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ऑस्ट्रेलिया से आखिरी मुकाबला जीतना है, तो टीम इंडिया को करना होगा ये 5 सुधार 

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में करारी हार झेल चुकी टीम इंडिया के पास कैनबरा में सम्‍मान बचाने का एक सुनहरा मौका था, लेकिन उस पर पानी फिर गया. अब इस सीरिज का सिर्फ एक मैच बचा है, जिसे भारतीय टीम को जीतना जरूरी हो गया है. इसलिए भारतीय टीम को पिछली गलतियों से सीख लेते हुए, सिडनी वनडे में उतरना होगा. ऐसे में टीम इंडिया को सिडनी मैच जीतने के लिए 5 सुधार करने की जरूरत है.
1.बल्लेबाज निभाएं अपनी ज़िम्मेदारी:

टीम इंडिया की ओर से 349 रन के लक्ष्य का पीछा करने के दौरान दो शतक (विराट कोहली-106 और शिखर धवन-126) लगे, लेकिन दोनों ही शतकवीर बल्लेबाजों ने विकेट फेंक दिए. खास बात यह कि सीरीज में पहली बार वे 100 से काफी अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे थे और टीम की जीत सुनिश्चित थी.

लेकिन अगर ये खिलाड़ी आउट ही हो गये थे, तो निचले क्रम के बल्लेबाजों धोनी, गुरकीरत और ऋषि धवन को टीम को जीत तक ले जाने का बचा हुआ काम पूरा करना चाहिए था.

2. ऑलराउंडर खुद को करें साबित:

कप्तान एमएस धोनी ने शुरुआती मैचों में ऑलराउंडर के रूप में शामिल किए गए गुरकीरत और ऋषि धवन को मौका नहीं दिया था. इस पर आलोचकों ने उन्हें निशाने पर लिया था. पिछले मैचों में इन आलराउंडरों के पास खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका था. लेकिन इन दोनों ने ये मौका गवां दिया. लेकिन अब अंतिम मैच में अगर उन्हें टीम में जगह मिलती है, तो उन्हें खुद को साबित करना पड़ेगा. ये बात रवींद्र जडेजा पर भी लागू होती है. क्योंकि वह भी टीम में आलराउंडर के तौर पर खेलते हैं.

3. मैच फिनिश करें धोनी:

कप्तान एमएस धोनी से ‘फिनिशिंग टच’ की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने बीते मैच में एक बार फिर निराश किया.

दरअसल क्लोज मैचों में टीम इंडिया को मिली अधिकांश जीत में धोनी की अहम भूमिका रही है. ऐसे में धोनी को भारतीय पारी को अंत में अपने कंधे का सहारा देना होगा.

गेंदबाज यार्कर डालें:

भारतीय गेंदबाजों को सीरीज में पहली बार पहले गेंदबाजी का मौका मिला. सभी गेंदबाजों ने दिशाहीन गेंदबाजी करते हुए जमकर रन लुटाए. इससे ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 348 रन का विशाल स्कोर बना लिया.

ऐसे में भारतीय कप्‍तान एमएस धोनी की परेशानी समझी जा सकती है. साथ ही अभी तक स्लॉग ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने यार्कर डालने की कोशिश की है. जो चौंकाने वाली बात है. सिडनी में आश्विन के साथ टीम इंडिया मैदान में उतर सकती है.

5. अंतिम 10 ओवरों में प्रदर्शन सुधारें

भारतीय टीम चाहे फील्डिंग कर रही हो या बैटिंग टीम कि स्थिति अंतिम 10 ओवर में खराब हो जाती है. इस वजह से टीम अपना लय खो देती है. जिससे जीता हुआ मैच टीम हारती रही है. ऐसे में टीम को मैच की दोनों पारियों में अंतिम 10 ओवर में अपने प्रदर्शन को सुधारे.  

 

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