भारत में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई से कुछ अहम सवाल? - Sportzwiki
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भारत में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई से कुछ अहम सवाल?

  • खेल डेस्‍क। रेसलिंग इंटरटेनमेंट के इतिहास में पहली बार डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई के सुपरस्‍टार्स भारत आए हैं। प्रशंसकों को इसके शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है। नई दिल्‍ली के इंदिरा गांधी स्‍टेडियम में दो दिन तक यह इवेंट होगा। डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई की दीवानगी पहले से ही भारतीय खेल प्रेमियों के सिर चढ़कर बोलती दिख रही है। कार्यक्रम के आयोजक बता चुके हैं कि सभी टिकट बिक गए हैं और दो दिन तक यह हाउसफुल रहने वाला है। आपको बता दें कि डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई टिकट की कीमत 1699 रुपए से लेकर 17,999 रुपए तक की थी।

    डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई की लोकप्रियता को देखते हुए मन में कई सवाल उठना भी लाजमी हैं। डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई लंबे समय से स्‍पोर्ट्स इंटरटेनमेंट का बादशाह बना हुआ हैं, जिसमें एथलेटसिस्‍म और एक्‍शन का ड्रामा है। इस खेल को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है।

    प्रश्‍न : सबसे पहला सवाल यही उठा कि क्‍या यह फाइट असली है? या फिर नकली।

    विचार : 1990 के समय में तो लगता था कि यह फाइट पूरी तरह असली है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ इस डेली-सोप ड्रामा एक्‍शन और एथले‍टसिस्‍म से लबरेज की सच्‍चाई भी समझ आने लगी। फाइट की स्‍टोरी और स्‍क्रीप्‍ट पहले से ही लिखी जा चुकी होती है।

    फाइट के सभी फैसले पहले से तय रहते हैं और किसी डेली-सोप कार्यक्रम की तरह ही रेसलर्स भी एक्टिंग करते हैं। डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई और डेली सोप कार्यक्रमों में फर्क सिर्फ इतना है कि डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई में सोप और खेल दोनों का मिश्रण होता हैं।

    इसमें रेसलर्स अपनी ऊर्जा, शैली और गति से लोगों को प्रभावित करते दिखते हैं। कई चैनलों पर स्टिंग करके बताया जा चुका है कि हर एक स्‍टंट को किस तरह तैयार किया जाता है और रेसलर्स फाइट में उसका नाट्य रूपांतरण करते दिखते हैं।

    बहरहाल, इसे पूरी तरह नकली कहना जायज नहीं होगा क्‍योंकि रेसलर्स को चोट असली में लगती है। वह लंबे समय तक स्‍टेज से दूर हो जाते हैं।

    प्रश्‍न : बैमानी कर जीतने वाले रेसलर्स को क्‍यों नहीं रोकते??

    विचार : रेंडी ऑर्टन, सीथ रॉलिंस, स्‍वर्गीय एडी गर्रेनो जैसे कई एथलीट बेईमानी करके फाइट जीतने के लिए मशहूर हैं। कई रेसलर्स फाइट हारते रहते हैं, और अचानक ही रैफरी का ध्‍यान भटकाकर विरोधी रेसलर पर हमला करके फाइट जीत लिया करते हैं। डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई इसे नहीं रोकता, उसकी वजह है कि प्रशंसकों को इसमें काफी मजा आता है। दर्शकों से खचाखच भरे स्‍टेडियम में बैमानी करने वालों को लेकर अधिकतर दो गुट बनते देखे गए हैं। एक टीम विजेता का विरोध करती है, जबकि दूसरी टीम समर्थन। प्रशंसकों की इसमें रूचि देखते हुए डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई कभी नहीं चाहेगा कि कोई सख्‍त फैसला लेकर अपने प्रशंसकों को नाराज करे। संभवत: हम यह विचार कर सकते हैं कि बेईमानी करके जीतना इस खेल में लंबे समय तक मसहूर रहेगा।

    प्रश्‍न : भारत के दौरे से पहले जॉन सीना चोटिल क्‍यों हो गये?

    विचार : भारतीय प्रशंसकों को सबसे बड़ा धक्‍का अपने चहेते रेसलर जॉन सीना की चोट से लगा है। कंधे में लगी चोट के चलते वह भारत में नहीं आए हैं। मगर सवाल यह उठता है कि वह भारत दौरे से पहले ही क्‍यों चोटिल हुए? आपको बता दें कि भारत में आने को लकर सीना ने बहुत उत्‍सुकता जाहिर की थी। उन्‍होंने एक इंटरव्‍यू के दौरान कहा था, कि भारत की महान संस्‍कृति और जूनुनी प्रशंसकों का अनुभव प्राप्‍त करना चाहते हैं। कहीं दावा किया जा रहा है कि इन दिनों ज्‍यादा डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई कार्यक्रम होने के चलते रेसलर्स चोटिल हो रहे हैं। अब यह तो समय ही बताएगा कि सीना सच में चोटिल हुए या फिर…। मगर भारतीय प्रशंसकों के हाथों निराशा ही लगी है।

    प्रश्‍न : ब्रॉक लेसनर का बुजुर्ग व्‍यक्ति (अंडरटेकर) को हराकर लोकप्रिय होना कोई मायने नहीं रखता। डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई ऐसी इजाजत क्‍यों देता है?

    विचार : डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई का पूरा नाम वर्ल्‍ड रेसलिंग इंटरटेनमेंट हैं। वह हमेशा नए-नए प्रयोग करता रहा है। हाल ही में ब्रॉक लेसनर ने रेसलमेनिया में अंडरटेकर को हराकर काफी लो‍कप्रियता हासिल करना चाही। मगर इसके विपरीत सोशल मीडिया पर उनका मजाक बनाया गया और डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई पर भी तंज कसे गए। लोगों ने कहा कि बुजुर्ग एथलीट को हराकर लोकप्रिय होना मायने नहीं रखता। डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई इसकी इजाजत क्‍यों देता हैं? यह सवाल जितना बड़ा है, उसका जवाब उतना ही छोटा है। अंडरटेकर डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई का ब्रांड है, जो मरकर भी जीवित हो जाता है। उसे हराना किसी के बस की बात नहीं। आयोजकों को अंदाजा था, कि उसके हारने से प्रशंसकों की उत्‍सुकता चरम पर पहुंच जाएगी। और हुआ भी वैसा ही। डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई मनोरंजन का साधन बन गया है और वह इसे बढ़ाने के लिए यह प्रयोग जारी रखेगा।

    sw
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