यूथ ओलंपिक्स 2018: ऐसा करने वाले केवल दूसरे भारतीय शटलर बने लक्ष्य सेन

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यूथ ओलंपिक्स 2018: इतिहास रचने से चूके लक्ष्य सेन, रजत पदक से करना पड़ा संतोष 

यूथ ओलंपिक्स 2018: इतिहास रचने से चूके लक्ष्य सेन, रजत पदक से करना पड़ा संतोष

यूथ ओलंपिक्स 2018 में भारतीय शटलर लक्ष्य सेन ने भारत को यूथ ओलंपिक्स 2018 का कुल सातवाँ पदक जिताया। उन्होंने रजत पदक पर कब्ज़ा जमाते हुए भारत को अंक तालिका में कुल सात पदकों के साथ, सातवें स्थान पर पहुंचा दिया है।

यूथ ओलंपिक्स 2018: इतिहास रचने से चूके लक्ष्य सेन, रजत पदक से करना पड़ा संतोष 1

हालाँकि इस 17 वर्षीय युवा भारतीय के पास स्वर्ण जीत इतिहास रचने का सुनहरा मौका था। लेकिन वो रजत पदक जीत, यूथ ओलंपिक्स के इतिहास में रजत पदक जीतने वाले केवल दूसरे भारतीय शटलर बने।

उन्हें चीन के ली शीफेंग ने सीधे सेटों में दी मात

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चीन के ली शीफेंग का हालाँकि लक्ष्य के खिलाफ़ पुराना रिकॉर्ड ख़राब था। लेकिन सीधे सेटों में यानी 21-15, 21-19 से मात दे, चीनी खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया। चीन इस जीत के साथ, अब कुल 16 पदकों के साथ पदक तालिका में पांचवें स्थान पर बना हुआ है।

बता दें कि लक्ष्य सेन ने इसी साल एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया था। ज़ाहिर तौर पर लक्ष्य सेन भारतीय बैडमिंटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सफ़ल होंगे।

एशियाई जूनियर चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल मुक़ाबले में लक्ष्य ने इसी खिलाड़ी के खिलाफ़ जीत हासिल की थी।

इससे पहले एच एस प्रणय ने जीता था पदक

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इससे पहले 2010 में एच एस प्रणय ने 2010 यूथ ओलंपिक्स में भी रजत पदक पर ही कब्ज़ा जमाया था। उन्हें भी वह फाइनल मैच सीधे सेटों में गंवाना पड़ा था। लेकिन एच एस प्रणय, यूथ ओलंपिक्स में पदक जीतने वाले पहले भारतीय होने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके थे।

यहाँ लक्ष्य ने उस रिकॉर्ड की बराबरी तो की, लेकिन स्वर्ण जीत उसे तोड़ने में सफ़ल नहीं हो पाए।

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