क्रिकेट के टॉप 10 कमाल के तथ्य

क्रिकेट वाकई कई आश्चर्यजनक तथ्यों से भरा एक बहुत ही मजेदार खेल है, यहाँ हम लेकर आये हैं खेल व् खिलाडियों से जुडी कुछ ऐसे ही रोमांचक बातें.

1. बंबई जिमखाना मैदान पर टेस्ट कैरियर की शुरुआत करते हुए “लाला अमरनाथ” सौ स्कोर करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने थे. इस शतक का भीड़ ने भव्य स्वागत किया और बैंड बाजे के साथ जश्न मनाया वहीँ महिलाओं की ओर से अमरनाथ पर आभूषण फेंके गए.

2. “मोहिंदर अमरनाथ” गेंद को संभालने पर आउट करार दिए जाने वाले एक मात्र भारतीय खिलाडी थे. वह 9 फरवरी 1986 को हैंडलिंग द बॉल की वजह से आउट हुए थे. वहीँ वह एक- दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में मैदान में बाधा डालने के लिए भी आउट होने वाले एकमात्र भारतीय हैं .वह हिट विकेट के कारण भी आउट हुए. दुनिया में केवल वह एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं जो अपने कैरियर में गेंद को संभालने और क्षेत्र में बाधा डालने दोनों के लिए आउट हुए.

3. भारत के एकदिवसीय विशेषज्ञ – रॉबिन सिंह ने 1998 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने कैरियर में केवल एक टेस्ट मैच खेला.वहीँ उनके हमनाम रॉबिन सिंह जूनियर जोकि एक तेज गेंदबाज था उसने 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना एक ही टेस्ट खेला.

4. इंग्लैंड में 1999 विश्व कप में जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद के साथ-साथ भारत के लिए गेंदबाजी करने वाले ओड़िया के गेंदबाज देबाशीष मोहंती का गेंदबाज़ी का तरीका काफी प्रख्यात हुआ. उस दौरान वर्ल्ड कप का लोगो इसी गेंदबाज की गेंदबाज़ी के स्टाइल पर आधारित था.

5. क्रिकेट के इतिहास में ग्लेन मैक्ग्रा एक विकेट के साथ अपने वनडे और टेस्ट करियर दोनों को समाप्त करने वाले केवल एकमात्र गेंदबाज हैं.

6. क्रिकेट सबसे पहले प्रति ओवर 4 गेंदों के साथ शुरू हुआ था फिर प्रति ओवर 5 गेंदों का हुआ बाद में 8 गेंदों का और फिर अंत में जाकर प्रति ओवर 6 गेंदों पर आकर टिका.

7. पाकिस्तानी बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ की विश्व कप के इतिहास में ये गेंदबाजी औसत (0.00 ) है. यूसुफ ने 2007 के विश्व कप में गेंदबाजी करते हुए पहली ही गेंद के साथ जिम्बाब्वे के खिलाडी क्रिस्टोफर को आउट कर दिया था.

8. इंग्लैंड क्रिकेट टीम वनडे इतिहास में केवल टीम है जो 60 ओवर का वनडे फाइनल (1979 विश्व कप )हारी थी ,50 ओवर का वनडे फाइनल (1992 विश्व कप और 2004 चैंपियंस ट्रॉफी ) भी हारी और 20 ओवर की आईसीसी टूर्नामेंटों में फाइनल भी हार गयी (2013 चैंपियंस ट्रॉफी ).

9. कपिल देव ने 16 साल के अपने कैरियर के दौरान चोट के कारण एक भी मैच नहीं छोड़ा. 184 पारी के दौरान वह कभी रन आउट भी नहीं हुए. कपिल देव के 175 * वनडे में किसी भारतीय द्वारा पहला शतक था.

10. इशांत शर्मा 21 वीं सदी में भारत के खिलाफ एक बल्लेबाज द्वारा बनाये गए सभी तीन उच्चतम स्कोर के लिए जिम्मेदार है..
एजबेस्टन 2011 – इशांत शर्मा ने एलिस्टेयर कुक का सच छोड़ा – कुक का स्कोर बना 294
सिडनी 2012 – इशांत शर्मा ने माइकल क्लार्क का कथक छोड़ा – क्लार्क का स्कोर 329 *
वेलिंगटन 2014 – इशांत शर्मा ने ब्रेंडन मैकुलम का सच छोड़ा – स्कोर बना ३०२

11. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपने रणजी करियर में केवल एक बार डक आउट हुए, भुवनेश्वर कुमार ने उनका विकेट लिया था.

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1. मुंबई जिमखाना मैदान पर टेस्ट कैरियर की शुरुआत करते हुए “लाला अमरनाथ” सौ स्कोर करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने थे. इस शतक का भीड़ ने भव्य स्वागत किया और बैंड बाजे के साथ जश्न मनाया वहीँ महिलाओं की ओर से अमरनाथ पर आभूषण फेंके गए.

2. “मोहिंदर अमरनाथ” गेंद को संभालने पर आउट करार दिए जाने वाले एक मात्र भारतीय खिलाडी थे. वह 9 फरवरी 1986 को हैंडलिंग द बॉल की वजह से आउट हुए थे. वहीँ वह एक- दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में मैदान में बाधा डालने के लिए भी आउट होने वाले एकमात्र भारतीय हैं .वह हिट विकेट के कारण भी आउट हुए. दुनिया में केवल वह एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं जो अपने कैरियर में गेंद को संभालने और क्षेत्र में बाधा डालने दोनों के लिए आउट हुए.

3. भारत के एकदिवसीय विशेषज्ञ – रॉबिन सिंह ने 1998 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने कैरियर में केवल एक टेस्ट मैच खेला.वहीँ उनके हमनाम रॉबिन सिंह जूनियर जोकि एक तेज गेंदबाज था उसने 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना एक ही टेस्ट खेला.

4. इंग्लैंड में 1999 विश्व कप में जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद के साथ-साथ भारत के लिए गेंदबाजी करने वाले ओड़िया के गेंदबाज देबाशीष मोहंती का गेंदबाज़ी का तरीका काफी प्रख्यात हुआ. उस दौरान वर्ल्ड कप का लोगो इसी गेंदबाज की गेंदबाज़ी के स्टाइल पर आधारित था.

5. क्रिकेट के इतिहास में ग्लेन मैक्ग्रा एक विकेट के साथ अपने वनडे और टेस्ट करियर दोनों को समाप्त करने वाले केवल एकमात्र गेंदबाज हैं.

6. क्रिकेट सबसे पहले प्रति ओवर 4 गेंदों के साथ शुरू हुआ था फिर प्रति ओवर 5 गेंदों का हुआ बाद में 8 गेंदों का और फिर अंत में जाकर प्रति ओवर 6 गेंदों पर आकर टिका.

7. पाकिस्तानी बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ की विश्व कप के इतिहास में ये गेंदबाजी औसत (0.00 ) है. यूसुफ ने 2007 के विश्व कप में गेंदबाजी करते हुए पहली ही गेंद के साथ जिम्बाब्वे के खिलाडी क्रिस्टोफर को आउट कर दिया था.

8. इंग्लैंड क्रिकेट टीम वनडे इतिहास में केवल टीम है जो 60 ओवर का वनडे फाइनल (1979 विश्व कप )हारी थी ,50 ओवर का वनडे फाइनल (1992 विश्व कप और 2004 चैंपियंस ट्रॉफी ) भी हारी और 20 ओवर की आईसीसी टूर्नामेंटों में फाइनल भी हार गयी (2013 चैंपियंस ट्रॉफी ).

9. कपिल देव ने 16 साल के अपने कैरियर के दौरान चोट के कारण एक भी मैच नहीं छोड़ा. 184 पारी के दौरान वह कभी रन आउट भी नहीं हुए. कपिल देव के 175 * वनडे में किसी भारतीय द्वारा पहला शतक था.

10. इशांत शर्मा 21 वीं सदी में भारत के खिलाफ एक बल्लेबाज द्वारा बनाये गए सभी तीन उच्चतम स्कोर के लिए जिम्मेदार है..
एजबेस्टन 2011 – इशांत शर्मा ने एलिस्टेयर कुक का सच छोड़ा – कुक का स्कोर बना 294
सिडनी 2012 – इशांत शर्मा ने माइकल क्लार्क का कथक छोड़ा – क्लार्क का स्कोर 329 *
वेलिंगटन 2014 – इशांत शर्मा ने ब्रेंडन मैकुलम का सच छोड़ा – स्कोर बना ३०२

11. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपने रणजी करियर में केवल एक बार डक आउट हुए, भुवनेश्वर कुमार ने उनका विकेट लिया था.

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