आईपीएल

भारत में जब कोई खिलाड़ी क्रिकेटर बनने का सपना देखता है तो वो आईपीएल में खेलने के बारें में भी सोचता है. ऐसा ही कुछ सपना 2008 में एक बॉलबॉय बने लड़के की थी. जिसे 2019 के आईपीएल नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने अपने साथ जोड़ने का फैसला किया है. मुंबई के तुषार देशपांडे ने अपने इस सफ़र के बारें में बताया है.

आईपीएल में बॉलबॉय रह चुके तुषार देशपांडे अपने सफ़र पर बोले

आईपीएल 2008

जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी उस समय मुंबई के तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे वानखेड़े स्टेडियम में बॉलबॉय थे. अब उन्हें दिल्ली कैपिटल्स के द्वारा आईपीएल का कॉन्ट्रैक्ट मिल गया है. जिसके बारें में बोलते हुए तुषार देशपांडे ने स्पोर्ट्सकीड़ा को दिए अपने इन्टरव्यू में कहा कि

” हां, मुझे चुने जाने की उम्मीद थी क्योंकि मैं पिछले दो सीजन से मुश्ताक अली में अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं और अभी मैं एक अच्छे लय में हूं और मुझे लगता है कि मैं आईपीएल की किसी भी टीम में बदलाव ला सकता हूं. इसलिए मैं उम्मीद कर रहा था और मुझे भरोसा भी था.”

नीलामी में मुश्किल से मिला था खरीददार

कौन है तुषार देशपांडे जिसने आईपीएल 2008 में बॉलबॉय से 2019 आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट पाने का सफर किया तय? 1

कौन है तुषार देशपांडे जिसने आईपीएल 2008 में बॉलबॉय से 2019 आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट पाने का सफर किया तय? 2

कोलकाता में 19 दिसंबर को हो रही नीलामी के दौरान तुषार देशपांडे को पहले चरण में किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था. जिसके कारण वो निराश थे. लेकिन जब दूसरे चरण में उनका नाम आया तो फ़ौरन दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने उन्हें अपने साथ जोड़ने का फैसला कर लिया था. जिसके बारें में बोलते हुए तुषार ने कहा कि

” जब दिल्ली ने मुझे ख़रीदा, तो मैं सीधे अपने सोफे से कूद गया और अपनी दादी को गले लगाया क्योंकि मैं चाँद पर पहुँच गया था. मुझे पिताजी ने फोन करके बताया कि मुझे दिल्ली कैपिटल्स से बोली मिली है. उस प्रतिक्रिया को शब्दों में नहीं समझाया जा सकता है.”

पहले आईपीएल सीजन पर बोले तुषार देशपांडे

कौन है तुषार देशपांडे जिसने आईपीएल 2008 में बॉलबॉय से 2019 आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट पाने का सफर किया तय? 3

जिस तरह से इस तेज गेंदबाज ने बॉलबॉय से लेकर यहाँ तक का सफर तय किया है. वो काबिलेतारीफ रहा है. अपने इस सफ़र में नजर डालते हुए तुषार देशपांडे ने कहा कि

” मैं अपने अंडर13 टीम के साथियों के साथ बॉलबॉय के रूप में आईपीएल 2008 के मुंबई के लिए जाता था. उस समय सचिन तेंदुलकर और सनथ जयसूर्या जैसे खिलाड़ी भी खेल रहे थे. उन्हें बाउंड्री रोप की दूरी से देखना हमारे लिए एक बड़ा पल हुआ करता था. यह मेरे लिए ये एक लंबा सफ़र रहा है.”