क्रिकेट सट्टे में पैसा न चुका पाने पर 21 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या

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क्रिकेट ने ली एक और युवा की जान, मात्र 21 साल की उम्र में लालच में गंवा बैठा जान 

क्रिकेट ने ली एक और युवा की जान, मात्र 21 साल की उम्र में लालच में गंवा बैठा जान

क्रिकेट अब सिर्फ खेल नहीं बल्कि लोगों के लिए जुनून बन चुका है। लेकिन जहां एक तरफ इस खेल को पूजा जाता है खिलाड़ियों को भगवान की पदवी दी जाती है वहीं कुछ लोग क्रिकेट पर सट्टा लगाते हैं और हार जाने पर बड़े कदम उठा लेते हैं। ऐसा ही एक मामला तेलांगाना में सामने आया है जहां एक 21 वर्षीय बीएससी में पढ़ने वाले छात्र ने कथित तौर पर सट्टे में लिए गए उधार को ना चुका पाने के कारण आत्महत्या कर ली है।

जानिए पूरा मामला

क्रिकेट ने ली एक और युवा की जान, मात्र 21 साल की उम्र में लालच में गंवा बैठा जान 1

4 अगस्त को 21 वर्षीय बीएससी के अंतिम साल में पढ़ रहे छात्र ने आत्महत्या कर ली। छात्र की पहचान रवि नाम से हुई है। इस मामले से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचा दिया है। इसके बाद पुलिस ने 174 के तहत मामला दर्ज किया।

सुसाइड नोट से पता चला आत्महत्या का कारण

इसके बाद पुलिस ने बताया सीआरपीसी और हमने जांच की और एसआर नगर पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर मुरली कृष्ण ने एएनआई को बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने रवि द्वारा कथित तौर पर लिखा एक सुसाइड नोट बरामद किया जिसमें सट्टे के बारे में जानकारी सामने आई थी।

कृष्णा ने कहा, “आज हमें रवि द्वारा लिखित एक सुसाइड नोट मिला है। नोट से पता चला है कि उसने एक क्रिकेट मैच पर 40,000 रुपये का सट्टा लगाया था और वह हार गया था। उसका दोस्त लगातार उससे पैसे लौटाने के लिए कह रहा था। पुलिस ने तब भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया और उसके दोस्त की पहचान की। पुलिस अधिकारी ने कहा, “रवि के दोस्त को पकड़ने के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं।”

सट्टे के चक्कर में बर्बाद हो रहे युवा

हर किसी को अमीर बनने की जल्दी है। इसलिए हर कोई इसके लिए शॉर्टकट की तलाश करता रहता है। इसी सबके बीच सट्टे का बाजार काफी तेजी से गर्म हो रहा है युवा जल्दी पैसों को डबल या अधिक करने के लिए सट्टा व जुआं खेलने की बुरी आदत का शिकार हो रहे हैं। इसमें क्रिकेट के खेलों में युवा पैसे लगाने में पीछे नहीं रह रहे हैं। लेकिन उन्हें समझना होगा कि सट्टे से उन्हें फायदा कम और नुकसान अधिक है।

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