ये है  वो 5 कारण जो बताते है, कि भारत है टी-ट्वेंटी विश्वकप का प्रबल दावेदार

मार्च में होने वाले टी-ट्वेंटी विश्वकप के लिए भारत सबसे मजबूत टीम है. भारतीय टीम मे काफी संतुलन है, साथ ही धोनी जैसा अनुभवी कप्तान भी है. हाल में हुई ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया में श्रृंखला मे 3-0 की बड़ी जीत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है.
ऐसे 5 कारण जिससे लगता है भारत जीत सकता है टी-ट्वेंटी विश्वकप.

मजबूत बल्लेबाज़ी क्रम
भारत के पास बहुत मजबूत बल्लेबाज़ी क्रम है जो की किसी भी गेंदबाज़ी को नष्ट करने में सक्षम है. पिच भारतीय बल्लेबाजों के अनुकूल होगी, भारत के पास सलामी जोड़ी के रूप में रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ है, साथ ही मध्यक्रम में कोहली, रैना, युवराज जैसे बल्लेबाज़ है जबकि अंतिम ओवेरो में तेजी से रन बनाने के लिए धोनी और पंड्या है. भारतीय टीम में योग्यता है कि वो बड़े लक्ष्य को आसानी से हासिल सके.

भारतीय स्पिनर्स के अनुकूल होगी पिच
भारत के पास स्पिनर्स गेंदबाजो के रूप में अनुभवी रविचन्द्र  आश्विन और रविन्द्र जडेजा है जो विपक्षी टीम के बल्लेबाजो पर लगाम लगाने में माहिर है. अगर पिच भारतीय स्पिनर्स के अनुकूल हुई तो भारतीय स्पिनर्स किसी भी बल्लेबाज़ को दवाब में डाल सकते है. भारत की स्पिनर्स भी विश्वकप की जीत में अहम भूमिका निभा सकते है.

दर्शको का समर्थन
घरेलु मैदान पर खेलना हमेशा ही भारतीय टीम को रास आता है जिसके पीछे कारण है घरेलू दर्शको का समर्थन. घरेलू सरजमी पर 2011 एकदिवसीय विश्वकप जितना भारतीय टीम और देश के लिए गर्व की बात थी. भारतीय दर्शक काफी भावुक होते है क्रिकेट के प्रति, यदि भारतीय टीम 2011 का करिश्मा दोहराने में कामयाब होती है तो क्रिकेट प्रेमियों के लिए इस से अच्छी ख़ुशी की बात क्या हो सकती है. भारतीय क्रिकेट प्रेमी भारतीय क्रिकेटर को बहुत प्रेम करते है और मैदान मे भारी संख्या में भारत को समर्थन करने आते है.

एमएस धोनी का अनुभव 
भारतीय टीम के कप्तान एमएस धोनी में ये क़ाबलियत है, कि बड़े प्रतियोगिता में टीम से अच्छा प्रदर्शन करा सके. धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में टी-ट्वेंटी विश्वकप, 2011 में एकदिवसीय विश्वकप और 2013 में चैंपियन ट्राफी जीती है, दवाब में शांत रहने में माहिर धोनी विश्व के एक मात्र कप्तान है, जिसकी कप्तानी में टीम ने सब ICC प्रतियोगिता जीती है. ऐसे में भारत के लिए 2016 टी-ट्वेंटी विश्वकप के लिए धोनी का अनुभव बहुत काम आयेगा.

बेहतरीन फील्डिंग 
भारतीय टीम की फ़ील्डिंग लाजवाब है, भारत के पास रैना, कोहली, जडेजा, रोहित, रहाने और पंड्या जैसे फील्डर है, जो अपनी फील्डिंग से  टीम के लिए 10-15 रनों का योगदान देते है. एक तरह के शानदार फ़ील्डर अपनी फील्डिंग से टीम की जीत मे अहम भूमिका निभा सकते है.         



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