खेल डेस्‍क, भारत में क्रिकेट अन्‍य खेलों से सबसे ज्‍यादा लोकप्रिय खेल है। क्रिकेट में करोड़ो प्रशंसक हैं जो मैच देखने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। इसी कड़ी में टीम इंडिया के इतिहास में ऐसे कई क्रिकेटर हुए हैं जिन्‍होंने बहुत बढि़या प्रदर्शन किया। लेकिन कई साल बाद  भी वे टीम इंडिया में दुबारा जगह बनाने में नाकामयाब रहे।

आईए जानते हैं ऐसे ही पांच क्रिकेटरों को :

सदानंद विश्‍वनाथ

सदानंद विश्‍वनाथ 80 के दशक में टीम इंडिया के एक सबसे बेहतरीन विकेटकीपर में से एक थे। उन्‍होंने 1984 में नागपुर टेस्‍ट में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 23 रन नाबाद रहकर बनाए और टीम को जिताने में अहम भूमिका भी निभाई थी। विश्‍वनाथ ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 1985 में खेली गई सीरीज में भी बेहतरीन विकेटकीपिंग की थी। हालांकि इसके बाद सदानंद विश्‍वनाथ टीम इंडिया से धीरे धीरे बाहर होते गए और अंतत: टीम ने उन्‍हें भुला भी दिया।

नरेंद्र हिरवानी

नरेंद्र हिरवानी ने 1988 में चेन्‍नई में वेस्‍टइंडीज के खिलाफ पदार्पण किया था। हिरवानी टीम इंडिया के एक बेहतरीन स्पिन गेंदबाज माने जाते थे। उन्‍होंने अपने पहले ही पदार्पण मैच में 147 रन पर पांच विकेट लिए थे। एक बार टीम इंडिया के चेतन शर्मा से नरेंद्र हिरवानी ने कहा था कि मैं कल विवियन रिचर्ड्स को आउट कर दूंगा। अगले दिन जब मैच शुरु हुआ तो वाकई में हिरवानी ने विवियन को आउट कर दिया था। हालांकि अगर अब कोई नरेंद्र हिरवानी के बारे में पूछे तो शायद ही लोगों को उनके बारे में पता होगा।

टीम इंडिया के ये पांच सितारे जो जिनका प्रदर्शन शानदार रहा लेकिन प्रसंशक उन्हें भूल गये 1

 

ऋषिकेश कानितकर

90 के दशक में ऋषिकेश कानितकर ने अपने छोटे से करियर में भारत के बेहतरीन बल्लेबाजों में शुमार थे। लेकिन दो टेस्ट और 34 वनडे मैचों के बाद उन्हें भुला दिया गया। वनडे में उन्‍होंने कुल 339 रन और टेस्‍ट में 74 रन बनाए थे। एक मैच में जब टीम इंडिया को अंतिम दो गेंदो में जीत के लिए तीन रनों की जरूरत थी तो उन्‍होंने चौका मारकर जीत दर्ज कर ली थी।

राजेश चौहान

वर्तमान समय में शायद ही कोई प्रशंसक राजेश चौहान के बारे में जानता होगा। राजेश वेंकटपति राजू और अनिल कुंबले के साथ 90 के दशक के भारत के तीसरे विशेषज्ञ स्पिनर थे। उन्होंने अपने करियर में 47 टेस्ट और 29 वनडे विकेट हासिल किए थे।

जोगिंदर शर्मा

जोगिंदर शर्मा के बारे में शायद ही किसी को बताने की जरूरत है। जिसने भी टी-20 विश्‍व कप 2007 देखा होगा वह जोगिंदर शर्मा को आसानी से जान जायेगा। जोगिंदर ने उस समय फाइनल मैच में अ‍ंतिम ओवर डालकर मिस्‍बाह को आउट किया था। जोगिंदर इसके बाद रातों रात हीरो बन गए लेकिन शायद उनके किस्‍मत में कुछ और ही लिखा था कि उसके बाद वो टीम इंडिया में लगातार खेल नहीं सके और अब तो पूरी तरह से जोगिंदर बाहर हैं।

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