5 दिग्गज क्रिकेटर जो अपनी कप्तानी के दौरान हुए बुरी तरह से फेल 1
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क्रिकेट के मैदान पर बतौर कप्तान एक टीम का नेतृत्व करना वाक़ई में एक खिलाड़ी के क्रिकेट करियर का बेहद अहम पड़ाव होता है. अभी तक क्रिकेट की तारीख में कई ऐसे महान कप्तान हुए हैं जिनकी कप्तानी में टीम काफ़ी ऊपर तक पहुंची. लेकिन लीडरशिप की स्किल हर खिलाड़ी में नहीं होती.

कई ऐसे महान क्रिकेटर भी हुए जिन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी या फिर ऑलराउंडर  प्रदर्शन के दम पर क्रिकेट जगत में खूब नाम कमाया. लेकिन इन महान खिलाड़ियों को जब कप्तानी सौंपी गई तो इन खिलाड़ियों की खेल में लगातार गिरावट आई. जिस वजह से बतौर कप्तान और खिलाड़ी,  दोनों ही तरह से ये खिलाड़ी फ़्लॉप साबित हुए.

यहाँ हम आपको 5 ऐसे ही क्रिकेटर्स के बारे में जिनको कप्तानी कुछ ज़्यादा रास नहीं आई और क्रिकेट में एक गिरावट देखने को मिली.

सचिन तेंदुलकर

फ़्लॉप कप्तान सचिन

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर को निर्विरोध दुनिया का एक बेहतरीन बल्लेबाज़ माना जाता है. अपनी शानदार बल्लेबाज़ी के दम पर पूर्व महान भारतीय बल्लेबाज़ तेंदुलकर ने करोड़ो क्रिकेट प्रेमियों  का दिल जीता. बल्लेबाज़ी का लगभग हर रिकॉर्ड उनके नाम है.

लेकिन सचिन तेंदुलकर को जब भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई तो उनकी बल्लेबाज़ी की धार में तेज़ी से गिरावट आई. उनको 2 बार भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई. पहली बार 1996 और दूसरी बार 1999-2000 जो कि शायद सचिन और भारतीय क्रिकेट के लिए एक सबसे बुरा दौर था. लिटिल मास्टर ने भारत के लिए 25 टेस्ट में कप्तानी करते हुए केवल 4 मैच जीते, वहीं 73 वन-डे में वो केवल 23 ही मैच जीत सके.

तीसरी बार राहुल द्रविड़ के कप्तानी छोड़ने के बाद सचिन को बोर्ड ने कप्तानी ऑफ़र की लेकिन उन्होंने इनकार  कर धोनी को इस पद के लिए बेहतर विकल्प बताया.

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