2013 का फाइनल दोहराया जा रहा है रैना

एक बार फिर से 2013 का फाइनल दोहराया जा रहा है इस साल की चैंपियन टीम का फैसला इडेन गार्डन में मुंबई और चेन्नई के बीच खेले जाने वाले मुकाबले के दोरान होगा .दो साल पहले इस मैदान में मुंबई इंडियन ने सीजन की ख़राब शुरआत करने के बावजूद ट्राफी पर कब्ज़ा किया था .वो भी अलग अंदाज़ में .

 

चेन्नई की टीम प्रतिष्ठाइतनी ज्यादा है की फाइनल में उसको हराने का मतलब है की एवरेस्ट पर चढना .मुंबई ने उस समय दिखा दिया था की उनमे नकरात्मक सोच से बढ़कर ट्राफी पर अपना नाम लिखवाने की समर्थ है .इस साल चेन्नई की टीम का दबदबा उतना नहीं है पर उनको खारिज करना बेवकूफी है फाइनल में जो 2 टीम पहुची है

 

वो निश्चित तोर पर सुपर टीम होगी और चेन्नई की टीम चाहे एक महान टीम है .चेन्नई के लोगो की तरह यह टीम चुपचाप काम करने वाली है अपनी उपलब्धीयो का ढिंढोरा नहीं पिटेगी .टीम का कप्तान वैसे तो रांची से है पर उसका स्वभाव एक चेन्नई वासी की तरह है यह टीम अपना काम पुरे पेशवर अंदाज़ में करती है ।

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