'सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स' की वो 8 ऐसी बातें जो सचिन के सच्चे समर्थक भी नहीं जानते | Sportzwiki Hindi

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‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ की वो 8 ऐसी बातें जो सचिन के सच्चे समर्थक भी नहीं जानते 

‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ की वो 8 ऐसी बातें जो सचिन के सच्चे समर्थक भी नहीं जानते

क्रिकेट के भगवान और भारत रत्न सचिन रमेश तेंदुलकर की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स‘ बड़े पर्दे पर रिलीज़ कर दी गई हैं. क्या आम, क्या ख़ास सभी सचिन तेंदुलकर की फिल्म का बड़ी ही बेसब्री के साथ इंतजार कर रहे थे. 26 मई को सभी का एक लम्बा इंतजार समाप्त हो गया और एक बार पूरा भारत वर्ष ”सचिन….. सचिन……” के नाम के नारे लगाने लगा.   इस भारतीय खिलाड़ी की पत्नी है सबसे खुबसूरत, इनकी लव स्टोरी भी किसी बॉलीवुड कहानी से कम नहीं

‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ देखने के बाद सभी को अपने और सचिन तेंदुलकर के करियर के पुराने दौर की यादें ताज़ा हो गयी. सभी को एक बार फिर से वही अनमोल पल जीने को मिल गये. फिल्म में सचिन के क्रिकेट के खेल के प्रति बेइंतहा प्यार और इश्क को दर्शाया गया हैं.

किस तरह सचिन ने 1983 में देश के लिए विश्व कप जीतने का सपना देखा और अपने उस सपने को पूरा करने के लिए 24 सालों तक बेजोड़ मेहनत की. ‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ में कई लम्हें और दर्शय ऐसे भी हैं, जिन्हें देखने के बाद बेहद ज्यादा भावुक हो पड़ेगे और आपकी आँखे अपने आप ही नम हो जायेंगी.

‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ देखने के बाद कई ऐसी बात सामने आई, जिनके बारे में वाकई में पहले किसी ने भी नहीं सुना था. इस लेख के माध्यम से हम उन्ही कुछ बातों पर आपकी नज़र डालेंगे.   सचिन की बायोपिक में नज़र आयेंगे सचिन का सबसे बड़ा सपना पूरा करने वाले भारतीय कप्तान.

आइये डालते हैं, एक नज़र ‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ के 8 ऐसे तथ्यों पर जिन्हें पढने के बाद आप भी कहेंगे, कि सचिन बनाना हर किसी के लिए आसान बात नहीं हैं……..

1 . सचिन के पिता चाहते थे एक क्रिकेटर से अच्छे इंसान बने सचिन 

रमेश तेंदुलकर के लिए चित्र परिणाम

सचिन तेंदुलकर के पिता रमेश तेंदुलकर एक मराठी प्रोफेसर थे. ‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ की शुरुआत में सचिन ने खुद इस बात को बताया, कि  उनके पिता ने एक बार उनसे कहा था, कि ”तुमने क्रिकेट को चुना हैं, लेकिन आखिर में तुम्हारे साथ जो बात रहेगी वो यह रहेंगी, कि तुम इंसान कैसे हो और मुझे इस बात से ख़ुशी मिलेंगी अगर तुम एक बेहतर इंसान बन सको.”

2 . माँ से नहीं, बल्कि अपने बड़े भाई नितिन से डरते थे सचिन 

नितिन और सचिन तेंदुलकर के लिए चित्र परिणाम

‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ में यह साफतौर पर दिखाया गया हैं, कि सचिन अपने घर में अपनी माँ या अन्य किसी से नहीं, बल्कि अपने बड़े भाई नितिन से डरते थे. फिल्म के एक सीन में जब सचिन घर के बाहर अपने दोस्तों के साथ खेल रहे होते हैं, तब उनकी माँ उन्हें आवाज देकर पुकरती हैं, लेकिन उनकी आवाज पर बिलकुल भी ध्यान नहीं देते. मगर जब उनके बड़े भाई नितिन सचिन को आवाज लगाते और कहते हैं ‘सचिन…’ वैसे ही सचिन तुरंत घर की और भाग पड़ते हैं.

सचिन ने खुद कहा हैं, कि ”मैं अपनी माँ से नहीं डरता था, लेकिन मुझे नितिन का खोफ रहता था.”

3 . बहन सविता ने दिया था पहला बैट 

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सचिन तेंदुलकर को उनके जीवन का सबसे पहला बैट उनकी बड़ी बहन सविता ने गिफ्ट किया था. सविता यह बैट कश्मीर से सचिन के लिए एक तोहफे के रूप में लाई थी. वैसे तो सचिन ने अनेकों बैट से क्रिकेट खेला और अनेक कीर्तिमान विश्व क्रिकेट में स्थापित किया. यही नहीं 100 शतक भी लगाये, लेकिन यह बैट तो कुछ ख़ास ही रहा.  मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने इन्स्टाग्राम पर पोस्ट की एक ऐसी तस्वीर, कि देखकर भावुक हो जायेंगा आप

4 . नेट्स से दूर रहे आचरेकर, तब जाकर सचिन बने सचिन 

सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स के लिए चित्र परिणाम

रमाकांत आचरेकर इनका सचिन के जीवन में बहुत बड़ा हाथ रहा हैं. सचिन तेंदुलकर के पहले कोच थे रमाकांत आचरेकर. आचरेकर सर के पास सचिन को उनके बड़े भाई अजित लेकर गये थे. जब पहली बार अजित सचिन को आचरेकर सर के पास लेकर गये तो, सचिन अपनी बल्लेबाज़ी से उन्हें प्रभावित नहीं कर पाए.

जिसके बाद अजित ने आचरेकर जी से कहा, कि सचिन अच्छा खेलता हैं, लेकिन इस समय वह आपको देखकर काफी नर्वस हो रहा हैं. आप थोड़ी देर के लिए नेट्स से दूर चले जाइए. जब सचिन ने देखा, कि नेट्स के पास आचरेकर सर नहीं हैं, तो सचिन खुलकर बल्लेबाज़ी करने लगे और दूर खड़े आचरेकर भी सचिन की बल्लेबाज़ी से ख़ासा प्रभावित हो रहे थे.

कोचिंग के दौरान आचरेकर सर सचिन को एक मैदान से दूसरे मैदान लेकर जाया करते थे, ताकि सचिन को ज्यादा से ज्यादा अभ्यास और खेलने का मौका मिले. यही नहीं अभ्यास के दौरान सचिन के आस पास 80 फील्डर रहा करते थे. सचिन का काम उनके आउट होने से बचना और ग्राउंड शॉट खेलना का होता था.

5 . बॉलर चाची ने कराई बैकफुट डिफेन्स की तैयारी 

सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स के लिए चित्र परिणाम

चूँकि सचिन के घर से आज़ाद मैदान काफी दूर पड़टा था, इसलिए उनके घरवालों ने यह फैसला लिया, कि अब सचिन अपनी चाची के घर पर ही रहेंगे, क्योंकि उनका घर मैदान के बेहद करीब थाअपने परिवार के साथ इस तरह मनाया क्रिकेट के भगवान ने अपना 44 वां जन्मदिन

फिल्म में दिखाया गया हैं, कि सचिन अपनी चाची मंगला तेंदुलकर को उन्हें अभ्यास कराने के लिए कहा करते थे. उनके चाची उन्हें गेंदबाज़ी किया करती थी और सचिन अपने बैकफुट शॉट में सुधार किया करते थे.

6 . 2 बजे लंदन में मिली पिता के ना रहने की खबर 

सचिन तेंदुलकर के पिता का निधन के लिए चित्र परिणाम

1999 में भारतीय टीम मोहम्मद अज़हरूद्दीन की कप्तानी में विश्व कप खेलने गयी थी. सचिन का यह तीसरा विश्व कप था. मगर ज़िम्बाब्वे के खिलाफ मैच से ठीक एक रात पहले रात के करीब दो बजे अंजलि सचिन से मिलने उनके होटल पहुंची.  सचिन अचानक से उनको देखकर चौंक गये. बाद में अंजली ने उनके उनके पिता के देहांत के बारे में बताया.

जिसके तुरंत बार सचिन अंजलि के साथ मुंबई के लिए रवाना हो गये. मगर पिता के अंतिम संस्कार के बाद घरवालो के कहने पर सचिन एक बार फिर से लंदन विश्व कप खेलने के लिए आ गये और टीम के साथ जुड़ गये.

7 . अंजलि और सचिन की प्रेम कहानी 

'सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स' की वो 8 ऐसी बातें जो सचिन के सच्चे समर्थक भी नहीं जानते 2

बात 1990 की हैं,जबा भारतीय टीम इंग्लैंडके दौरे पर से वापस आ रही थी. उस समय सचिन तेंदुलकर देश के लिए सबसे कम उम्र में शतक गाने वाले खिलाड़ी बने थे. अंजलि तब एयरपोर्ट पर अपनी माँ को लेने पहुंची थी. तबी अंजलि की नज़र सचिन पर पड़ी और उनके सचिन बहुत ज्यादा क्यूट लगे और तभी से अंजलि सचिन को पसंद करने लगी.

यही नहीं जब भी सचिन की फोटो अख़बार में आती वह उसे काट कर अपनी टेस्ट बुक में लगा देती और जब भी टेस्ट बुक ओपन करती तब सबसे पहले सचिन की तस्वीर देखने को मिलती थी.

8. अर्जुन की तारीफ से खुद को और दूसरो को रोकते हैं सचिन

सचिन और अर्जुन के लिए चित्र परिणाम

सचिन तेंदुलकर अपने बेटे अर्जुन के बेहद करीब हैं. अंडर 16 में शतक लगाने के बाद अर्जुन पहली बार चर्चा में आये. तब सचिन अपने बेटे को लेकर काफी जागरूक रहते थे और सभी को उनकी तारीफ करने से रोकते थे. अर्जुन के शतक लगाने के ठीक एक दिन बाद मशहुर पत्रकार बोरिया मजुमदार सचिन के घर पर आये और अर्जुन की तारीफ सचिन के सामने करने लगे, लेकिन सचिन ने उन्हें रोक दिया और कहा, कि अर्जुन के सामने बिलकुल भी उसकी तारीफ मत करना.

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