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5 भारतीय टेस्ट बल्लेबाज जिन्होंने आईपीएल में पैसो की चकाचौंध देख खत्म कर दिया अपना टेस्ट करियर

आईपीएल की शुरुआत 23 मार्च से हो रही है। इस टूर्नामेंट ने भारतीय टीम को कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। इसमें जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, युजवेंद्र चहल जैसे नाम शामिल हैं। इसके साथ ही आईपीएल ने कई खिलाड़ियों का करियर भी खराब किया है। कई बल्लेबाज पहले शानदार टेक्निक से बल्लेबाजी करते थे, लेकिन खुद को टी-20 बल्लेबाज बनाने के चक्कर में उनकी टेक्निक काफी खराब हुई।

आईये आपको 5 ऐसे ही बल्लेबाजों के बारे में बताते हैं।

5. मनीष पांडे

भारतीय टीम के बल्लेबाज मनीष पांडे की टेक्निक काफी बेहतरीन थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में शतक बनाया था।

आईपीएल में शुरुआती दिनों में वह ज्यादा छक्के चौके नहीं लगाते थे, लेकिन बाद में ऐसा करने की कोशिश से उनकी बल्लेबाजी पर असर पड़ा। काफी मौके मिलने के बाद भारत के लिए उनका बल्ला नहीं चला और वह टीम से ड्रॉप हो गये।

4. उन्मुक्त चंद

अंडर-19 विश्व कप 2012 के फाइनल में शतक बनाकर भारत को जीत दिलाने वाले कप्तान उन्मुक्त चंद को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाता था।

उनकी बल्लेबाजी टेक्निक काफी बेहतरीन थी, लेकिन टी-20 में खुद को ढालने के लिए उन्होंने अपने खेल में बदलाव किया। उसके बाद उन्हें आईपीएल के साथ ही घरेलू क्रिकेट में भी कुछ खास नहीं कर पाए।

3. केएल राहुल

भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2014 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था। उस सीरीज के सिडनी टेस्ट में उन्होंने शानदार शतक बनाया था।

वह टेस्ट मैचों के शानदार बल्लेबाज माने जाते थे, लेकिन आईपीएल की वजह से उन्होंने अपनी टेक्निक में बदलाव किया। वह अब लगातार छक्के चौके लगते हैं और पिछले एक साल से टेस्ट मैचों में कुछ खास नहीं कर पाए हैं और यही वजह है, कि अब शायद उन्हें टेस्ट टीम में जगह ही न मिले।

2. अजिंक्य रहाणे

भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे एक समय एशिया से बाहर भारत के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज थे। उन्होंने मुश्किल पिचों पर अच्छी बल्लेबाजी की थी।

टी-20 क्रिकेट में खुद को ढालने की वजह से रहाणे की टेक्निक काफी खराब हुई है। टेस्ट मैचों में एक समय उनका औसत 50 के करीब था, जो अब सिर्फ 40 का रह गया है।

1. रोहित शर्मा

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा इस समय वनडे और टी-20 क्रिकेट में दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। लेकिन, गेंदबाजों की मददगार पिच पर वह लगातार जूझते नजर आते हैं। इसी वजह से वह टेस्ट टीम से अंदर- बाहर होते रहे हैं।

रोहित ने 2007 में जब अपने करियर की शुरुआत की तो उनकी बल्लेबाजी टेक्निक की तुलना राहुल द्रविड़ से होती थी लेकिन अब रोहित हिटमैन हैं और मुश्किल परिस्थति में रन बनाने में जूझते नजर आते हैं।

 

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