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पांच ऐसे खिलाड़ी जो क्रिकेट में अपने पिता से ज्यादा प्रसिद्ध और सफल रहे 

पांच ऐसे खिलाड़ी जो क्रिकेट में अपने पिता से ज्यादा प्रसिद्ध और सफल रहे
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क्रिकेट के इतिहास में कितने ही ऐसे मौके आये है जब एक साथ दो भाइयो ने अपने-अपने देश के लिए क्रिकेट खेला हों. इनमे सबसे ज्यादा प्रसिद ऑस्ट्रेलिया के (स्टीव वॉ और मार्क वॉ) तथा चैपल ब्रदर्स (इयान, ग्रेग और ट्रेव्रोर) शामिल है. सिर्फ भाईयों की ही नहीं बल्कि पिता और पुत्र की जोड़ीयां भी इस खले में काफी प्रसिद्ध है. जिनमे सबसे ज्यादा प्रसिद्ध भारत के सुनील गावस्कर और रोहन गावस्कर की जोड़ी है.

आइये अब एक नज़र डालते है उन पिता और पुत्र की जोड़ीयों पर जहाँ पुत्र ने अपने पिता से ज्यादा प्रसिद्धि हासिल की है. वैसे कुछ खिलाड़ी ऐसे भी है जिनमे उनके पिता आज भी अपने बेटों से ज्यादा सफ़ल है उनमे भारत के रॉजर बिन्नी और उनके बेटे स्टुअर्ट बिन्नी का नाम आते है, रॉजर बिन्नी ने भारत के लिए खेलते हुए काफी नाम कमाया यही नही वो 1983 के वर्ल्ड कप में ”मेन ऑफ द टूर्नामेंट” भी बने थे, जबकि दूसरी तरफ़ स्टुअर्ट बिन्नी आज भी टीम इंडिया में अपनी जगह नही बना पाए है. ऑस्ट्रेलिया के लिए भी जेफ़ मार्श तथा उनके दोनों बेटे भी अपनी राष्ट्रिय टीम के खेले शॉन मार्श और मिचले मार्श आज भी टीम के लिए अच्छा खेल रहे है.

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अब एक नज़र डालते है बाकी पिता पुत्र की जोड़ीयों पर जिनमे पिता पर भारी पड़ गए उनके बेटे-

1) वाल्टर हेडली और रिचर्ड हेडली 

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न्यूजीलैंड के पिता-पुत्र की जोड़ी वाल्टर हेडली और रिचर्ड हेडली. रिचर्ड हेडली अपने समय के सबसे तेज और शानदार गेंदबाज थे. टेस्ट क्रिकेट में रिचर्ड हेडली सबसे पहले गेंदबाज है जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट लिए है. यही नही अपने टाइम में वो काफी हार्ड हिटिंग बल्लेबाज भी थे. उनके नाम अपने टाइम के महान ऑलराउंडर्स में भारत के कपिल देव, पाकिस्तान के इमरान खान और इंग्लैंड के इयान बोथम के साथ जोड़ा जाता था.

हेडली ने अपने करियर का सबसे बढ़िया प्रदर्शन ब्रिस्बेन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में 15 विकेट लेकर किया था. संन्यास के बाद हेडली ने न्यूजीलैंड के क्रिकेट के लिए बहुत कुछ किया वो राष्ट्रिय टीम के बोर्ड के चेयरमैन भी रहे.

जबकि उनके पिता वाल्टर हेडली ने अपने देश के लिए सिर्फ 11 टेस्ट मैच खेले बातोर खिलाड़ी वो ज्यादा कुछ नही कर पाए जबकि एक कार्यकारी के तौर पर उन्होंने कीवी क्रिकेट को बहुत कुछ दिया.

हेडली ने टीम के लिए 1937 में इंग्लैंड दौरे से खेलना शुरू किया था और मार्च 1951 में अपना आख़िरी मैच खेला था. 2006 में 91 वर्ष की आयु में वाल्टर हेडली का देहांत हो गया था.

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