकी वल्र्ड लीग सेमीफाइनल्स का आगाज करने वाली भारतीय महिला टीम के कोच शुअर्ड मरेन का कहना है कि अच्छा प्रदर्शन और जीत हासिल करने के लिए उनकी टीम को संरचना पर अच्छे से ध्यान देने की जरूरत है।

    मरेन ने आईएएनएस के साथ साक्षात्कार में बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम की तैयारी के बारे में बात की।

    मरेन से जब पूछा गया कि मैच के दौरान खिलाड़ियों को किस चीज को ध्यान में रखना चाहिए तो उन्होंन कहा, “मैच के दौरान टीम के लिए सिर्फ एक चीज पर ध्यान देना जरूरी है और वह है संरचना। यह किसी भी मैच में जीत हासिल करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य है। इसके अलावा किसी भी कठिन परिस्थिति में खिलाड़ियों को शांत रहने की जरूरत है।”

    इस टूर्नामेंट के लिए दक्षिण अफ्रीका रवाना होने से पहले भारतीय टीम ने राष्ट्रीय राजधानी में एक सप्ताह तक प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया।

    महिला टीम की फिटनेस के बारे में कोच से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हॉकी वल्र्ड लीग सेमीफाइनल्स में खिलाड़ियों की फिटनेस का सही पता लग पाएगा, क्योंकि आप समझ सकते हैं कि इस समय पर मैं अभी टीम की स्थिति के बारे में कुछ भी नहीं कह सकता।”  कुलदीप यादव के बाद अब विराट कोहली का यह पसंदीदा खिलाड़ी भी हुआ अश्विन और जडेजा की जगह लेने को तैयार

    इस टूर्नामेंट से पहले पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए न्यूजीलैंड दौरे पर गई भारतीय टीम को 5-0 से हार का सामना करना पड़ा था। इसमें अनफोसर्ड एरर (किसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक प्रतियोगी द्वारा एक आसान शॉट पर की गई गलती) टीम की हार का मुख्य कारण थे।

    इन गलतियों में आने वाले टूर्नामेंट में किस तरह से सुधार करेंगे इस पर मरेन ने कहा, “हमें एक मजबूत खेल का प्रदर्शन करना होगा। हालांकि, मैच के दौरान इस प्रकार की गलतियां होती हैं, लेकिन हम प्रतिद्वंद्वी के क्षेत्र से दूर रहकर इन गलतियों को कम करने का प्रयास कर सकते हैं।’

    कोच ने कहा, ‘हमनें डिफेंस के मामले में पिच पर काफी मेहनत की है। हम प्रतिद्वंद्वी के क्षेत्र के बाहर किसी प्रकार का भी खतरा मोल ले सकते हैं, लेकिन उनके क्षेत्र में हमें अधिक से अधिक दूरी बनाए रखनी होगी। हमने पोजीशन पर खेलने के मामले में काफी तैयारी की है ताकि कोई भी खिलाड़ी अनावश्यक जोखिम उठाने की गलती न करे।’

    उल्लेखनीय है कि मरेन को इस साल फरवरी में हॉकी इंडिया (एचआई) द्वारा नील हॉगुड के स्थान पर महिला हॉकी टीम का नया कोच नियुक्त किया गया। इस कारण वह टीम की खिलाड़ियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

    मरेन का मानना है कि भारत इस टूर्नामेंट में अपना ही सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी है, उसे बेहतर करने के लिए खुद से लड़ना होगा।

    मरेन के मुताबिक, “हम ही अपने आप के लिए सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी हैं। इसका साफ मतलब यह है कि अगर हम खुद पर यकीन नहीं करते, तो हर टीम हमसे बेहतर होगी और हमें मात देने में सक्षम भी। हमें अपनी रणनीतियों पर ध्यान देना होगा और उन्हें बेहतर से बेहतर तरीके से लागू करना होगा। ऐसे में हमारा प्रतिद्वंद्वी कौन है, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।”  हैप्पी बर्थडे धोनी: जर्सी नंबर 7 के 7 खास रिकॉर्ड, जिनसे अधिकतर प्रसंशक अब तक है अनजान

    विश्व कप-2018 में क्वालीफाई करने के लिए इस समय पर किस क्षेत्र में महिला टीम को अधिक मेहनत की जरूरत है? इसकी सवाल की प्रतिक्रिया में कोच मरेन ने कहा, “इस बारे में मेरा जवाब देना इसलिए सही नहीं होगा, क्योंकि हमारे प्रतिद्वंद्वी भी इन चीजों को पढ़ते हैं। हालांकि, केवल प्रशिक्षण के समय ही दौड़ने का अभ्यास जरूरी नहीं है।

    उन्होंने कहा, “मैदान पर मैच के दौरान खिलाड़ियों को प्रतिद्वंद्वी टीम से आगे पूरे वेग के साथ दौड़ने की जरूरत है। अगर हम ऐसा बदलाव करने में सफल होते हैं, तो हमें मिलने वाली जीत बड़ी होगी।”  किंग्स्टन वनडे : इन ग्याराह खिलाड़ियों के साथ मैदान पर श्रृंखला जीतने उतरेंगे विराट कोहली

    sw
    Top