इंडिया ए मैनेजमेंट क्यों नहीं लेना चाहते खिलाडियों का यो-यो टेस्ट? 1

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि टीम में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट पास करना जरूरी है. ऐसे में इंडिया A की राह अलग दिख रही है, उसने इस टेस्ट को करने से मन कर दिया है.

इस मामले से संबंध रखने वाले एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा कि इंडिया-ए को राष्ट्रीय टीम में एक सप्लाई चेन के रूप में देखा जाता है लेकिन इसके बाद भी यह टेस्ट इंडिया-ए टीम के सिस्टम का हिस्सा नहीं है.

एक सूत्र ने यो-यो टेस्ट पर बात करते हुए कहा

“नहीं, यो-यो टेस्ट इंडिया-ए टीम का हिस्सा नहीं है. यह कम से कम बीते कुछ महीनों से तो नहीं है.” इस मामले में जब इंडिया-ए के फील्डिंग कोच अभय शर्मा से बात की गई तो वह सटीक जवाब देने से बचते दिखे और उन्होंने कहा कि वह ट्रेनर की कार्यशैली में दखल नहीं देते हैं.

इंडिया ए टीम के फील्डिंग कोंच अभय शर्मा ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी-

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अभय ने दक्षिण अफ्रीका में आईएएएनस से कहा, “देखिए, आपको इस संबंध में ट्रेनर से बात करनी होगी कि ये क्यों और कैसे. यह हमारा कार्यक्षेत्र नहीं है और हम कार्यशैली में दखल भी नहीं देते है. वह लोग विशेष प्रोग्राम बनाते हैं जिनके बारे में वही आपको बता सकते हैं.”

क्या ऐसा करना कोहली और शास्त्री के उस सिस्टम के खिलाफ नहीं है जो वो टीम में लाना चाहते हैं ?

“अंदाजा लगाने के बजाए बेहतर होगा कि आप ट्रेनर से ही पूछ लें. जैसा मैंने कहा, ये हमारा कार्यक्षेत्र नहीं है.”

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राहुल द्रविड़ ने भी नहीं दिया जवाब

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इस संबंध में जब भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने न मैसेज के जवाब दिए न ही फोन का. यहां ये बताना जरूरी है कि उस समय द्रविड़ अंडर-19 और इंडिया-ए दोनों के कोच थे और उनके समय में ही यो-यो टेस्ट को हटा दिया गया थे.

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा

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इससे गंभीर सवाल खड़े होते हैं जिनका तुरंत समाधान होना चाहिए. उन्होंने कहा, “यह अच्छे संकेत नहीं हैं. फिटनेस भारतीय टीम की कार्यशैली का अहम हिस्सा है और अगर आप इसे ए टीम में ही रोक देंगे तो एक खिलाड़ी सीनियर टीम में किस स्थिति में पहुंचेगा और वह तालमेल बैठा नहीं पाएगा.”

उन्होंने आगे कहा-

“पूरी बात यह है कि इंडिया ए टीम राष्ट्रीय टीम की सप्लाई लाइन है इसी कारण खिलाड़ी जब राष्ट्रीय टीम में आएं तो मानसिक तौर पर तैयार हो कर आएं, वह ऐसा महसूस न करें कि वह अलग हैं. कोहली और शास्त्री की यो-यो टेस्ट की नीति ने गजब का काम किया है और इसी कारण टीम खेल के तीनों प्रारूपों में गजब खेल रही है.” ऐसे में यह देखना होगा कि किसने इस प्रक्रिया को रोका और क्यों. क्योंकि अगर यो यो टेस्ट में रोक लगती है तो कोहली और शास्त्री के प्रयास विफल चले जाएंगे.”

जहां एक तरफ विराट कोहली अपनी टीम में सभी खिलाडियों को पूरी तरह से फिट देखना चाहते हैं ऐसे में यदि इंडिया A इस नियम को नहीं मानता तो यह किस हद तक सही है. इंडिया A टीम को जल्द से लज्द यो यो टेस्ट को वापस टीम के लिए जरूरी बनाना होगा.