हार्दिक पंड्या
India's Hardik Pandya (L) celebrates with captain Mahendra Singh Dhoni after the wicket of South Africa's David Wiese during the World T20 warm-up match between India and South Africa at the Wankhede cricket stadium in Mumbai on March 12, 2016. / AFP / PUNIT PARANJPE (Photo credit should read PUNIT PARANJPE/AFP/Getty Images)

7 जुलाई को एमएस धोनी अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं. वह फिलहाल विश्व कप 2019 में खेल रहे हैं और उनके संन्यास की अटकले भी लगाई जा रही है.  एमएस धोनी ने साल 2007 से लेकर साल 2016 तक भारतीय टीम की कप्तानी की और उन्होंने अपनी कप्तानी से भारतीय टीम को कई शानदार यादगार जीत दिलाई.

उन्हें दुनिया के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक माना जाता है. आज हम आपकों पांच ऐसे कारण बताने वाले हैं. जिनके चलते कहा जा सकता है, एमएस धोनी अन्य कप्तानों से बिल्कुल अलग थे.

जोखिम उठाने से नहीं डरते थे धोनी

5 कारण क्यों एमएस धोनी दुनिया के अन्य कप्तानो से रहे हैं बिलकुल अलग 1

एमएस धोनी की कप्तानी में ख़ास बात यह थी, कि वझ जोखिम उठाने से कभी नहीं डरते थे. उनके द्वारा टी-20 विश्व कप में उठाये गए जोखिम की वजह से ही भारत पहला टी-20 विश्व कप जीतने में सफल रहा था.

दरअसल, धोनी ने जोखिम उठाकर जोगिंदर शर्मा को गेंदबाजी दी थी और हरभजन सिंह से गेंदबाजी नहीं कराई थी. जोगिंदर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारतीय टीम को जीत दिला दी थी.  उनके जोखिम भरे फैसलों ने कई बार भारतीय टीम को सफलता दिलाई थी, जबकि अन्य कप्तान क्रिकेट को सिंपल रखते हैं और जोखिम उठाने से घबराते हैं.

आलोचनाओं को नहीं होने देते थे अपने आप पर हावी

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धोनी की कप्तानी की ख़ास बात यह भी थी, कि वह आलोचनाओं को अपने आप में हावी नहीं होने देते थे. कई बार उनकी कप्तानी की आलोचना भी हुई है, लेकिन हमेशा ही अपनी कप्तानी को लेकर सकरात्मक रहे हैं और आगे बढ़कर उन्होंने टीम की अगुवाई की है.

अन्य कप्तान अपनी हो रही आलोचनाओं से परेशान होकर कप्तानी छोड़ देते थे, लेकिन धोनी की कई बार आलोचना हुई, लेकिन उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला नहीं किया. उन्होंने तब भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ी, जब वह खुद कप्तान नहीं रहना चाहते थे.

हमेशा कप्तानी करते हुए रहते थे कूल

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दुनिया के कई कप्तानों को अपने खिलाड़ियों द्वारा की गई मिस फील्डिंग पर गुस्सा करते हुए देखा गया है, लेकिन एमएस धोनी एक ऐसे कप्तान थे, जो मैदान पर हमेशा ही कूल रहते थे. उन्हें फील्डरों पर गुस्सा करते हुए नहीं देखा जाता था. वह मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में काफी शांत दिखते थे, इसलिए उनका नाम भी ‘कैप्टन कूल’ पड़ गया था.

आईसीसी के तीनों इवेंट जीतने वाले अकेले कप्तान

महेंद्र सिंह धोनी

आपकों यह भी बता दें, कि एमएस धोनी ने आईसीसी के तीनों बड़े इवेंट जीते हैं. उनकी कप्तानी में भारत ने साल 2007 का टी-20 विश्व कप जीता था. वहीं साल 2011 का वनडे विश्व कप जीता था. धोनी की कप्तानी में भारत ने साल 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती थी.

एमएस धोनी दुनिया के एकमात्र ऐसे कप्तान है, जिन्होंने आईसीसी के तीनों बड़े इवेंट जीते हैं. यह बात भी उन्हें और कप्तानों से बिल्कुल अलग बनाती है.

प्रजेंस ऑफ़ माइंड

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एमएस धोनी का प्रजेंस ऑफ़ माइंड बहुत गजब का है. ऐसे प्रजेंस ऑफ़ माइंड दुनिया के अन्य कप्तानों में बहुत कम देखने को मिला है. कई बार उन्हें विकेट के पीछे प्रजेंस ऑफ़ माइंड का इस्तेमाल करते हुए देखा गया है.

वह बिना स्टंप में देखें, कई बार निशाना लगा देता हैं और कई बार ऐसी स्टंपिंग करते हैं. जिसे बल्लेबाज भी हैरान हो जाता है. वह अन्य कप्तानों से हमेशा एक कदम आगे रहते हैं.

vineetarya

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