3 मौके जब भारतीय खिलाड़ियों ने ही की भारतीय खिलाड़ी की आलोचना

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3 मौके जब भारतीय खिलाड़ियों ने ही की भारतीय खिलाड़ी की आलोचना 

3 मौके जब भारतीय खिलाड़ियों ने ही की भारतीय खिलाड़ी की आलोचना

आपने कई बार खिलाडियों को अपने विरोधी खिलाडियों की आलोचना करते हुए जरूर सुना होगा. चाहें वो ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक बल्लेबाज मैक्सवेल हों या ऑस्ट्रलियन कप्तान टिम पेन हों. मैक्सवेल ने 2016 सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजों पर स्वार्थी होने का आरोप लगाया था.

वहीं ऑस्ट्रलियाई कप्तान टिम पेन ने अपने चिर प्रतिद्वंदी खिलाड़ी बेन स्टोक्स की आलोचना करते हुए कहा था की स्टोक्स अपनी किताब बेचने के लिए वॉर्नर के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह आरोप कई दिनों तक सुर्ख़ियों में रहा था.

ये तो हुई अपने विरोधी खिलाड़ी की आलोचना लेकिन क्या आपने कभी किसी खिलाडियों को अपने ही साथी खिलाड़ी की आलोचना करते हुए देखा हैं. आज हम आपको ऐसे तीन मौकों के बारे में बताएँगे जब भारतीय खिलाड़ी ही अपने साथी भारतीय की आलोचन की है.

गौतम गंभीर-महेंद्र सिंह धोनी

गौतम गंभीर

हाल ही में एक टीवी शो को दिए इंटरव्‍यू में गौतम गंभीर ने धोनी की आलोचना करते हुए कहा था कि

‘2012 में ऑस्‍ट्रेलिया में ट्राई सीरीज थी. धोनी ने फैसला किया कि वह मुझे (गौतम गंभीर ), सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग को एक टीम में नहीं खिलाना चाहते थे. क्‍योंकि उनका ध्‍यान 2015 विश्‍व कप पर था. यह बड़ा झटका था मेरे ख्‍याल से यह किसी भी क्रिकेटर के लिए बड़ा झटका होता. मैंने किसी को 2012 में ऐसा कहते हुए नहीं सुना कि वह 2015 विश्‍व कप का हिस्‍सा नहीं होगा. मेरा हमेशा से मानना रहा कि अगर आप रन बनाते रहोगे तो फिर उम्र महज एक नंबर है.’

गौतम गंभीर-विराट कोहली

गौतम गंभीर

विराट कोहली को लेकर कई बार सवाल उठाए गए कि वह कई बार रिव्यू की मांग कर देते हैं, इसके लिए उनकी आलोचना भी हुई. वही दूसरी ओर 2011 विश्व कप फ़ाइनल के हीरो और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने विराट पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह एक अच्छे कप्तान सिर्फ इसलिए बन पाए हैं, क्योंकि उनके पीछे अनुभवी महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा रहते हैं.

गौतम गंभीर ने कहा था कि,

“विराट कोहली केवल भारत के लिए एक अच्छे कप्तान हैं क्योंकि उनके पीछे एमएस धोनी और रोहित शर्मा हैं. यदि आप कोहली के कप्तानी के बारे में बात कर रहे हैं, तो उन्होंने आरसीबी को आईपीएल का खिताब एक भी बार नहीं जिताया. अधिकांश समय उनकी टीम आरसीबी 8 नंबर पर रही.”

संजय मांजरेकर-रविन्द्र जडेजा

संजय मांजरेकर

संजय मांजरेकर ने कुछ दिनों पहले एक इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने रविंद्र जडेजा का नाम साफ तौर पर लेते हुए कहा था कि वो आधे बॉलर और आधे बैट्समैन को टीम में शामिल किए जाने के विरोधी हैं. इसकी बजाए किसी स्पेशलिस्ट बॉलर या स्पेशलिस्ट बैट्समैन को ही खिलाया जाना चाहिए. संजय ने यह टिप्पणी विश्वकप 2019 में इंग्लैंड के हाथों भारत की हार के बाद की थी.

इस पूर्व क्रिकेटर से पूछा गया था कि क्या भारत को बांग्लादेश के खिलाफ जडेजा को टीम में शामिल करना चाहिए. तब संजय ने कहा था,

“मैं जडेजा जैसे प्लेयर को इस मौके और उनके करियर के इस मुकाम पर 50 ओवर की क्रिकेट खिलाने के पक्ष में नहीं हूं. टेस्ट मैचों में वो बहुत अच्छे गेंदबाज हैं. लेकिन 50 ओवर की क्रिकेट में कोई स्पेशलिस्ट बैट्समैन या स्पेशलिस्ट बॉलर ही होना चाहिए।”

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