महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी नहीं बल्कि इन 3 कारणों से भारत हारा विश्व कप का सेमीफाइनल

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महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी नहीं बल्कि इन 3 कारणों से भारत हारा विश्व कप का सेमीफाइनल 

महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी नहीं बल्कि इन 3 कारणों से भारत हारा विश्व कप का सेमीफाइनल

आईसीसी विश्व कप 2019 में भारतीय टीम का सफर समाप्त हो गया है। लीग मुकाबलों के बाद पॉइंट्स टेबल में नंबर एक पर रहने वाली भारतीय टीम को सेमीफाइनल नंबर चार पर रहने वाली न्यूजीलैंड से 18 रनों से हार गयी है। इस मैच में हार की बड़ी वजह महेंद्र सिंह धोनी की धीमी बल्लेबाजी को माना जा रहा है। हालांकि, भारतीय पारी पर ध्यान दें तो धोनी की बल्लेबाजी नहीं बल्कि अन्य करणों से टीम को हार मिली है। आईए आपको वैसे ही 3 कारणों के बारे में बताते हैं।

3. रोहित- विराट पर अतिनिर्भरता

भारतीय टीम के हार की बड़ी वजहों में एक रोहित शर्मा और विराट कोहली की बल्लेबाजी पर अतिनिर्भरता रही। टूर्नामेंट के कुछ मैचों में केएल राहुल का बल्ला जरुर चला लेकिन ध्यान देने वाली बात है कि रोहित शर्मा ने भी उन मैचों में बड़ी पारी खेली। जिन मैचों में रोहित जल्द आउट हुए राहुल लगातार जूझते दिखे।

सेमीफाइनल में भी रोहित और विराट के आउट होने के बाद वह चलते बने। नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने आये ऋषभ पन्त से सभी को उम्मीदें थी लेकिन उन्होंने भी निराश किया। दिनेश कार्तिक और हार्दिक पांड्या की स्थिति भी कुछ ऐसी ही रही। भारत के सेमीफाइनल में हार में रोहित- विराट पर अतिनिर्भरता को दर्शाता है।

2. टीम मैनेजेमेंट के फैसले

भारतीय टीम मैनेजेमेंट टीम चयन के समय से ही गलतियाँ कर रही है। अंबाती रायडू को टीम में जगह नहीं मिलना सभी के समझ से परे फैसला था।सलामी बल्लेबाज के चोटिल होने के बाद मध्यक्रम के बल्लेबाज को टीम से जोड़ना और ऑलराउंडर को चोटिल होने के बाद सलामी बल्लेबाज को शामिल करना किसी को समझ नहीं आया।

सेमीफाइनल में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच होने के बावजूद 4 मैच में 14 विकेट लेने वाले मोहम्मद शमी को मौका नहीं मिला। भारत के विकेट पतझड़ की तरह गिर रहे थे लेकिन सबसे अनुभवी बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आये। धोनी बड़ा शॉट भी नहीं खेल सकते थे क्योंकि उनके बाद कोई बल्लेबाज नहीं था।

1. नंबर 4 की परेशानी

भारतीय टीम में नंबर 4 को लेकर पिछले कई सालों से परेशानी चल रही है। विश्व कप से पहले तक यहाँ दर्जनों खिलाड़ियों को आजमाया जा चुका था लेकिन किसी की जगह पक्की नहीं हुई थी। विश्व कप के 8 लीग मैचों में 4 अलग- अलग बल्लेबाजों ने नंबर 4 पर बल्लेबाजी की। इसमें हार्दिक पांड्या, केएल राहुल, विजय शंकर और ऋषभ पंत का नाम शामिल है।

नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए किसी भी भारतीय बल्लेबाज ने 50 का आंकड़ा नहीं छुआ। विजय शंकर के चोटिल होने के बाद चंद वनडे मैच खेले ऋषभ पन्त को यहाँ मौका मिला, जिनका वनडे औसत 25 का भी नहीं था। 4 मैचों में तीन बार पन्त पिच पर सेट हुए लेकिन अपना विकेट फेंक कर चलते बने। नंबर 4 का नहीं चलना सेमीफाइनल में भी हार की बड़ी वजह है।

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